Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 6:1 न्यायियों 6:2 न्यायियों 6:3 न्यायियों 6:4 न्यायियों 6:5 न्यायियों 6:6 न्यायियों 6:7 न्यायियों 6:8 न्यायियों 6:9 न्यायियों 6:10 न्यायियों 6:11 न्यायियों 6:12 न्यायियों 6:13 न्यायियों 6:14 न्यायियों 6:15 न्यायियों 6:16 न्यायियों 6:17 न्यायियों 6:18 न्यायियों 6:19 न्यायियों 6:20 न्यायियों 6:21 न्यायियों 6:22 न्यायियों 6:23 न्यायियों 6:24 न्यायियों 6:25 न्यायियों 6:26 न्यायियों 6:27 न्यायियों 6:28 न्यायियों 6:29 न्यायियों 6:30 न्यायियों 6:31 न्यायियों 6:32 न्यायियों 6:33 न्यायियों 6:34 न्यायियों 6:35 न्यायियों 6:36 न्यायियों 6:37 न्यायियों 6:38 न्यायियों 6:39 न्यायियों 6:40



न्यायिएों 6:11 का संदर्भ और अर्थ
इस पद में प्रभु यहोवा के दूत का पहली बार गोत्र-यात्री गिदोन के समय उपस्थित होना दर्शाया गया है। मिद्यानियों के दुष्कर्मों के कारण इस्राइल शत्रु के कब्जे में था, और गिदोन अपनी दैनिक भूमिका में गेहूँ को गाड़ने के लिए एक दाखरस के कुण्ड के भीतर सुखाने-बाँटने का काम कर रहा था, ताकि वह नापाक आक्रमण से खुद को सुरक्षित रख सके। दूत का बांज वृक्ष के तले बैठना एक मानवीय स्थान पर दिव्यता का प्रवेश और सेवा के बुलावे को इंगित करता है।
मुख्य भावार्थ
इस verse में यहोवा का दूत गिदोन के निकट आता है और उसे यह संकेत देता है कि वह ओप्रा के बांज वृक्ष के तले बैठा है, न कि सत्ता या महत्त्वपूर्ण स्थान पर—यानी यह बुलाहट सामान्य जीवन के बीच से निकलती है। यहुक्त विशेषता यह है कि गिदोन अभी अपने कर्तव्य का भयावह भार समझ रहा है; फिर भी दूत उसे परमेश्वर के कार्य के लिए तैयार करता है और उसे “तो मोआश्चर्यचकित न हो” कहकर धैर्य देता है।
तीन प्रमुख विषय
सापेक्ष लेखन (cross-references)
• यिहोशू 6:2-5 – परमेश्वर कैसे योधाओं के साथ मार्गदर्शन देता है और विजय का मार्ग खोलता है; यह दिखाता है कि सीमाओं के बीच भी परमेश्वर की योजना संभव बनती है।
• भजन 46:10 – “यूं कहो और जानो कि मैं परमेश्वर हूँ” की प्रेरणा, जब भी मन भयग्रस्त होता है, यह बुलावा धैर्य और विश्वास के लिए है।
• 2 Coroutine 12:9 – जब कमजोरी प्रभु की महिमा से समर्थित होती है, तब ताकत मिलती है; गिदोन की परिस्थिति में भी यह सच भरपूर रूप से लागू होता है।
व्यावहारिक विचार
कभी-कभी परमेश्वर हमारी सामान्य गतिविधियों और रोजमर्रा के कार्यों में से बुलावा देता है—जैसे गेहूं का झाड़ना, ताकि हम अपने डर के बावजूद भरोसे के साथ बुलावे का उत्तर दे सकें। यह पाठ यह याद दिलाता है कि परमेश्वर कमजोरों को भी उपयोग करता है और गिदोन जैसे साधारण व्यक्ति से महान कार्य बनवाता है जब वे विनम्रता से उसकी सहायता मांगते हैं।
संक्षिप्त समापन
न्यायियों 6:11 एक ऐसी घटना है जो यह दिखाती है कि परमेश्वर की योजना सामान्य जीवन के भीतर चलती है और परम-शक्ति के सामने भी हमारी दुर्बलताएँ महत्त्व नहीं खोतीं। दूत का आगमन बांज के वृक्ष के नीचे यह संकेत बनकर आता है कि बुलावा आने पर भी ईश्वर हमारे आसपास है, और हमारा कर्तव्य है कि भय के बंधनों को छोड़कर विश्वास के साथ आगे बढ़ें।
उद्धरण संकेत: यह लेख न तो किसी विशिष्ट आधुनिक अनुवाद की प्रत्यक्ष उद्धरण-चयन है, बल्कि म्यूचुअल यह निर्देश देता है कि Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-domain टिप्पणीकारों के मौलिक अवलोकनों का संरेखण इस छोटे-से सार में प्राकृतिक रूप में समाहित किया गया है।