Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
निर्गमन 1 निर्गमन 2 निर्गमन 3 निर्गमन 4 निर्गमन 5 निर्गमन 6 निर्गमन 7 निर्गमन 8 निर्गमन 9 निर्गमन 10 निर्गमन 11 निर्गमन 12 निर्गमन 13 निर्गमन 14 निर्गमन 15 निर्गमन 16 निर्गमन 17 निर्गमन 18 निर्गमन 19 निर्गमन 20 निर्गमन 21 निर्गमन 22 निर्गमन 23 निर्गमन 24 निर्गमन 25 निर्गमन 26 निर्गमन 27 निर्गमन 28 निर्गमन 29 निर्गमन 30 निर्गमन 31 निर्गमन 32 निर्गमन 33 निर्गमन 34 निर्गमन 35 निर्गमन 36 निर्गमन 37 निर्गमन 38 निर्गमन 39 निर्गमन 40



सीधे अर्थ की सूचना
निर्गमन 17:4 का यह वाक्य बताता है कि पथराव के खतरे से घिरे हुए लोग wilderness में मूसा से बचाव और मार्गदर्शन चाहते हैं; मूसा परमेश्वर से सहायता माँगते हैं और परमेश्वर उन्हें आश्वस्त करते हैं कि वह उनके साथ है और आगे की योजना बनाते हैं।
पृष्ठभूमि संक्षेप
पन्रयितेक यात्रा के मध्य बिर्टर, लोग पानी की कमी और कठिन परिस्थितियों से जूझ रहे थे। मक्का के देश से निकलकर जहां-जहां वे चले, वहां खाने-पीने की कमी और विरोध का सामना करना पड़ा। तब मूसा ने परमेश्वर से मदद माँगी और उससे मार्ग-निर्देश पाया। यह घटना यह दिखाती है कि ईश्वर अपने चुने हुए लोगों के लिए कठिन समय में भी साथ है, और हमारी प्रतिक्रिया भी उसी भरोसे पर टिकनी चाहिए।
व्याख्यात्मक अवलोकन
छोटे थीमैटिक बिंदु
अन्यार्थित क्रॉस-रेफरेंस
- निर्गमन 14:14 — प्रभु ही लड़ाई में तुम्हारी युद्ध-नीति निर्धारित करेंगे; तुम चुपके रहें, परमेश्वर के साथ भरोसा बनाए रखें।
- स्तोत्र 46:1 — परमेश्वर हमारा refugio और बल, कठिन समय में सहायता के लिए तुरन्त उपलब्ध रहते हैं।
- यहोशू 1:9 — प्रभु के साथ साहस और दृढ़ता रखने के निर्देश; निरन्तर ईश्वर के आदेशों का पालन करें।
संक्षिप्त व्यवहारिक निष्कर्ष
हम भी अपने जीवन के सूखे और दबाव भरे समय में ईश्वर से मांग करें, उनकी राह पर चलें, और वे हमें सहायता के साथ समर्थ बनाएंगे। नेतृत्व और विश्वास का संतुलन बनाकर, कठिन परिस्थितियाँ भी अनुभव कर सकते हैं कि परमेश्वर हमारे साथ है और हमारी आवश्यकता पूरी करेगा।
नोट: इस पाठ के अस्तित्व में Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke के संकलित टिप्पणी-तत्वों से समाहित विचारों का संक्षिप्त एकीकृत द्रष्टिकोण शामिल है; आवश्यक जगहों पर उनके समान विचारों के संकेत दिए गए हैं।
सूक्ष्म उद्धरण (जरूरतमंद अवसरों पर)
यदि उद्धृत किया जाए, तो ध्यान दें कि यह पाठ दूसरों के मौलिक रचना-स्वरूपों को बिना विस्तार के परमेश्वर के संदेश के अनुसार प्रस्तुत करता है। नीचे तीनों commentaries के उल्लेख योग्य बिंदु-रूप में संकेतित विचारों के आधार पर समन्वय किया गया है—
“तब मूसा ने यहोवा की दुहाई दी” (निर्गमन 17:4) परिप्रेक्ष्य में—निराधार भय के बीच भी प्रार्थना और परमेश्वर के साथ संवाद का महत्व।