Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
प्रेरितों के काम 1 प्रेरितों के काम 2 प्रेरितों के काम 3 प्रेरितों के काम 4 प्रेरितों के काम 5 प्रेरितों के काम 6 प्रेरितों के काम 7 प्रेरितों के काम 8 प्रेरितों के काम 9 प्रेरितों के काम 10 प्रेरितों के काम 11 प्रेरितों के काम 12 प्रेरितों के काम 13 प्रेरितों के काम 14 प्रेरितों के काम 15 प्रेरितों के काम 16 प्रेरितों के काम 17 प्रेरितों के काम 18 प्रेरितों के काम 19 प्रेरितों के काम 20 प्रेरितों के काम 21 प्रेरितों के काम 22 प्रेरितों के काम 23 प्रेरितों के काम 24 प्रेरितों के काम 25 प्रेरितों के काम 26 प्रेरितों के काम 27 प्रेरितों के काम 28Verse
प्रेरितों के काम 14:1 प्रेरितों के काम 14:2 प्रेरितों के काम 14:3 प्रेरितों के काम 14:4 प्रेरितों के काम 14:5 प्रेरितों के काम 14:6 प्रेरितों के काम 14:7 प्रेरितों के काम 14:8 प्रेरितों के काम 14:9 प्रेरितों के काम 14:10 प्रेरितों के काम 14:11 प्रेरितों के काम 14:12 प्रेरितों के काम 14:13 प्रेरितों के काम 14:14 प्रेरितों के काम 14:15 प्रेरितों के काम 14:16 प्रेरितों के काम 14:17 प्रेरितों के काम 14:18 प्रेरितों के काम 14:19 प्रेरितों के काम 14:20 प्रेरितों के काम 14:21 प्रेरितों के काम 14:22 प्रेरितों के काम 14:23 प्रेरितों के काम 14:24 प्रेरितों के काम 14:25 प्रेरितों के काम 14:26 प्रेरितों के काम 14:27 प्रेरितों के काम 14:28



क्यों यह पद महत्वपूर्ण है
प्रेरितों के काम 14:3 में पौलुस और उनके साथी आवाजाही के दौरान एक समुदाय के प्रति दृढ़ विश्वास और परमेश्वर के चमत्कारिक प्रमाण-चिन्हों की पुष्टि दिखाते हैं। यह संदेश देता है कि प्रभु अपनी कथन के पीछे खड़ा रहता है, जब विश्वासियों की आवाज़ साहस और धैर्य के साथ बानी जाती है, तो परमेश्वर अपने अनुग्रह के वचन पर साक्ष्य देता है। यह verses आज भी चर्च को याद दिलाते हैं कि सेवकों के कार्य और प्रचार के साथ चमत्कार और संकेत जुड़कर विश्वास को पुष्ट करते हैं, परंतु मुख्य उद्देश्य भगवान के राज्य का प्रचार और उद्धार की कृपा को प्रकाशित करना है.
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह पाठ मूलतः पौंत्रों के रूप में यहूदा-एशिया के शहरों में पौलुस और बर्थिमय के साथ निर्मित missionary कार्य का भाग है। कुरुवन में वे प्रचार करते हैं, और ग्रेस के कारण प्रभु उनका साथ देता है—वे अलौकिक चिन्ह, अद्भुत कामों के द्वारा अपने संदेश की पुष्टि करते हैं। यह डबल बिंदु दिखाता है: पहले, प्रचारक विश्वासियों के बीच निर्भय रहता है; दूसरा, क्षेत्रीय समुदाय के लिए संकेत-चिन्हों से वे भगवान की कृपा को पहचानते हैं।
मुख्य संदेश
1) साहस और विश्वास: “बहुत दिन तक वहाँ रहे, और प्रभु के भरोसे पर साहस के साथ बातें करते थे।” यह बताता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी विश्वासियों को धैर्य और दृढ़ता बनाए रखनी चाहिए।
2) चमत्कारों का प्रमाण: “वह उनके हाथों से चिन्ह और अद्भुत काम करवाकर अपने अनुग्रह के वचन पर गवाही देता था।” परमेश्वर अपने सेवकों के द्वारा चिन्हों के माध्यम से अपने वचनों की पुष्टि करता है, ताकि लोग उद्धार की सच्चाई पर विश्वास करें।
कथात्मक पाठ-विचार
इस verses में प्रभु के साथ विश्वासियों का साझाकरण और उसका परिणाम स्पष्ट है। जब लोग स्वार्थी न रहते हुए प्रभु के काम को स्वीकारते हैं, तब चमत्कार और_signs_ विश्वास को मजबूत करते हैं और उनके संदेश को समाज में स्वीकार्यता मिलती है। यह याद दिलाता है कि चमत्कारों का उद्देश्य केवल चकित करना नहीं, बल्कि कृपाभाव के वचन को मानना और जानना है।
कुछ समकालीन और पूरक विचार
– Matthew Henry: यह दिखाता है कि प्रभु के भरोसे पर निर्भर रहने से सेवक साहसी रहते हैं और परमेश्वर उनके हाथों के कार्यों से अपने अनुग्रह को उद्घाटित करता है।
– Albert Barnes: विश्वास और चमत्कार एक साथ चलते ہیں, ताकि श्रोताओं के भीतर आस्था पैदा हो।
– Adam Clarke: चमत्कार प्रभु की पुष्टि हैं जो ईश्वरीय संदेश की सत्यता को नागरिक समाज में स्थापित करते हैं।
क्रॉस-रेफरंसेस (संक्षेप में)
1) प्रेरितों के काम 13:9–12: बपतिस्मा के बाद प्रेरित पौलुस द्वारा चमत्कारों के साथ संदेश की पुष्टि।
2) मरकुस 16:17–18: विश्वासियों के लिए चिन्ह-चमत्कारों की भूमिका।
3) इब्रानियों 2:4: परमेश्वर का प्रमाण चमत्कारों के साथ आता है ताकि लोगों की श्रद्धा पक्का हो।
व्यावहारिक चिंतन
- चर्च के भविष्य के लिए: साहसपूर्वक प्रचार करें, परिणाम से मत घबरायें; प्रभु अपने अनुग्रह से संकेत देता है।
- व्यक्तिगत ध्यान: अपने भरोसे को मजबूत बनाएं; जो कुछ भी करें प्रभु के भरोसे पर करें—चमत्कार चाहे न भी दिखें, उसकी कृपा सदा साथ है।
आराधना-देवotional reflection
परमेश्वर आपको भी अपने संदेश के लिए साहस दे। जब आप कठिन राहों में लगते हैं, तब याद रखें कि प्रभु के भरोसे पर टिकना ही वास्तविक जीत है; वह अपने हाथों से चिन्ह और अद्भुत काम कर सकता है, ताकि आप की गवाही अन्य लोगों तक पहुँचे और वे भी अनुग्रह के वचनों को मानें।