Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 3:1 न्यायियों 3:2 न्यायियों 3:3 न्यायियों 3:4 न्यायियों 3:5 न्यायियों 3:6 न्यायियों 3:7 न्यायियों 3:8 न्यायियों 3:9 न्यायियों 3:10 न्यायियों 3:11 न्यायियों 3:12 न्यायियों 3:13 न्यायियों 3:14 न्यायियों 3:15 न्यायियों 3:16 न्यायियों 3:17 न्यायियों 3:18 न्यायियों 3:19 न्यायियों 3:20 न्यायियों 3:21 न्यायियों 3:22 न्यायियों 3:23 न्यायियों 3:24 न्यायियों 3:25 न्यायियों 3:26 न्यायियों 3:27 न्यायियों 3:28 न्यायियों 3:29 न्यायियों 3:30 न्यायियों 3:31



पद का सीधा अर्थ
यहोधा के प्रमुख मोआबी शत्रुओं को परास्त करने के बाद इस वाक्य में यहूदा के चक्रव्यूह में उतरने की एक घटना उद्धृत है: मोआबी सेनाओं के विरुद्ध arrow से नहीं, बल्कि यहोवा के विरुद्ध विजय प्राप्त करने की योजना में साथी योद्धाओं को यह कहकर प्रेरित किया गया कि उनका पीछे-पीछे चले, क्योंकि यहोवा ने दुश्मनों को उनके हाथ में कर दिया है।
पृष्टभूमि और संदर्भ
न्यायियों की पुस्तकों में इजरायल के जीवन में मोआब के साथ सतत संघर्ष है। और जब यहोवा का आशीर्वाद मिलते ही वे मोआबी विरोधियों पर विजय पाते हैं, तब यहोहुद के नेताों के साथ एक स्पष्ट निर्देश आता है: साहसपूर्वक मगर्नादेशी ताकतों के पीछे-पीछे चलना और उनके कदमों को नियंत्रण में रखना। यह खोज यह दर्शाती है कि विजय का स्रोत व्यक्ति की सेनाओं में नहीं, बल्कि परमेश्वर की योजना और सहायता में है।
व्याख्यात्मक टिप्पणियाँ
दृष्टांत और क्रॉस-रेफरेंसे
क्रॉस-रेफरेंसे: (1) यहोवा की सहायता के द्वारा प्रभु के कार्य कैसे आगे बढ़ते हैं, (2) गवाही के अनुसार, परमेश्वर अपने लोगों के साथ मिलकर शत्रुओं पर विजय देता है, (3) विश्वास और आज्ञा के संग्राम में अनुशासन का महत्त्व।
संक्षिप्त व्याख्या: यहान से यह स्पष्ट होता है कि विश्वास में आगे बढ़ना और परमेश्वर की आज्ञाओं के अनुसार आचरण करना, विजय के लिए अनिवार्य है।
संक्षेपित विषय-वस्तु
व्यावहारिक निष्कर्ष
हमारे जीवन में भी चरण-बद्ध, विश्वास-आधारित निर्णय आवश्यक हैं: जब परमेश्वर उद्देश्य निर्धारित कर दे, तो दृढ़तापूर्वक, चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ें और हर कदम पर उसकी दिशा को मानें।
स्वीकृत उद्धरण (public domain commentators)
यह टिप्पणी Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेरी विचारों से प्रेरित संकेत समाहित करती है।
संदर्भ notes: Henry, Barnes, Clarke के समान विचारों का संकलन यह दर्शाता है कि विजय का स्रोत परमेश्वर की कृपा और आदेशों में है; यहोवा के साथ नीति और अनुशासन ही निर्णायक हैं।
समाप्त विचार: इस पाठ ने मोआब के विरुद्ध परमेश्वर की शक्तिशाली सहायता में विश्वास बनाए रखने, और आदेशों के अनुसार चलने की प्रेरणा दी है।