Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
उत्पत्ति 1 उत्पत्ति 2 उत्पत्ति 3 उत्पत्ति 4 उत्पत्ति 5 उत्पत्ति 6 उत्पत्ति 7 उत्पत्ति 8 उत्पत्ति 9 उत्पत्ति 10 उत्पत्ति 11 उत्पत्ति 12 उत्पत्ति 13 उत्पत्ति 14 उत्पत्ति 15 उत्पत्ति 16 उत्पत्ति 17 उत्पत्ति 18 उत्पत्ति 19 उत्पत्ति 20 उत्पत्ति 21 उत्पत्ति 22 उत्पत्ति 23 उत्पत्ति 24 उत्पत्ति 25 उत्पत्ति 26 उत्पत्ति 27 उत्पत्ति 28 उत्पत्ति 29 उत्पत्ति 30 उत्पत्ति 31 उत्पत्ति 32 उत्पत्ति 33 उत्पत्ति 34 उत्पत्ति 35 उत्पत्ति 36 उत्पत्ति 37 उत्पत्ति 38 उत्पत्ति 39 उत्पत्ति 40 उत्पत्ति 41 उत्पत्ति 42 उत्पत्ति 43 उत्पत्ति 44 उत्पत्ति 45 उत्पत्ति 46 उत्पत्ति 47 उत्पत्ति 48 उत्पत्ति 49 उत्पत्ति 50Verse
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उत्पत्ति 43:19 — तत्काल संदर्भ का सेटअप
तब वे यूसुफ के घर के अधिकारी के निकट जाकर घर के द्वार पर इस प्रकार कहने लगे, इस verse में याकूब के बेटों के परिवार के लिए हुए क्रम में पीछे की स्थिति स्पष्ट होती है। यह घटना वही है जब वे यूसुफ के भाई बनि को खोजने और भिन्न-भिन्न क्रय-विक्रय के बीच अपने ऋण-कार्य से गुजर रहे होते हैं। अधिकारी के सामने उनके आगमन के उद्देश्य स्पष्ट होते हैं: भोजन तथा सुरक्षा के लिए दर्जे की व्यवस्था, परन्तु साथ ही वे हार्दिक ईमानदारी और विश्वास के साथ अपने कर्तव्य निभाने का प्रयास करते हैं।
पठित पाठ से निहित दृष्टि: परमेश्वर और विश्वास
यह पंक्ति दिखाती है कि भविष्य के प्रयोजन कितनी बार अभी-भर नहीं समझे जाते; वे अभी अधिकारी से बात कर रहे होते हैं, पर परमेश्वर की योजनाओं के भीतर एक बड़ी तस्वीर चल रही होती है जिसे वे नहीं जानते। यह पाठ हमारी आस्था को यह स्मरण दिलाता है कि परमेश्वर समय-समय पर अपने लोगों को परीक्षणों से गुजराता है ताकि उनका चरित्र, विश्वास-यात्रा और दया-भाव उजागर हो।
महत्त्वपूर्ण शब्दों और छवियों की स्पष्टता
अन्य पाठों से सम्बन्ध
1) भूमध्य रेखा के समान, सुसंगत विश्वास के लिए परीक्षण आवश्य हैं—याकूब के पुत्र दया और विश्वसनीयता के साथ चलते रहे।
2) परमेश्वर की योजना को पूर्णतः समझना कभी-कभी हमारे अनुभवों से बाहर रहता है; जैसे यूसुफ के समय में भाइयों की अंतिम परिणति नहीं जानी जा रही थी, पर आगे जाकर रवां-रवां घटनाएं unfold होतीं।
3) परिवार-जीवन में सच्चे विश्वास के साथ działa करने पर भी समुदाय की सुरक्षा संभव होती है।
Cross-references और उनका छोटा स्पष्टीकरण
इन संदर्भों से इस पाठ के साथ एक समन्वित दृष्टिकोण मिलता है कि कठिन समय में भी परमेश्वर सीधे-सीधे मार्गदर्शन करते हैं और विश्वास-व्यक्ति को स्थिर रखते हैं।
आज के लिए अनुप्रयोग
इस पैराग्राफ से सीखें कि दैनिक जीवन में अधिकारियों या व्यवस्था के सामने भी ईमानदारी और विश्वास दिखाना चाहिए। जब हमारे पास परिस्थितियाँ स्पष्ट नहीं होतीं, तब भी परमेश्वर के उद्देश्य पर भरोसा बनाए रखें; आपका कर्तव्य सत्य और निष्ठा के साथ निभाएं, ताकि परमेश्वर की योजना सफल हो सके।
कथन-सार
उत्पत्ति 43:19 में भाइयों का आना एक सेतु बनता है: वे अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं और इस प्रक्रिया में परमेश्वर की योजनाओं के अनुरूप आगे बढ़ते हैं।