Old Testament
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प्रेरितों के काम 1 प्रेरितों के काम 2 प्रेरितों के काम 3 प्रेरितों के काम 4 प्रेरितों के काम 5 प्रेरितों के काम 6 प्रेरितों के काम 7 प्रेरितों के काम 8 प्रेरितों के काम 9 प्रेरितों के काम 10 प्रेरितों के काम 11 प्रेरितों के काम 12 प्रेरितों के काम 13 प्रेरितों के काम 14 प्रेरितों के काम 15 प्रेरितों के काम 16 प्रेरितों के काम 17 प्रेरितों के काम 18 प्रेरितों के काम 19 प्रेरितों के काम 20 प्रेरितों के काम 21 प्रेरितों के काम 22 प्रेरितों के काम 23 प्रेरितों के काम 24 प्रेरितों के काम 25 प्रेरितों के काम 26 प्रेरितों के काम 27 प्रेरितों के काम 28Verse
प्रेरितों के काम 14:1 प्रेरितों के काम 14:2 प्रेरितों के काम 14:3 प्रेरितों के काम 14:4 प्रेरितों के काम 14:5 प्रेरितों के काम 14:6 प्रेरितों के काम 14:7 प्रेरितों के काम 14:8 प्रेरितों के काम 14:9 प्रेरितों के काम 14:10 प्रेरितों के काम 14:11 प्रेरितों के काम 14:12 प्रेरितों के काम 14:13 प्रेरितों के काम 14:14 प्रेरितों के काम 14:15 प्रेरितों के काम 14:16 प्रेरितों के काम 14:17 प्रेरितों के काम 14:18 प्रेरितों के काम 14:19 प्रेरितों के काम 14:20 प्रेरितों के काम 14:21 प्रेरितों के काम 14:22 प्रेरितों के काम 14:23 प्रेरितों के काम 14:24 प्रेरितों के काम 14:25 प्रेरितों के काम 14:26 प्रेरितों के काम 14:27 प्रेरितों के काम 14:28



प्रेरितों के काम 14:17 का सारगर्भित अर्थ
कथन का मूल संदेश यह है कि प्रभु ने अपने प्राणियों का भला करते हुए प्रकृति के माध्यम से भी उनका क्या बिना किसी अवरोध के पालन किया है। पादरियों ने तब भी भलाई का प्रेम बनाए रखा, जब उन्होंने लोगों की आलोचना, प्रतिशोध या निराशाओं का सामना किया। यह वचन हमें यह दिखाता है कि परमेश्वर केवल अप्रत्यक्ष रूप से नहीं, बल्कि सीधे अपने दयालु झरने से आशीषें बरसाता है—आकाश से वर्षा, प्रति ऋतु फल-फूल देकर और हमारे मन में भोजन और आनंद को भरकर।
साहित्यिक संदर्भ (लिटरेरी कॉन्टेक्स्ट)
यह पंक्ति प्रेरितों के काम 14 की पथप्रदर्शक योजना के भीतर है जहाँ पतरस और पॉल की दिशा में विश्वासी समुदाय द्वारा शहर-शहर प्रवास, उपदेश और चमत्कारिक कार्यों का वर्णन है। यहाँ परमेश्वर की क़ानूनी नहीं, बल्कि कृपा की प्रत्यक्ष उपस्थिति स्पष्ट है—वह हर समय अपने कदमकदम पर मानवता की देखभाल करते हैं। भज 147:8 और यिर्म 5:24 उद्धरण इस तथ्य को पुष्ट करते हैं कि दयालुता का स्रोत परमेश्वर है और वह अपने बनावटी कार्यों से हमारे चित्तों को उन्नत करता है।
तीसरी-आँख के अनुसार théologie (गंभीर धारणाएँ)
क्रॉस-रेफरेंसेस और उनका संक्षेप
1) भज 147:8 — परमेश्वर आकाश से वर्षा और पोषक भोज देता है; यह बताता है कि प्रभु की सहायता साधारण घटनाओं में भी दिखती है।
2) यिर्म 5:24 — इन्होंने सचेत होकर कहा कि वे प्रभु की राह से नहीं हटेंगे; वह हमारे आंतरिक आशीषों के स्रोत हैं।
3) मत्ती 5:45 — परमेश्वर सबके पिता हैं; वे सूर्य को उगाते हैं और वर्षा बरसाते हैं, यह बताता है कि दयालु स्वभाव विश्वव्यापी है।
आत्म-मंथन के प्रश्न
संक्षेप निष्कर्ष
14:17 में प्रेरितों के कार्य दिखाते हैं कि प्रभु न सिर्फ आध्यात्मिक उद्धार देता है, बल्कि वह हर दिन की जरूरतों का भी स्रोत है—आकाश से वर्षा, ऋतु की फल-फसल और हमारे भीतर की खुषहाली से भरा मन। यह वाक्य हमें स्मरण कराता है कि दयालु परमेश्वर हर समय हमारे साथ है और हमें एक ऐसी दुनिया में टिके रहने की प्रेरणा देता है जहाँ अच्छाई और आनंद समान रूप से मिलते हैं।
उद्धृत संरचना: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणियों से संक्षेप-संवेदी प्रभाव. (विशिष्ट संक्षिप्त उद्धरण नीचे दिए गए हैं यदि उपलब्ध हों)
उद्धृत संक्षेप (यदि उपलब्ध): पुराने टिप्पणीकारों के शब्द कभी-कभी सीधे उद्धरण के रूप में मिलते हैं; इस पाठ में आवश्यकतानुसार हल्के शब्द-संयोजन के साथ समाहित किया गया है।