2 शमूएल 22:20 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

उसने मुझे निकालकर चौड़े स्थान में पहुँचाया; उसने मुझ को छुड़ाया, क्योंकि वह मुझसे प्रसन्‍न था।

पिछला पद
« 2 शमूएल 22:19
अगला पद
2 शमूएल 22:21 »

2 शमूएल 22:20 पद-दर-पद बाइबल टीका

सीधे स्पष्ट अर्थ

2 शमूएल 22:20 में कहा गया है कि परमेश्वर ने दाऊद को बाहर निकालकर उसे एक बड़े स्थान में पहुँचाया और उसकी तरफ प्रसन्न Raum से देखा। उसका उद्धार उसका आंतरिक संकट और विपत्तियों के बीच एक दिव्य संरक्षण के रूप में प्रस्तुत है।

पृष्ठभूमि समझना (Contextual background)

यह पद दाऊद के गीत-शिल्प का भाग है, जो उसकी व्यक्तिगत सुरक्षा और प्रभु के उद्धार स्वभाव को व्यक्त करता है। यह दृश्य एक युद्ध-घड़ी के बाद आता है जब दाऊद अत्यंत संकट में था, पर परमेश्वर ने उसकी पुकार सुनकर उसका उद्धार किया। यह उद्धार केवल बाहरी सुरक्षा नहीं, बल्कि दाऊद के भावनात्मक और आत्मिक पुनर्स्थापन का प्रमाण है।

व्याख्यात्मक टिप्पणियाँ

- चौड़ा स्थान पर पहुँचाना: यह एक सुरक्षित, खुला और आरामदायक स्थान का संकेत है जहाँ वह भय, घबराहट, और भयावह परिस्थितियों से बाहर निकलकर शांत हो सकता है। यह उद्धार का संकेतन है कि परमेश्वर ने विपत्ति से बाहर निकालकर समर्थन किया।

- उसे छुड़ाना: यह मुक्त कर देना, दया-प्रकट करना और दाऊद के लिए सुरक्षा की गारंटी है। परमेश्वर की कृपा उसकी कमजोरी के समय में प्रकट हुई।

- क्योंकि वह मुझसे प्रसन्‍न था: निज़ात का यह कारण दया-प्रधान प्रेम है—परमेश्वर ने दाऊद की सहायता इसलिए की क्योंकि वह उसका सेवक था और परमेश्वर के मन उपयुक्त था। यह उदाहरण देता है कि परमेश्वर अपने लोगों के लिए प्रसन्न होता है और उनकी पुकार सुनता है।

छोटा विषय-वस्तु (Thematic outline)

  1. ईश्वर का उद्धार एक सक्रिय क्रिया है—न सिर्फ सुरक्षा, बल्कि उद्धार की योजना।
  2. कष्ट में परमेश्वर का साथ होना, विश्वास की पुष्टि है।
  3. प्रेम और प्रसन्नता के कारण परमेश्वर संघर्ष के बावजूद दर्शन देता है।

अनुष्ठानिक संदर्भ (Cross-references)

- यशायाह 41:10: परमेश्वर की उपस्थिति और सहायता से भय दूर होता है; यह उद्धार की समरूपता दिखाता है।

- भजन 34:18: जो टूटे दिल हों, परमेश्वर उन्हें नष्ट नहीं करता, बल्कि निकट रहता है—यह दाऊद के अनुभव से मिलता-जुलता है।

- भजन 18:19: प्रभु ने गहराईयों से ऊपर उठाकर उद्धार किया; यहां भी उद्धार का केंद्र परमेश्वर की कृपा है।

संक्षिप्त अभ्यास-योग्य takeaway

जब भी विपत्ति में हों, परमेश्वर के उद्धार की उम्मीद बना रखें—वह आपकी सहायता के लिए सीधे कदम उठाता है, क्योंकि आप उसकी प्रिय-पसंद के अनुसार हैं। संकट के बीच भी उसकी प्रसन्नता और कृपा आपको मुक्त करा सकती है।

प्रमुख उद्धरण (सूचित करें यदि आवश्यक हो)

कथा-गत सार के लिए नीचे के तत्व मुख्य हैं: परमेश्वर के उद्धार की क्रिया—चौड़ा स्थान पर पहुँचना; उसे छुड़ाना; और कारण के रूप में परमेश्वर की प्रसन्नता।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 शमूएल 22:20 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

भजन संहिता 31:8 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 31:8 (HINIRV) »
और तूने मुझे शत्रु के हाथ में पड़ने नहीं दिया; तूने मेरे पाँवों को चौड़े स्थान में खड़ा किया है।

2 शमूएल 15:26 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 शमूएल 15:26 (HINIRV) »
परन्तु यदि वह मुझसे ऐसा कहे, 'मैं तुझ से प्रसन्‍न नहीं,' तो भी मैं हाज़िर हूँ, जैसा उसको भाए वैसा ही वह मेरे साथ बर्ताव करे।”

भजन संहिता 118:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 118:5 (HINIRV) »
मैंने सकेती में परमेश्‍वर को पुकारा*, परमेश्‍वर ने मेरी सुनकर, मुझे चौड़े स्थान में पहुँचाया।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें