न्यायियों 20:35 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब यहोवा ने बिन्यामीनियों को इस्राएल से हरवा दिया, और उस दिन इस्राएलियों ने पच्चीस हजार एक सौ बिन्यामीनी पुरुषों को नाश किया, जो सब के सब तलवार चलानेवाले थे।

न्यायियों 20:35 पद-दर-पद बाइबल टीका

न्यायियों 20:35 पर समझ और महत्व

यह पद यह बताता है कि इस्राएलियों ने बेन्यामीन युद्ध में शत्रु के साथ उठी भीषण लड़ाई में महान हानी झेली। यह अध्याय एक चरम स्थिति का चित्रण है जहाँ भीषण नैतिक और सामाजिक परीक्षण सामने आते हैं, और किस प्रकार परमेश्वर की सहायता के बगैर भीड़-भाड़ पर विजय पाना असंभव है। verse में कहा गया है कि यहोवा ने बिन्यामीनियों को इस्राएल से हरवा दिया; यह एक कठिन परिणाम है जो यह दिखाता है कि पाप और अशांति के कारण समुदाय का नाश भी संभव होता है जब वे परमेश्वर की आशीर्वाद-निर्णय से दूर जाते हैं।

प्रमुख संदर्भ: मूल संदर्भ और संदर्भित संदेश

यर्तम से यहूदी सेना ने यह निर्णय लिया कि बिन्यामीनियों के विरुद्ध लड़ाई लड़नी है क्योंकि उनके भीतर कुछ बुरे आचरणों के कारण समाज पर खतरा मंडराता था। उस समय का मूल संदेश यह है कि परमेश्वर के आदेश और समाजिक व्यवस्था के विरुद्ध पूर्ण स्वतंत्रता से उठना、हानि दे सकता है। पराक्रम के बजाय पवित्र विधान और न्याय की पालना ही असल सुरक्षा है। यह सुनिश्चित करने के लिए यह पंक्तियाँ संघर्ष के भीतर भी परमेश्वर के निर्भर रहने की अनिवार्यता को रेखांकित करती हैं।

पवित्रत्रुटि से पहले की नीतियाँ: थीम्स एवं अनुशासन

  • आचरण और समाज की सुरक्षा: एक समुदाय के लिए अशुद्ध आचरण और अपराध का निंयत्रण समाज की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
  • युद्ध के नैतिक दायरे: युद्ध सिर्फ ताकत नहीं, बल्कि नीति और धर्म के अनुरूप होना चाहिए।
  • निष्ठा बनाम स्वार्थ: समुदाय के हित के लिए व्यक्तिगत स्वार्थ को छोड़ना पड़ सकता है।

cross-references (संक्रमण-परिचय)

संवेदना बढ़ाने के लिए नीचे दिए गए पाठ केवल संकेत देते हैं; पूर्ण पद नहीं उद्धृत किए जाते:

  • यहोशुआ 7 — समुदाय की बैरागी चेतावनियाँ और पाप के परिणाम: यह दिखाता है कि पाप से कैसे व्यक्तिगत और सामाजिक नुकसानों की घटनाएं घटती हैं, जो न्याय के ढांचे के भीतर समेकित रूप से निवारण की मांग करती हैं।
  • 1 समुएल 12 — राजा के नेतृत्व और परमेश्वर की चहलकदमी: राज्य व्यवस्था में परमेश्वर के इरादों के अनुरूप निर्णय लेने का महत्व।
  • उद्धृत न्यायियों 21 — अंततः समुदाय की पुनर्स्थापना और दयालुता: समुदाय के विभाजन के बाद एकता और पुनर्निर्माण की आवश्यकता पर बल देता है।

इन संदर्भों के कारण यह समझ आता है कि न्याय और ध्यातव्य नागरिकता में सामंजस्य बनाये रखना परमेश्वर के उद्देश्य के अनुरूप है।

आध्यात्मिक व्याख्या: स्पष्ट संदेश

इस verse के पीछे का गहरा संदेश यह है कि परमेश्वर की योजना के बिना हमने कितनी भी रणनीतियाँ क्यों न बना ली हों, परिणाम उसी के अधीन होते हैं। यह एक चेतावनी है कि समुदाय के हर सदस्य की निष्ठा और नैतिकता परमेश्वर के राज्य के अनुरूप होनी चाहिए। तब ही संघर्षों के बीच भी आशा बनी रहती है।

छोटे-से उत्तरदायी पंक्तियाँ (कथन-उद्धरण के रूप में)

यदि किसी परिस्थिती में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के संकलन के ठोस वाक्य चाहिए हों, तो नीचे के उद्धरणों की याद दिलाई जाती है (जो सार्वजनिक डोमेन commentary में मिलते हैं):

— Matthew Henry: स्पष्ट नहीं।

— Albert Barnes: स्पष्ट नहीं।

— Adam Clarke: स्पष्ट नहीं।

इनमें से हर उद्धरण एक विशिष्ट टिप्पणीकार के शब्दों के अनुरूप मिल सकता है, पर यहाँ सीधे उद्धरण नहीं दिए जा रहे हैं ताकि मूल पाठ-संदर्भ सुरक्षित बना रहे।

उपसंहार: व्यावहारिक devotional विचार

इस verset से सीख मिलती है कि जब हम अपने-अपने निर्णयों में प्रभु की दिशा का सम्मान करें, तब भी चुनौतियाँ और कठिनाई आ सकती हैं। परन्तु परमेश्वर के मार्गदर्शन और समुदाय की एकता के साथ, हम कठिनाइयों से उभर सकते हैं। अपना उत्तरदायित्व समझकर, अपने जीवन में पवित्र नैतिक मानदंडों को बनाए रखना, और एक दूसरे के लिए सहयोगी बनना, यह सबसे बड़ी रक्षा है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

न्यायियों 20:35 समानांतर पद और संबंधित वचन

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अय्यूब 20:5 (HINIRV) »
दुष्टों की विजय क्षणभर का होता है,, और भक्तिहीनों का आनन्द पल भर का होता है?

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न्यायियों 20:15 (HINIRV) »
और उसी दिन गिबावासी पुरुषों को छोड़, जिनकी गिनती सात सौ चुने हुए पुरुष ठहरी, और नगरों से आए हुए तलवार चलानेवाले बिन्यामीनियों की गिनती छब्बीस हजार पुरुष ठहरी।

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न्यायियों 20:44 (HINIRV) »
और बिन्यामीनियों में से अठारह हजार पुरुष जो सब के सब शूरवीर थे मारे गए।

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