उत्पत्ति 32:20 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और यह भी कहना, “तेरा दास याकूब हमारे पीछे-पीछे आ रहा है।” क्योंकि उसने यह सोचा कि यह भेंट जो मेरे आगे-आगे जाती है, इसके द्वारा मैं उसके क्रोध को शान्त करके तब उसका दर्शन करूँगा; हो सकता है वह मुझसे प्रसन्‍न हो जाए।

पिछला पद
« उत्पत्ति 32:19

उत्पत्ति 32:20 पद-दर-पद बाइबल टीका

उत्पत्ति 32:20 पर हिन्दी तात्त्विक टिप्पणी

पर्व 32 के इस प्रकरण में याकूब अपने भ्रातृ-पराक्रम के डर और परमेश्वर की वचन-संवेदना के बीच जूझ रहा है। इस verse में वह अपने दास की तरह यह कहता है कि भेंट के द्वारा उसका क्रोध शान्त होगा, ताकि वह दर्शन कर सके। यह क्षण याकूब के भौतिक-यत्न और परमेश्वर की योजना के बीच की दूरी को दर्शाता है।

अध्याय के भीतर स्थान और संदर्भ

यह वाक्य याकूब के अपने भाईaise इसहाक की गोद में नहीं, बल्कि अपने प्रभु के साथ मिलने की उत्कंठा के बीच आता है। उसने यह मान कर प्रयत्न किया कि भेंट उसे परमेश्वर के क्रोध से बचा लेगी या दर्शन के अवसर प्रदान करेगी। पर वास्तविक परिवर्तन परमेश्वर की कृपा से आता है, न कि भेंटों से। यह प्रसंग यह सिखाता है कि ईश्वर से मिलने का सही मार्ग आस्था और आशीष-प्राप्ति के प्रति खुले मन से होता है, भेंट-तर्क के द्वारा नहीं।

मुख्य आध्यात्मिक पाठ

  • अपने भय के साथ आना—याकूब ने डर में एक प्रकार का करुण-यत्न किया, पर उसे स्पष्ट किया गया कि परमेश्वर का स्वागत विश्वास और निर्भरता से होता है, न कि वैकल्पिक उपायों से।
  • भेंट का स्थान—भेंट एक प्रतीक है कि याकूब कभी-कभी अपने उपायों को परमेश्वर के संकल्प के ऊपर मान लेता है। सचमुच प्रभु की कृपा मानव प्रयास से परे है।
  • दर्शन का उद्देश्य—याकूब सोचता था कि दर्शन से वह शांति पाएगा; पर दर्शन केवल परमेश्वर की इच्छा के अनुसार होता है, नकि मानव-योजनाओं द्वारा।

अन्य प्रकाश डालने वाले बाइबिल टिप्पणियाँ

यहाँ के विचारों को मजबूत करने के लिए 3 पारस्परिक cross-रेफरेंसेस देखें:

  • येत गद्य 18:15—विश्वास के साथ आने की आवश्यकता, न कि प्रणालियों के माध्यम से।
  • हब 11:6—ईश्वर के निकट आने के लिए विश्वास आवश्यक है, भेंट-यत्न नहीं।
  • यहोशू 5:12—मिथ्या उपायों से नहीं, परमेश्वर की कृपा से आशीष मिलती है।

इन संदर्भों में संकेत मिलता है कि परमेश्वर के सामने वास्तविक समस्या-नज़रिया और विश्वास की आवश्यकता है, न कि भेंट-सामग्री के द्वारा कृपा प्राप्ति की संभावनाओं पर निर्भरता।

कानूनी–आध्यात्मिक अनुप्रयोग

आज के पाठक के लिए इसका संदेश है: अपनी चिंताओं और भय को लेकर परमेश्वर के पास आना, परन्तु अपने प्रयासों को यह न समझना कि वे स्वयं परमेश्वर के आशीष के लिए आवश्यक हैं। परमेश्वर की कृपा इंसान के प्रयासों से परे है; वह हमारे नम्र आहुति और भरोसे की खड़चाहट को अनुभवित करता है।

संक्षेप

उत्पत्ति 32:20 में याकूब की सोच दिखाती है कि कैसे वह अपने संकट के समय में भी भेंट के द्वारा प्रभु से संतोष पाने की प्रवृत्ति दिखाता है। हालांकि भेंट एक प्रतीक है, वास्तविक परिवर्तन तब होता है जब मन परमेश्वर के कारण से खुला होता है। यह पाठ हमें विश्वास, निर्भरता, और परमेश्वर की योजना के अनुरूप चलने की सीख देता है।

उद्धृत पंक्तियाँ (Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के छोटे उद्धरण यदि उपलब्ध हों):

“याकूब ने यह सोचा कि यह भेंट उसके क्रोध को शान्त कर देगा।” — Matthew Henry के अध्ययन से समरूप विचार।

“भेंट के द्वारा दर्शन की चाह indicates मानव-योजना, न कि परमेश्वर की देहिक कृपा।” — Albert Barnes के संकल्पनात्मक व्याख्या से।

“हम भी कभी-कभी भेंट-यत्न से न तो परमेश्वर का भय और न उसकी कृपा प्राप्त कर पाते हैं; विश्वास ही अग्रणी मार्ग है।” — Adam Clarke के चर्चित विचार से।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 32:20 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

अय्यूब 42:8 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
अय्यूब 42:8 (HINIRV) »
इसलिए अब तुम सात बैल और सात मेढ़े छाँटकर मेरे दास अय्यूब के पास जाकर अपने निमित्त होमबलि चढ़ाओ, तब मेरा दास अय्यूब तुम्हारे लिये प्रार्थना करेगा, क्योंकि उसी की प्रार्थना मैं ग्रहण करूँगा; और नहीं, तो मैं तुम से तुम्हारी मूर्खता के योग्य बर्ताव करूँगा, क्योंकि तुम लोगों ने मेरे विषय मेरे दास अय्यूब की सी ठीक बात नहीं कही।”

नीतिवचन 21:14 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नीतिवचन 21:14 (HINIRV) »
गुप्त में दी हुई भेंट से क्रोध ठण्डा होता है, और चुपके से दी हुई घूस से बड़ी जलजलाहट भी थमती है।

2 तीमुथियुस 2:25 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 तीमुथियुस 2:25 (HINIRV) »
और विरोधियों को नम्रता से समझाए, क्या जाने परमेश्‍वर उन्हें मन फिराव का मन दे, कि वे भी सत्य को पहचानें।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें