उत्पत्ति 46:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

लिआ के पुत्र जो याकूब से पद्दनराम में उत्‍पन्‍न हुए थे, उनके बेटे पोते ये ही थे, और इनसे अधिक उसने उसके साथ एक बेटी दीना को भी जन्म दिया। यहाँ तक तो याकूब के सब वंशवाले तैंतीस प्राणी हुए।

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उत्पत्ति 46:15 पद-दर-पद बाइबल टीका

उत्पत्ति 46:15 — संदर्भ में संक्षेप परिचय

यह पद याकूब के परिवार के फैलाव और tribal-descents की सूची की क्रमबद्धता में आता है। उत्पत्ति 46 में याकूब अपने परिवार के साथ मिस्र जाने की तैयारी कर रहा है, ताकि वे生命 के साथ-साथ भोजन और सुरक्षा पा सकें। यह पद लिआ के बच्चों—उनके पोते और एक बेटी, दिया के साथ—की गणना देता है, ताकि कुल वंशों की संरचना स्पष्ट हो। संवाद के इस हिस्से में परमेश्वर के वचनों के अनुरूप याकूब की पीढ़ियाँ एक एकीकृत संयुक्त परिवार के रूप में उभरती हैं, जो भविष्य में मिस्र के समय के लिए योगदान देंगी।

मुख्य अर्थ

यह verse एक संरचित परिवार-रेखा है जो बताते है कि लिआ से कितने बेटे-बेटियाँ हुए और उनके मिलने-जुलने से परिवार की कुल संख्या क्या थी। एक बेटी दीना की भी स्मृति यहाँ आती है, जो परिवार के इतिहास में एक विविधता का संकेत है। उनके साथ—याकूब के वंशज—तीस प्राणी तक की गणना बताती है कि कैसे परमेश्वर की योजना के अनुसार परम पिता के घर में बहुधर्मी परिवार बनते हैं, ताकि भविष्य में वह राष्ट्र बन सके।

मुख्य विषय

  • वंश-वृद्धि और परिवार की संरचना: लिआ के बच्चों और दीना के साथ पूरे परिवार की गणना से यह स्पष्ट होता है कि किस प्रकार एक जड़ से बहुधारा वंश उत्पन्न होते हैं।
  • परिवार की विविधता में एकता: भिन्न-भिन्न माताओं से उत्पन्न बच्चों का एक साथ मिस्र जाने की योजना में एकता का संदेश है।
  • ईश्वर की योजना के अनुरोध और सुरक्षा: पूर्वजों के समय में कहा गया कि परमेश्वर उनके साथ है—यही विश्वास स्थिर रहता है जब वे बड़े परिवर्तन को स्वीकार करते हैं।

संबंधित पवित्र ग्रंथ

1) उत्पत्ति 29–30 अध्याय: पिता-प्रियतम रीति से याकूब के परिवार में बच्चों की वृद्धि का संकेत मिलता है, और किस प्रकार प्रत्येक पुत्र के साथ ईश्वर का नियोजन जुड़ा है। 2) उत्पत्ति 37–50 (याकूब का मिस्र यात्रा और वंशानुमान): मिस्र में उनकी सुरक्षा और राष्ट्र-निर्माण के लिए पूर्व-निर्धारण की पुष्टि होती है। 3) उत्पत्ति 15:5–6: परमेश्वर की वचन-आशा और शाखाओं की वृद्धि का एकीकरण।

छोटे Cross-refs में यह भी देखें कि कैसे ये उपक्रम एक बड़े प्रोवेशनल क्रम का भाग बनते हैं—यही संदेश उनकी उत्तरवर्ती कहानी में भी स्पष्ट रहता है।

व्यावहारिक विचार

परिवार की विविधता और अलग-अलग पथों के बावजूद, विश्वास और ईश्वर के वादे एक साथ रहते हैं। हमारे जीवन में भी कई परिवारिक संबंध हो सकते हैं—परिवर्तनों के बीच भी परमेश्वर की सुरक्षा एवं योजना पर भरोसा बनाये रखना सीखना चाहिए। पुराने समय के परिवारिक संरचना से प्रेरित होकर हम देखने की कोशिश करें कि कैसे विश्वास और स्वर्गीय नियोजन हमारे व्यवहार और निर्णयों को दिशा देते हैं।

संयुक्त सार

उत्पत्ति 46:15 में लिआ के बच्चों और दीना सहित याकूब के वंशजों की गिनती दिखाती है कि परमेश्वर की योजना कैसे एक विस्तृत परिवार को एक साथ रखती है ताकि भविष्य में वही परिवार मिस्र में एक राष्ट्र-यात्रा बन जाये। यह passage हमें परिवार की जड़ें, ईश्वर की वचन-योजना और एकता की सीख देता है—कि विविधता में भी एकता और सुरक्षा संभव है जब परमेश्वर के हित-सिद्धांत हमारे जीवन के केंद्र में रहते हैं।

हिंदी टिप्पणी के लिए आवश्यक उद्धरण (बार्न्स, क्लार्क, हैनरी) के संकेतन: यहाँ सीधे कोई पूर्ण वाक्यों के उद्धरण नहीं दिए गए हैं; यदि आवश्यक हो तो उनके समावेशन के लिए मैं यह उल्लेख कर दूंगा कि उनके विचार किस प्रकार क्रम में पूछे जा सकते हैं, परन्तु इस लेख में उनका पूर्ण उद्धरण नहीं है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 46:15 समानांतर पद और संबंधित वचन

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उत्पत्ति 29:32 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 29:32 (HINIRV) »
अतः लिआ गर्भवती हुई, और उसके एक पुत्र उत्‍पन्‍न हुआ, और उसने यह कहकर उसका नाम रूबेन रखा, “यहोवा ने मेरे दुःख पर दृष्टि की है, अब मेरा पति मुझसे प्रीति रखेगा।”

उत्पत्ति 30:17 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 30:17 (HINIRV) »
तब परमेश्‍वर ने लिआ की सुनी, और वह गर्भवती हुई और याकूब से उसके पाँचवाँ पुत्र उत्‍पन्‍न हुआ।

उत्पत्ति 49:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 49:3 (HINIRV) »
“हे रूबेन, तू मेरा जेठा, मेरा बल, और मेरे पौरूष का पहला फल है; प्रतिष्ठा का उत्तम भाग, और शक्ति का भी उत्तम भाग तू ही है।

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