उत्पत्ति 46:27 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और यूसुफ के पुत्र, जो मिस्र में उससे उत्‍पन्‍न हुए, वे दो प्राणी थे; इस प्रकार याकूब के घराने के जो प्राणी मिस्र में आए सो सब मिलकर सत्तर हुए।

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उत्पत्ति 46:27 पद-दर-पद बाइबल टीका

आयत का सरल अर्थ

उत्पत्ति 46:27 बताती है कि याकूब के घराने के मिस्र में आने वाले लोग कुल मिलाकर सत्तर थे—यूसुफ के पुत्रों सहित। यह संख्या परिवार की बढ़ोतरी और विरासत की एकता को संकेत करती है, ताकि याकूब के पुत्रों के वंश को मिस्र के भीतर एक ठोस पहचान मिले और आगे की पीढ़ियाँ सुरक्षित रहते हुए परम résidence में रहें।

संदर्भ-प्रस्तावना

यह पंक्ति तब आती है जब याकूब, जो इसराइल के कुल के पिता हैं, मिस्र की यात्रा से पूर्व अपने परिवार की स्थिति का आकलन कर रहे हैं। यूसुफ, जो मिस्र में उच्च अधिकारी था, ने अपने भाइयों और माता-पिता के लिए सच्ची सुरक्षा और समृद्धि की व्यवस्था कर दी थी। यह संख्यात्मक संकेत परिवार की स्थिरता और परमेश्वर की योजना के भीतर उनकी भूमिका को दर्शाता है।

व्याख्यात्मक अवलोकन

  • सत्तर व्यक्ति एक ठोस परिवार-समूह के रूप में दिखते हैं—कुल मिलाकर इसे एक संरचना और विरासत के रूप में देखा जा सकता है।
  • यूसुफ के घराने के मिस्र में आने के कारण यह संख्या विश्वासी समाज के भीतर एक राजनीतिक और सामाजिक इकाई के रूप में मजबूत होती है।
  • मिस्र में प्रावेशन और संरक्षण की प्रतिक्रिया: ईश्वर की कृपा से उनकी यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित रहती है।

क्रॉस-रेफरेंस (संदर्भ-सम्बन्ध)

उत्पत्ति 15:5—अभिभावक के वंश की संख्या की कल्पना: ईश्वर ने अब्राहाम को दुर्लभ संतान का आश्वासन दिया, जिससे आने वाली पीढ़ियाँ आशीर्वाद पाती हैं। यह संदर्भ बताता है कि परमेश्वर के वादे परिवार की संख्या और उनकी पहचान को निर्धारक बनाते हैं।

उत्पत्ति 48:5—याकूब के पुत्रों के साथ मिस्र में उनके संबन्ध का उल्लेख, जो उनके आश्रय और पालन-पोषण को दिखाते हैं। यह भाव प्रकट करता है कि परिवार के सदस्य कैसे एक दूसरे के साथ स्थिर रहते हैं।

गुलाटन 3:29 (सूर्योदय के संदर्भ में सामान्य पाठ)—यदि आप मसीही वंश से जुड़ते हैं, तो परिवार-सम्बन्ध की अवधारणा में नयी इकाई बनती है, जो ईश्वर की योजना में एकता को मजबूत करती है।

सूक्ष्म विषय-वस्तु

  • विरासत और समुदाय की स्थापना
  • आस्था के साथ जीवन-यात्रा में सुरक्षा
  • परिवार के भीतर भूमिका-आयाम और उत्तराधिकार

व्यावहारिक Takeaway

हमारी घरेलू और समुदायिक पहचान, चाहे परिस्थिति कैसी भी हो, ईश्वर की विश्वासयोग्य योजना के भीतर एक संरचना बनती है। एकता और समर्थन के साथ परिवार और समुदाय सुरक्षित और स्थिर रहते हैं—जो हमारी आध्यात्मिक यात्रा को मजबूत बनाता है।

अनुवादक-उद्धरण (सार):

यह पाठ सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों की दृष्टि से संकेत देता है कि संख्यात्मक भविष्यवाणी नहीं, बल्कि सुरक्षा और वंश-उत्पादन की स्थिरता का संकेत है।

उद्धृत प्रश्नात्मक उद्धरण संकेत

“यूसुफ के पुत्र, जो मिस्र में उससे उत्पन्न हुए…”—यह पंक्ति परिवार-गठन की वास्तविकता का बयान है, और याकूब के घराने की एकता का प्रतीक है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 46:27 समानांतर पद और संबंधित वचन

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प्रेरितों के काम 7:14 (HINIRV) »
तब यूसुफ ने अपने पिता याकूब और अपने सारे कुटुम्ब को, जो पचहत्तर व्यक्ति थे, बुला भेजा। (उत्प. 45:9-11, उत्प. 45:18-19, निर्ग. 1:5, व्य. 10:22)

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निर्गमन 1:5 (HINIRV) »
और यूसुफ तो मिस्र में पहले ही आ चुका था। याकूब के निज वंश में जो उत्‍पन्‍न हुए वे सब सत्तर प्राणी थे। (प्रेरि. 7:14)

व्यवस्थाविवरण 10:22 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 10:22 (HINIRV) »
तेरे पुरखा जब मिस्र में गए तब सत्तर ही मनुष्य थे; परन्तु अब तेरे परमेश्‍वर यहोवा ने तेरी गिनती आकाश के तारों के समान बहुत कर दी है। (प्रेरि. 7:14, इब्रा. 11:12)

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