उत्पत्ति 9:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब मेरी जो वाचा तुम्हारे और सब जीवित शरीरधारी प्राणियों के साथ बंधी है; उसको मैं स्मरण करूँगा, तब ऐसा जल-प्रलय फिर न होगा जिससे सब प्राणियों का विनाश हो।

पिछला पद
« उत्पत्ति 9:14

उत्पत्ति 9:15 पद-दर-पद बाइबल टीका

उत्पत्ति 9:15 का सन्देश: फिर कभी जल-Prलय नहीं

प्रारम्भिक प्रसंग: प्रलय के दौरान परमेश्वर ने नोआ और उसकी कुटुंबी के लिए एक विशिष्ट संधि बनाई—एक बंधन जो बाद के समय में भी परमेश्वर की निष्ठा को दर्शाता है। यह वाचा इस वादे के साथ जुड़ती है कि पृथ्वी पर भविष्य में कोई ऐसा जल-प्रलय नहीं होगा जो समूचे प्राणियों के विनाश का कारण बने।

ईश्वर के वचन में यह उद्घोष

यह पद यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर अपनी वाचा के प्रति विश्वासी है। वह कहता है कि वह अपनी वाचा को स्मरण करेगा—यानी जो व्रत उसने पृथ्वी के साथ किया है, वह उसे नहीं भूलेगा। यह स्मरण एक ओजस्वी स्थिति नहीं, बल्कि जीवन-निर्दिष्ट आश्वासन है कि प्रकृति-आवरण में स्थायित्व रहेगा और पृथ्वी पर प्राणियों की निरंतरता सुनिश्चित होगी।

महत्त्वपूर्ण शब्द और चित्र

  • वाचा/बंध— परमेश्वर का विश्वासयोग्यता-आधार; जो उसके भरोसे के अनुरूप जीवन-परंपरा बनता है।
  • जल-प्रलय— एक न्यायपूर्ण परीक्षण जिसके भीतर परमेश्वर का दयालु ध्येय रहता है: विनाश नहीं, बल्कि नई शुरुआत।
  • स्मरण करना— प्रभु की अनुदिष्ट प्रतिज्ञाओं को स्मृत करने की क्रिया; यह विश्वास की स्थिरता का माप है।

संबंधित आयतें

मत्ती Henry, Barnes, और Clarke जैसे पवित्र-लेखक-पूर्व टिप्पणीकारों के विचारों को समेकित करते हुए, नीचे के संदर्भ विचार इस वाचा के प्रकाश में सहारे बनते हैं:

  • उत्पत्ति 8:22—प्रलय के बाद स्वाभाविक चक्र का पुनः आरम्भ होना, और यह कि समय नियमों के भीतर परमेश्वर की वाचा स्थिर है।
  • यशायाह 54:9-10—परमेश्वर का स्थिर प्रेम और चिरस्थायी वचन, जो पृथ्वी के स्थायित्व से भी अधिक मजबूत है।
  • 2 कुरिंथियों 1:20—कथन की पूर्णता में परमेश्वर के वचनों का वास्तविकता में परिणत होना, और वह हरavil अधिकार-पूर्वक पूरा होता है।

आज के पाठ में व्यावहारिक अनुप्रयोग

हम इस वचनों से समझते हैं कि परमेश्वर अपने शब्दों के प्रति अडिग है। जब हमारे जीवन में प्राकृतिक आपदाओं, दुर्घटनाओं या अस्थिरताओं के बीच भय उभरते हैं, तो याद रखें—ईश्वर ने एक स्थिर वादा रखा है। उसकी वाचा के स्मरण से हम शांति पाते हैं और विश्वास की स्थिरता बनाते हैं। इसके अलावा, यह हमें तंत्र-नुकसान नहीं, बल्कि नई शुरुआत की आशा देता है: हर कठिन समय के बाद प्रभु की कृपा पुनः प्रकट होती है।

कथन-स्वरूप संक्षेप

यह वचन यह दर्शाता है कि ईश्वर अपनी प्रतिज्ञाओं के प्रति विश्वासी है और पृथ्वी-के-लिए उसकी वाचा हर परिस्थिति में सुरक्षित रहेगी।

अनुदेशात्मक सार: परमेश्वर का वादा बनाम हमारी आस्थागत प्रतिक्रिया—यही है उत्पत्ति 9:15 का मुख्य संदेश।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 9:15 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

व्यवस्थाविवरण 7:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 7:9 (HINIRV) »
इसलिए जान ले कि तेरा परमेश्‍वर यहोवा ही परमेश्‍वर है, वह विश्वासयोग्य परमेश्‍वर है; जो उससे प्रेम रखते और उसकी आज्ञाएँ मानते हैं उनके साथ वह हजार पीढ़ी तक अपनी वाचा का पालन करता, और उन पर करुणा करता रहता है;

यहेजकेल 16:60 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यहेजकेल 16:60 (HINIRV) »
तो भी मैं तेरे बचपन के दिनों की अपनी वाचा स्मरण करूँगा, और तेरे साथ सदा की वाचा बाँधूँगा।

यशायाह 54:8 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 54:8 (HINIRV) »
क्रोध के आवेग में आकर मैंने पल भर के लिये तुझसे मुँह छिपाया था, परन्तु अब अनन्त करुणा से मैं तुझ पर दया करूँगा, तेरे छुड़ानेवाले यहोवा का यही वचन है।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें