Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 3:1 न्यायियों 3:2 न्यायियों 3:3 न्यायियों 3:4 न्यायियों 3:5 न्यायियों 3:6 न्यायियों 3:7 न्यायियों 3:8 न्यायियों 3:9 न्यायियों 3:10 न्यायियों 3:11 न्यायियों 3:12 न्यायियों 3:13 न्यायियों 3:14 न्यायियों 3:15 न्यायियों 3:16 न्यायियों 3:17 न्यायियों 3:18 न्यायियों 3:19 न्यायियों 3:20 न्यायियों 3:21 न्यायियों 3:22 न्यायियों 3:23 न्यायियों 3:24 न्यायियों 3:25 न्यायियों 3:26 न्यायियों 3:27 न्यायियों 3:28 न्यायियों 3:29 न्यायियों 3:30 न्यायियों 3:31
न्यायियों 3:18 — संदर्भ के भीतर संक्षिप्त व्याख्या
यह verse यह दिखाता है कि इस्राएल के शासक, नेताओं और सामान्य लोगों के बीच भेंट-व्यवहार एक बार completed होने के बाद वह व्यक्ति दातृ को विदा कर देता है। यहाँ “भेंट” का अर्थ होता है उद्देश्यपूर्ण दान या उपहार जिसे प्रस्तुत करने के बाद संबद्ध व्यक्ति मान्यता और संबंध को स्थापित करता है, और फिर वह सुरक्षा-निम्न क्रम में चल देता है। यह छोटा सा क्षण, व्यवहार के एक सामान्य नियम के रूप में, एक सम्मिलित सामाजिक और धार्मिक क्रम की पुष्टि करता है: भेंट देना और फिर विदा करना—जो सामाजिक सौहार्द्र और आस्था के बीच संतुलन बनाता है।
मुख्य अर्थ
कथन यह संकेत देता है कि भेंट देने के रूप में जो कर्तव्य निभाया गया, वह समाप्त होते ही भेंट भेजने वाले की व्यवस्था पार हो जाती है। यह व्यवहारिक विवरण इस किताब में रही न्यायिक-नैतिक संरचना का एक भाग है, जिसमें लोगों के लिए दान और शब्दों के साथ एक सम्मानजनक विदा का क्रम बना रहता है।
दो-तीन मुख्य विषय
संबद्ध पाठ
यूहन्ना के समान अन्य धारणाओं में रिश्ते और दान के क्रम पर विचार मिलते हैं—यद्यपि प्रत्येक पाठ अपने समय और सामाजिक ढांचे में विशिष्ट है। नीचे के संदर्भों से आप देखेंगे कि भेंट और विदा का मार्ग किस प्रकार भरोसे और जवाबदेही के साथ जुड़ा रहता है:
क्रॉस-रेफरेंसेस और उनका संक्षेप
वास्तविक पाठों में कुछ समान विचार मिलते हैं जहां भेंट-व्यवहार और आस्था के बीच संतुलन प्रकट होता है। उदाहरणार्थ: - किसी प्रमुख भोज या समारोह में उपहार की प्रस्तुति के बाद विदा का क्रम आचार-व्यवस्था का हिस्सा बनता है। - दीक्षित सेवकों के साथ व्यवहार में देनदारी पूरी होते ही विदा का संकेत—समष्टि में सुरक्षा और सम्मान का प्रमाण।
व्यावहारिक विचार
हमारे जीवन में भेंट देना और फिर विदा करना एक संतुलित आचरण है: कृपा और कृतज्ञता को स्थिरता देते हुए, रिश्तों को ऊँचाइयों तक ले जाना। यह दिखाता है कि दान सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि समुदाय-निर्माण की प्रक्रिया है जिसमें हर व्यक्ति की भागीदारी और श्रद्धा शामिल होती है।
संक्षिप्त सार
न्यायियों 3:18 एक सरल क्रिया के पीछे एक गहरी सामाजिक-धार्मिक संरचना को दिखाता है: भेंट के पूरा होते ही विदा करना—जो कर्तव्य-पूर्णता, सम्मान, और समुदायिक सहभागिता की पुष्टि करता है।