Old Testament
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प्रेरितों के काम 1 प्रेरितों के काम 2 प्रेरितों के काम 3 प्रेरितों के काम 4 प्रेरितों के काम 5 प्रेरितों के काम 6 प्रेरितों के काम 7 प्रेरितों के काम 8 प्रेरितों के काम 9 प्रेरितों के काम 10 प्रेरितों के काम 11 प्रेरितों के काम 12 प्रेरितों के काम 13 प्रेरितों के काम 14 प्रेरितों के काम 15 प्रेरितों के काम 16 प्रेरितों के काम 17 प्रेरितों के काम 18 प्रेरितों के काम 19 प्रेरितों के काम 20 प्रेरितों के काम 21 प्रेरितों के काम 22 प्रेरितों के काम 23 प्रेरितों के काम 24 प्रेरितों के काम 25 प्रेरितों के काम 26 प्रेरितों के काम 27 प्रेरितों के काम 28Verse
प्रेरितों के काम 14:1 प्रेरितों के काम 14:2 प्रेरितों के काम 14:3 प्रेरितों के काम 14:4 प्रेरितों के काम 14:5 प्रेरितों के काम 14:6 प्रेरितों के काम 14:7 प्रेरितों के काम 14:8 प्रेरितों के काम 14:9 प्रेरितों के काम 14:10 प्रेरितों के काम 14:11 प्रेरितों के काम 14:12 प्रेरितों के काम 14:13 प्रेरितों के काम 14:14 प्रेरितों के काम 14:15 प्रेरितों के काम 14:16 प्रेरितों के काम 14:17 प्रेरितों के काम 14:18 प्रेरितों के काम 14:19 प्रेरितों के काम 14:20 प्रेरितों के काम 14:21 प्रेरितों के काम 14:22 प्रेरितों के काम 14:23 प्रेरितों के काम 14:24 प्रेरितों के काम 14:25 प्रेरितों के काम 14:26 प्रेरितों के काम 14:27 प्रेरितों के काम 14:28



reader-friendly overview
प्रेरितों के काम 14:10 में पवित्र प्रेरित पौलुस के प्रचार-कार्य के दौरान एक चमत्कारी घटना दर्शायी गयी है। उस दिन उनकी सरल उपदेश से, एक लंगड़ा व्यक्ति जिसे स्वास्थ्य की आशा नहीं थी, अचानक चमत्कार से उठकर ईश्वर के नाम से चलने-फिरने लगा। यह घटना न केवल व्यक्ति के जीवन में परिवर्तन का प्रमाण है, बल्कि जनता के बीच ईमान की वास्तविकता और परमेश्वर की शक्ति को उजागर करती है।
verse in its chapter
पौलुस और बर्तिमायु के नगर सिलास के दौरे पर लोगों ने एक लंगड़े व्यक्ति को देखा जो बैठा था, परन्तु पौलुस ने मन की क्रिया से उसे देखा और कहा: “अपने पाँवों के बल सीधा खड़ा हो।” आदमी तुरन्त उभरा और चलने लगा। इस चमत्कार ने उज्ज्वल किया कि प्रचारक-कार्य में परमेश्वर का प्रचार किस प्रकार मानवीय श्रद्धा के साथ जुड़ता है।
main spiritual lesson
cross-references and brief explanations
यशायाह 35:6— भविष्यवाणी के अनुसार तब मनुष्य का पैर-कथा ठीक हो जायेगा और शल्य-कार्यों के बिना भी चमत्कार होगा; यह घटना उस आशा को पुष्ट करती है।
मारक 2:3-12— चिकित्सक के बजाय ईश्वर के अधिकार पर विश्वास करना सिखाता है; यीशु ने कहा कि उनके समुदाय की आस्था ने रोग को छुड़ा दिया।
अतिरथ 3:16— कृपा के प्रभाव से चमत्कार न केवल बीमारी-उद्धार है, बल्कि आत्मा की रोशनी भी बढ़ती है।
careful application
1) विश्वास को प्रेरित करने वाला शक्ति-स्रोत केवल व्यक्ति की योग्यता नहीं, पर ईश्वर की कृपा है। हम भी अपने जीवन में भरोसा रखें कि प्रभु के नाम से उद्धार हो सकता है।
2) समुदाय की प्रतिक्रिया पर धैर्य रखें; चमत्कार से मिलने वाली आस्था सामाजिक मान्यता और उद्धार के अवसर बनाती है, पर उद्धार का केन्द्र Jésus Christus ही रहे।
3) दूसरों के लिए सहायता-आधारित कदम उठाने चाहिए— जैसे दूसरों को प्रेरित करना और उनकी आशाओं को प्रोत्साहन देना।
brief summary
प्रेरितों के काम 14:10 में एक लंगड़े व्यक्ति के लिए ईश्वर की शक्ति का चिन्ह स्पष्ट है: फिर भी यह महत्त्वपूर्ण है कि आधी या पूरी आस्था के साथ प्रभु के नाम से उठना संभव है। यह घटना प्रेरितों के संदेश की पुष्टि करती है कि परमेश्वर की kingdom इसी धरती पर नयी जीवन की दिशा खोलती है।
quotations from classic commentators
मध्यमार्गी टिप्पणीकारों से उद्धरण आवश्यकता के अनुसार: “पौलुस ने विश्वास से उस अयोग्य को उभारा” — संक्षेप में यह चेतावनी देता है कि प्रभु के मानव-योग्यता नहीं, उनके नाम का कार्य है।
ध्यान दें: नीचे उद्धृत पाठक-स्तर के लिए केवल शॉर्ट नोट्स हैं; पूर्ण पवित्र-परिषद उद्धरण नहीं दिए गए हैं।