Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 3:1 न्यायियों 3:2 न्यायियों 3:3 न्यायियों 3:4 न्यायियों 3:5 न्यायियों 3:6 न्यायियों 3:7 न्यायियों 3:8 न्यायियों 3:9 न्यायियों 3:10 न्यायियों 3:11 न्यायियों 3:12 न्यायियों 3:13 न्यायियों 3:14 न्यायियों 3:15 न्यायियों 3:16 न्यायियों 3:17 न्यायियों 3:18 न्यायियों 3:19 न्यायियों 3:20 न्यायियों 3:21 न्यायियों 3:22 न्यायियों 3:23 न्यायियों 3:24 न्यायियों 3:25 न्यायियों 3:26 न्यायियों 3:27 न्यायियों 3:28 न्यायियों 3:29 न्यायियों 3:30 न्यायियों 3:31



न्यायियों 3:11 का महत्व और संदर्भ
यह वाक्य बताता है कि इज़राइल में एक ठहराव और संतोष कैसे आता है जब परमेश्वर चमत्कारिक रूप से उनके बीच संघर्षों के बीच शान्ति स्थापित करता है। चालीस वर्ष की शान्ति तब बनी, जब ओत्नीएल के निधन के साथ एक प्रकोप-युग समाप्त हुआ। यह संदेश यह दिखाता है कि परमेश्वर के चयनित लोगों के लिए समय-समय पर उसके आदेशों का पालन और विश्वासपूर्वक विषमता को छोड़ना कितना आवश्यक है।
মূল संदेश और.original context
यद्यपि न्यायियों की किताब एक बारह-तह वाली कहानी-सिरीज है, हर कहानी के पीछे एक स्थायी पाठ है: परमेश्वर के वचनों के साथ खड़े रहना और अन्य देवताओं के प्रभाव से दूर रहना। न्यायियों 3:11-11 यह दिखाता है कि जब ओत्नीएल जैसे शासक का शासन समाप्त होता है, तब ज़्यादा समय तक दुष्कर्म और असंतोष नहीं रहता—परमेश्वर सही समय पर शान्ति और स्थिरता लाते हैं, यदि लोग सत्य और विनम्रता के साथ लौटते हैं।
मुख्य विचार
प्रमुख मौलिक पाठक-समर्थक विचार
हम देखते हैं कि चालीस वर्ष की शान्ति एक राहत है जो पूरी पीढ़ी के लिए थी। यह परमेश्वर की दया का संकेत है कि वह अपने लोगों के लिए समय-समय पर पुनः स्थिरता बनाते हैं, जब लोग उनके सामने विनय करते हैं और अपराध से लौटते हैं।
क्रॉस-रेफरेंसेस और उनका संक्षिप्त संबंध
यहूदा 5:13— पवित्र संगति एवं वैध नेतृत्व के पुनरोन्नयन का चित्रण; यह दिखाता है कि सही नेता और सही आचरण मिलकर शान्ति को बनाए रखते हैं।
नहीम 9:34— परमेश्वर के नियमों पर कायम रहने के महत्व को दोहराते हैं, ताकि भविष्य में बुराइयों के कारण शाप न आये।
कब्रियों 2:7— दृढ़ विश्वास और समर्पण से मिलने वाली आंतरिक शान्ति का प्रमाण; बाहरी संकटों के बावजूद हृदय की स्थिरता बनी रहती है।
एंथोलेजी–आधार विचार
याद रखें: जब विश्वासियों का समूह परमेश्वर के निर्देशन में चलता है, तब परेशानियों के बीच भी स्थिरता आती है। अनुकूल नेतृत्व और परमेश्वर की सुरक्षा के बीच संतुलन बनता है, और यह शान्ति जन-जन तक फैलती है।
Devotional reflection
आज के दिन हम यह सीख लेते हैं कि शान्ति की अवस्था टिके रखने के लिए हमें अपने दिलों में परमेश्वर के सामने विनम्रता और समर्पण रखना होगा। छोटे-छोटे निर्णयों में भी ईश्वर के नियमों को प्राथमिकता दें, ताकि आपकी व्यक्तिगत शान्ति और परिवार-समुदाय की स्थिरता बनी रहे। परमेश्वर की कृपा से, जब हम उसकी ओर मुड़ते हैं, तो भौतिक या सामाजिक परिस्थिति कैसी भी हो—आत्मिक शान्ति हमारे भीतर बहती रहती है।
महत्वपूर्ण उद्धरण (Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke):
नोट: नीचे केवल संक्षिप्त सार प्रदान किया गया है; पूर्ण वाक्यों के उद्धरण नहीं हैं क्योंकि मूल पाठ संरक्षित है।
यदि आवश्यक हो, Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के उपलब्ध संक्षिप्त टिप्पणियों में से तुलनात्मक संदर्भों का उपयोग कर सकते हैं।