Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीयहोशू 17:2 बाइबल पद की व्याख्या
यहोशू 17:2 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इसलिए यह भाग दूसरे मनश्शेइयों के लिये उनके कुलों के अनुसार ठहरा, अर्थात् अबीएजेर, हेलेक, अस्रीएल, शेकेम, हेपेर, और शमीदा; जो अपने-अपने कुलों के अनुसार यूसुफ के पुत्र मनश्शे के वंश में के पुरुष थे, उनके अलग-अलग वंशों के लिये ठहरा।
यहोशू 17:2 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 17:2 समानांतर पद और संबंधित वचन
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गिनती 26:29 (HINIRV) »
मनश्शे के पुत्र ये थे; अर्थात् माकीर, जिससे माकीरियों का कुल चला; और माकीर से गिलाद उत्पन्न हुआ; और गिलाद से गिलादियों का कुल चला।

न्यायियों 8:2 (HINIRV) »
उसने उनसे कहा, “मैंने तुम्हारे समान भला अब किया ही क्या है? क्या एप्रैम की छोड़ी हुई दाख भी अबीएजेर की सब फसल से अच्छी नहीं है?

यहोशू 17:2 पर टिप्पणी: वंश और पृथक्करण का उद्देश्य
इस Verse में यह दर्शाया गया है कि यह भाग (यूसुफ के पुत्र मनश्शे के वंश) के पुरुषों के लिए अलग से ठहरने का निर्देश क्यों दिया गया, और यह कुलों के अनुसार विभाजन कैसे हल्के नहीं, बल्कि नीतिगत महत्त्व का भाग है। परमेश्वर के निर्देश में यह स्पष्ट है कि हर वंश और बस्ती को उनके पूर्व-निर्धारित गोचर के अनुसार स्थान दिया गया, ताकि मांगा गया विभाजन और विरासत सत्यापित रहे।
साहित्यिक परिप्रेक्ष्य (Literary Context)
यह अध्याय यहूदी-वंशावली और भू-हकूम की व्यवस्था को स्थापित करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है। यहोशू की बैठक में पूर्ववर्ती युद्धोत्तर व्यवस्थाओं के बाद परिवार-आधारित विरासतें निर्धारित की जा रही हैं। इस Verse में स्पष्ट किया गया है कि मनश्शे के वंश के भीतर के विशिष्ट पुरुषों—अबीएजेर, हेलेक, अस्रीएल, शेकेम, हेपेर, और शमीदा—को उनके-अपने कुलों के अनुसार स्थान दिया गया है। यह पृथक्करण पारिवारिक, सामाजिक और धार्मिक पहचान के लिए आधार बनता है।
धार्मिक और सैद्धांतिक महत्त्व (Theological Significance)
प्रत्येक वंश के अनुसार ठहरना यह दर्शाता है कि यह भूमि और व्यवस्था एक संरचित नैतिक योजना का हिस्सा है। कुलों के अनुपात में विभाजन से यह सुनिश्चित होता है कि न तो किसी को अयोग्य माना जाए और न ही किसी के अधिकारों में अड़चन आए। यह भी संकेत देता है कि परमेश्वर राजनीति-सम्बन्धी विभाजन में भी संगतता और क्रम चाहते हैं—हर परिवार को उसकी पहचान और विरासत का सम्मान मिलता है।
धार्मिक-ऐतिहासिक तुलना (Cross-References)
नोट: यदि आप cross-references से पाठ के उल्लेख देखना चाहें, तो ध्यान दें कि यहाँ संकेतित दृष्टांत पूर्ण शास्त्रीय उद्धरण नहीं देता, बल्कि संदर्भ-केन्द्रित संकेत देता है ताकि पाठ के बहाव को रोका नहीं जाए।
विव Chesapeake:Questions for Reflection
संक्षिप्त निष्कर्ष
यहोशू 17:2 हमें यह याद दिलाता है कि विरासत और समुदाय-निर्वाचन परमेश्वर की ठहरे हुए नियमों से संचालित होते हैं। यह भाग अबीएजेर, हेलेक, अस्रीएल, शेकेम, हेपेर, और शमीदा जैसे मनश्शे के वंश के पुरुषों के लिए उनके कुलों के अनुसार निर्धारित किया गया था—जो क्रम और पहचान के द्वारा समाज में स्थिरता और पारिवारिक उत्तरदायित्व स्थापित करता है।
एपिग्रा: “यदि परमेश्वर का क्रम कायम है, तो हमारे जीवन में भी क्रम और सम्मान के अनुसार विभाजन और भूमिका बनती है”—यह विचार इस पाठ के वास्तविक उद्देश्य को उजागर करता है।
कथन-संदर्भ उद्धरण (महत्त्वपूर्ण):
यहाँ Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के शाब्दिक संक्षेप उद्धरण उपलब्ध नहीं हैं; यदि आप चाहें तो मैं इन commentators के सार्वजनिक-डायरेक्ट हिस्से से मिनी-उद्धरण खोज कर संक्षेप दे सकता हूँ, बशर्ते आप अनुमति दें।