Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
दानिय्येल 9:1 दानिय्येल 9:2 दानिय्येल 9:3 दानिय्येल 9:4 दानिय्येल 9:5 दानिय्येल 9:6 दानिय्येल 9:7 दानिय्येल 9:8 दानिय्येल 9:9 दानिय्येल 9:10 दानिय्येल 9:11 दानिय्येल 9:12 दानिय्येल 9:13 दानिय्येल 9:14 दानिय्येल 9:15 दानिय्येल 9:16 दानिय्येल 9:17 दानिय्येल 9:18 दानिय्येल 9:19 दानिय्येल 9:20 दानिय्येल 9:21 दानिय्येल 9:22 दानिय्येल 9:23 दानिय्येल 9:24 दानिय्येल 9:25 दानिय्येल 9:26 दानिय्येल 9:27



दानिय्येल 9:4 — तत्काल संदर्भ और दूतावली प्रार्थना का प्रभाव
इस पाठ का स्पष्ट सेटअप यह है कि दानिय्येल परमेश्वर वहोवा से प्रार्थना करते हैं और उनके मन में पाप के कारण उत्पन्न असहाय स्थिति के बीच भी ईश्वर की नीतियों और चर्तित प्रेम को याद करते हुए, एक ठोस आशीर्वचन की मांग करते हैं। वे यह नहीं मानते कि इतिहास अंधकारमय है; बल्कि वे जानते हैं कि परमेश्वर एक संगत और वचन-पालन करने वाले ईश्वर हैं, जो इनायत और करुणा के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को पूरा करते रहते हैं।
ईश्वर के बारे में टेक्स्ट से उजागर बातें
यह उद्घोषणा पांच मुख्य बातों को उजागर करती है:
पारिभाषिक शब्द और चित्र स्पष्ट करना
“पाप का अंगीकार किया”—यह दानिय्येल के विनम्र आत्म-ज्ञान और अपनी जाति के दोषों के प्रति सचेतनता को दर्शाता है। “वाचा को पूरा करना” से संकेत मिलता है कि परमेश्वर की व्यवस्था और वादा एक सतत संजोया हुआ स्रोत हैं, जो विश्वासियों के जीवन में स्थायित्व बनाते हैं।
अन्य संदर्भ से सम्बद्ध पाठ
– निर्भय होकर परमेश्वर के अनुग्रह के बारे में दास-योग्यता दिखाने वाले पुरातन पाठों से संकेत मिलते हैं कि ईश्वर अपने चुने हुए लोगों के लिए दया और सत्य दोनों को संग्रहीत रखते हैं (उद्धृत संदर्भ: निर्गमन, भजन 103, और इब्रानियों के लेख में विश्वास की स्थिरता पर चर्चा)।
– दानिय्येल की प्रार्थना में भविष्य के निर्धारित समय का संकेत भी मिलता है—ईश्वर की योजनाओं के अनुसार क्रम और तिथि का परिचय. यह दर्शाता है किप्रार्थना और पवित्रता समय के Sovereignty के साथ मिलकर काम करती है।
क्रॉस-रेफरेंस और संक्षेप विश्लेषण
1) निर्गमन 34:6-7: परमेश्वर करुणा और धैर्य से भरा है, और वह पापों से दयाभाव रखता है; यह दानिय्येल की भाषा से मेल खाता है कि परमेश्वर प्रेम और वाचा-पालन के साथ रहते हैं।
2) भजन 86:15: दया और उद्धार के साथ परमेश्वर की महानता खुलती है; यह दानिय्येल के स्वर की पुष्टि करता है कि वह परमेश्वर को महान और करुणामय मानते हैं।
3) इब्रानी 10:23: ईश्वर की वाचा पर अडिग रहने की अपेक्षा, विश्वासियों को स्थिरता प्रदान करती है—यही विचार यहाँ भी है कि परमेश्वर अपनी प्रतिज्ञाओं को पूरा करते हैं।
आज के लिए अनुप्रयोग
- हम भी अपने फेे-संबंधों में ईश्वर के महान और भययोग्य होने का सम्मान करें और उसमें विश्वास बनाएं।
- पाप के अनुभाग के बावजूद, परमेश्वर की करुणा को ग्रहण करें और उसकी वाचा पर टिके रहें—यही हमारे जीवन में धैर्य और आशा की कुंजी है।
- प्रार्थना में स्पष्ट और सत्यनिष्ठ रहें: यह पाठ बताता है कि प्रार्थना केवल सूक्ति नहीं, बल्कि आत्म-समर्पण और पवित्रता की एक यात्रा है, जिससे परमेश्वर अपने नियत समय में अवश्य उत्तर देते हैं।
उद्धरण संकेत: इस commentary में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के खुले उद्धरणों के छोटे-अनुरोध अगर सीधे शब्दों में उपयोग हुए हों, वे नीचे पहचान योग्य संकेतों के साथ दिए जाएंगे।
यादगार पंक्तियाँ और उद्धरण (संक्षेप)
“The Lord is great and terrible” — Matthew Henry के सार तत्व में इस तरह के बोध के साथ ईश्वर की महानता और उसकी अधीनता की महत्वता सामने आती है (लंबे उद्धरण यहाँ नहीं दिए गए, केवल नोट के रूप में कहा गया है)।