Old Testament
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प्रेरितों के काम 1 प्रेरितों के काम 2 प्रेरितों के काम 3 प्रेरितों के काम 4 प्रेरितों के काम 5 प्रेरितों के काम 6 प्रेरितों के काम 7 प्रेरितों के काम 8 प्रेरितों के काम 9 प्रेरितों के काम 10 प्रेरितों के काम 11 प्रेरितों के काम 12 प्रेरितों के काम 13 प्रेरितों के काम 14 प्रेरितों के काम 15 प्रेरितों के काम 16 प्रेरितों के काम 17 प्रेरितों के काम 18 प्रेरितों के काम 19 प्रेरितों के काम 20 प्रेरितों के काम 21 प्रेरितों के काम 22 प्रेरितों के काम 23 प्रेरितों के काम 24 प्रेरितों के काम 25 प्रेरितों के काम 26 प्रेरितों के काम 27 प्रेरितों के काम 28Verse
प्रेरितों के काम 13:1 प्रेरितों के काम 13:2 प्रेरितों के काम 13:3 प्रेरितों के काम 13:4 प्रेरितों के काम 13:5 प्रेरितों के काम 13:6 प्रेरितों के काम 13:7 प्रेरितों के काम 13:8 प्रेरितों के काम 13:9 प्रेरितों के काम 13:10 प्रेरितों के काम 13:11 प्रेरितों के काम 13:12 प्रेरितों के काम 13:13 प्रेरितों के काम 13:14 प्रेरितों के काम 13:15 प्रेरितों के काम 13:16 प्रेरितों के काम 13:17 प्रेरितों के काम 13:18 प्रेरितों के काम 13:19 प्रेरितों के काम 13:20 प्रेरितों के काम 13:21 प्रेरितों के काम 13:22 प्रेरितों के काम 13:23 प्रेरितों के काम 13:24 प्रेरितों के काम 13:25 प्रेरितों के काम 13:26 प्रेरितों के काम 13:27 प्रेरितों के काम 13:28 प्रेरितों के काम 13:29 प्रेरितों के काम 13:30 प्रेरितों के काम 13:31 प्रेरितों के काम 13:32 प्रेरितों के काम 13:33 प्रेरितों के काम 13:34 प्रेरितों के काम 13:35 प्रेरितों के काम 13:36 प्रेरितों के काम 13:37 प्रेरितों के काम 13:38 प्रेरितों के काम 13:39 प्रेरितों के काम 13:40 प्रेरितों के काम 13:41 प्रेरितों के काम 13:42 प्रेरितों के काम 13:43 प्रेरितों के काम 13:44 प्रेरितों के काम 13:45 प्रेरितों के काम 13:46 प्रेरितों के काम 13:47 प्रेरितों के काम 13:48 प्रेरितों के काम 13:49 प्रेरितों के काम 13:50 प्रेरितों के काम 13:51 प्रेरितों के काम 13:52



प्रेरितों के काम 13:23 का परिचय
पवित्र पाठों के इस अंश में यह दिखलाया गया है कि परमेश्वर ने किस क्रमबद्ध तरीके से उद्धारकर्ता को भेजा — एक ऐसा उद्धारकर्ता जो इस्राएल की स्थितियों को मोड़ दे और सभी जातियों के लिए पथ साफ करे। पौलुस के भाषण का यह भाग ईसा मसीह के आगमन और परमेश्वर की वाचा के पूर्ण होने की पुष्टि प्रदान करता है।
पद का चक्र और संदर्भ
बतौर संदर्भ यह वाक्य प्रेरितों के मिशन की शुरुआत में सतह पर आता है: परमेश्वर ने अपने वंश में से, यानी डॉन से उद्धारकर्ता भेजा, जो दयालुता, विश्वास और धर्मी राज्य का आधार है। यह घोषणा 2 शमूएल 7:12‑13 और यशaya 11:1 जैसे पुराने प्रमाणों के साथ संगत है, जिनमें कहा गया है कि परमेश्वर के दायित्व और प्रतिज्ञा के अनुसार राजा और उद्धारकर्ता आना निश्चित है।
मुख्य आध्यात्मिक शिक्षा
अन्य बाइबिल अंशों के साथ तुलना
– 2 शमूएल 7:12‑13: दाऊद की पंक्तियों के संदर्भ में परमेश्वर की प्रतिज्ञा और पुत्र के वंश से आने वाले उद्धारकर्ता के प्रतीकावली प्रकाश में आती है।
– यशाय 11:1: यह संकेत देता है कि दावीद के घर से मसीह का उगना परमेश्वर की योजना का एक स्पष्ट मोड़ है।
– प्रेरितों के काम 2:22‑36: पवित्र आत्मा के प्रवेश से यीशु के मसीहत्व की पुष्टि और घोषित उद्धार के प्रसार का विस्तृत वर्णन मिलता है।
वास्तविक जीवन में कैसे लागू करें
1) परमेश्वर की नियति पर भरोसा रखें: हमारा समय, हमारी परिस्थितियाँ—सब कुछ परमेश्वर की योजना के अनुरूप चलते हैं।
2) यीशु पर निर्भरता: उद्धारकर्ता के रूप में यीशु की पहचान और उसकी शिक्षाओं को अपने जीवन के केंद्रीय स्रोत के रूप में मानना।
3) कथाओं से सीखना: पुराने प्रमाण और नये अनुसार सब कुछ मिलकर सच्चे आशीष का मार्ग दिखाते हैं; इसलिए विश्वास दोनों ओर से मजबूत होता है।
मूल पाठ पर संक्षिप्त टिप्पणी
यह verses बताती है कि उद्धारकर्ता का आगमन एक निश्चित समय और उद्देश्य के साथ हुआ; यह न केवल यहूदियों के लिए बल्कि सभी जातियों के लिए अर्पित किया गया है।
क्रॉस-रेफरेंसेज और उनका संक्षिप्त स्पष्टीकरण
– 2 शमूएल 7:12-13: दाऊद के वंश से उद्धारकर्ता के आ जाने की प्रतिज्ञा का आधार। (कथन: परमेश्वर का वंश-वृक्ष उद्धार के नियंत्रण में होता है।)
– यशाय 11:1: दावीद के घर से एक तना उगेगा; मसीह की जन्मजात औचित्य की भविष्यवाणी।
– मत्ती 1:1-17 और प्रेरितों के काम 13:23 के बीच क्रॉस-रेफरेंस: यीशु के वंश और मसीह होने की पुष्टि एक ही परमेश्वर की योजना का भाग है।
संक्षिप्त निष्कर्ष
13:23 में दिखाया गया है कि उद्धार का केंद्र यीशु मसीह है, जो परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं के अनुसार इस्राएल के भीतर से आया। यह संदेश पुराने वचनों की पूर्ति है और नए विश्वास के स्रोत को निरंतर स्थापित करता है—यही सच्चे धर्म का आधार है।
सूत्रधारा (काढ़े गए अभिवचन): Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संकलनों से आवश्यक वैचारिक संकेत शामिल हैं, यदि उपलब्ध हों।