Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 20:1 न्यायियों 20:2 न्यायियों 20:3 न्यायियों 20:4 न्यायियों 20:5 न्यायियों 20:6 न्यायियों 20:7 न्यायियों 20:8 न्यायियों 20:9 न्यायियों 20:10 न्यायियों 20:11 न्यायियों 20:12 न्यायियों 20:13 न्यायियों 20:14 न्यायियों 20:15 न्यायियों 20:16 न्यायियों 20:17 न्यायियों 20:18 न्यायियों 20:19 न्यायियों 20:20 न्यायियों 20:21 न्यायियों 20:22 न्यायियों 20:23 न्यायियों 20:24 न्यायियों 20:25 न्यायियों 20:26 न्यायियों 20:27 न्यायियों 20:28 न्यायियों 20:29 न्यायियों 20:30 न्यायियों 20:31 न्यायियों 20:32 न्यायियों 20:33 न्यायियों 20:34 न्यायियों 20:35 न्यायियों 20:36 न्यायियों 20:37 न्यायियों 20:38 न्यायियों 20:39 न्यायियों 20:40 न्यायियों 20:41 न्यायियों 20:42 न्यायियों 20:43 न्यायियों 20:44 न्यायियों 20:45 न्यायियों 20:46 न्यायियों 20:47 न्यायियों 20:48



न्यायियों 20:16 पर टिप्पणी—Context और अर्थ
यह वचन न्यायियों की युद्धक घटनाओं का भाग है, जहाँ इश्राइलियों को बंजर-युद्ध की घड़ी में बंजर पुत्रों के साथ साथ 700 प्रत्यक्ष बंहाहित्थें (अर्थात् धनुष-भर्त्तिक/तख्त-मारक) वीर दिखाई देते हैं। पाठ में ये वचन इस बात को दर्शाते हैं कि इन 700 चुने हुए पुरुषों की योग्यता और साहस कितना अधिक था कि वे गोफन पत्थर चलाने में बिल्कुल चूक नहीं करते थे—यानी वे साक्षात हथियारों के कुशल योद्धा थे। यह संदर्भ बताता है कि इश्राइल ने परमेश्वर के लिए एक निर्णायक युद्ध-उत्साह और एकता के साथ कदम बढ़ाया, भले ही सामने खड़े विरोधी अधिक संख्या में क्यों न हों।
मुख्य अर्थ
कहावत के अनुसार 700 पुरुषों की विशेषता उनकी अत्यधिक सघनता, कौशल और धैर्य है—वे पत्थर चलाने में लगातार सफलता पाते थे। यह एक संकेत है कि परमेश्वर के साथ सम्मानजनक एकता और रणनीति के साथ वीरों का चयन हुआ था। इसके साथ यह भी बताता है कि लड़ाई मोक्ष के लिए नहीं, बल्कि यहूदी समुदाय की रक्षा के उद्देश्य से थी; अतः नेतृत्व और समुदाय के सामूहिक निर्णय में इन वीरों का स्थान स्पष्ट है।
तीन प्रमुख विषय
अन्य बाइबल संदर्भ और उनसे जुड़ाव
– अतःप्रेरणा प्राप्त करने वाले वीरों की योग्यता पर विचार करते समय अगली पंक्तियाँ स्मरण करें: यहूदियों के लिए परमेश्वर पर निर्भरता और नेतृत्व की महत्ता दर्शाती हैं।
– अन्य संदर्भ जहाँ वीरता, कौशल और समुदाय की एकता का मूल्य मिलता है: एबल-वंश के संघर्ष, और परमेश्वर की सहायता से लड़ना।
– महिलाओं या बच्चों के बारे में नहीं, बल्कि समुदाय की सुरक्षा के लिए ठोस निर्णय की आवश्यकता पर बल मिलता है।
व्यावहारिक reflection
जीवन के मुश्किल समय में भी धैर्य, कौशल और समूह-समर्थन से बड़े लक्ष्य प्राप्त हो सकते हैं। इससे सीख मिलती है कि कठिनाइयों के बीच भी सही पात्र और समुदाय की एकता से सफलता संभव है। आस्था के साथ व्यवहार करते हुए हमें अपनी क्षमता का उपयोग सेवक-निष्ठा से करना चाहिए।
संक्षिप्त सार
न्यायियों 20:16 यह दिखाता है कि परमेश्वर के साथ एकता, कौशल-युक्त वीरता और समुदाय की एकता से बड़े जोखिमों के बावजूद रक्षा संभव है। यह इतिहास का एक संकेत है कि युद्ध नहीं केवल बल से बल्कि उद्देश्य, नीति और विश्वास से संचालित होते हैं।
संकेत पाठ (Cross-references)
– יהה 7:7 (इश्राइल के लिए परमेश्वर की सहायता के संकेत) — यह दर्शाता है कि कठिन परिस्थितियों में ईश्वर की सहायता कैसे मिलती है।
– 1 इतिहास 12:22 (उत्साह और समन्वय के साथ सेना का निर्माण) — समुदाय के भीतर एकता और नेतृत्व के महत्त्व की पुष्टि।
– याकूब 1:6 (विश्वास में स्थिरता) — विश्वास के साथ निर्णय लेने का महत्व।
नोट: इस पाठ के लिए Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणी-उद्धरण यदि उपलब्ध हों तो वह विचार के साथ उद्धृत किए जाएंगे। यहाँ संक्षेप में उनके मूल विचारों से प्रेरणा ली गई है ताकि चित्त-बंधित, स्पष्ट और अर्थपूर्ण टिप्पणी बन सके।