Old Testament
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यहोशू 17:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
फिर वहाँ से वह सीमा काना की नदी तक उतरके उसके दक्षिण की ओर तक पहुँच गयी; ये नगर यद्यपि मनश्शे के नगरों के बीच में थे तो भी एप्रैम के ठहरे; और मनश्शे की सीमा उस नदी के उत्तर की ओर से जाकर समुद्र पर निकली;
यहोशू 17:9 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 17:9 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहोशू 19:29 (HINIRV) »
वहाँ से वह सीमा मुड़कर रामाह से होते हुए सोर नामक गढ़वाले नगर तक चली गई; फिर सीमा होसा की ओर मुड़कर और अकजीब के पास के देश में होकर समुद्र पर निकली,

यहोशू 16:3 (HINIRV) »
और पश्चिम की ओर यपलेतियों की सीमा से उतरकर फिर नीचेवाले बेथोरोन की सीमा से होकर गेजेर को पहुँचा, और समुद्र पर निकला।

यहोशू 16:8 (HINIRV) »
फिर वही सीमा तप्पूह से निकलकर, और पश्चिम की ओर जाकर, काना की नदी तक होकर समुद्र पर निकली। एप्रैमियों के गोत्र का भाग उनके कुलों के अनुसार यही ठहरा।
यहोशू 17:9 — तत्कालीन स्थिति और क्षेत्रीय सीमा
यह पाठ यह बताता है कि ईसान्शे के नगरों के क्षेत्रीय घोषणाओं के बीच मनश्शे की पूर्वसीमा कहाँ तक फैली है और एप्रैम के ठहराव के बावजूद काना की नदी से दक्षिण की ओर उसका विस्तार कहाँ तक पहुँचा। यह आयत एक भू-रेखा की सूचना है जो उस समय की युद्घ-योजना और वंशीय निवास-सीमाओं के निर्धारण को स्पष्ट करती है।
ईश्वरीय आस्था का संकेत और तथ्य
यहोशू 17:9 क्षेत्रीय प्रगाढ़ता और दैवीय मार्गदर्शन के संकेत को उद्घाटित करता है कि परमेश्वर ने इजराइल के विभाजन-प्रेमी संकल्प के अनुसार बारह Tribes के लिए भूमि कैसे बाँटी। यहाँ सीमा की सचाई दिखाती है कि परमेश्वर के कहे अनुसार ही क्षेत्र की व्यवस्था होती है, चाहे आस्था की दिशा में कैसी भी बाधाएं हों।
शब्दार्थ और छवि-समझ
- “नगरों के बीच में थे तो भी एप्रैम के ठहरे”: यह शब्दावली यह दर्शाती है कि वंश-सीमा के भीतर भी कुछ स्थान पृथक-पृथक थे, और territorial boundaries कितने जटिल रहे।
- “नदी तक उतरके”: संकीर्ण सीमाओं से व्यापक क्षेत्र तक पहुँचने की दिशा का संकेत है; नदी मार्ग एक प्राकृतिक सीमा-रेखा है, जो वहाँ के राजनीतिक-भौगोलिक नक्शे को निर्धारित करती है।
संसारिक पाठ के संबंधी बिंदु
अन्य संदर्भों से संबल
यह पाठ जोड़ता है: - यहोशू 15:5-8, जहाँ यहूदियों की सीमा नदी-रेखा और पहाड़ी क्षेत्रों से निर्धारित होती है। - जेष्व 19 में भी उत्तर-पूर्वी सीमाओं के साथ निवास-भाग का विवरण मिलता है। (इन संयोगित संदर्भों से यह समझ बनती है कि भूमि-सीमा एक समेकित Divine योजना का हिस्सा है, न कि केवल मानचित्र की रेखा।)
आज-के-समय में प्राथमिक उपयोग
- विश्वासियों के लिए यह याद दिलाता है कि जीवन-यात्रा में सीमाओं के बावजूद परमेश्वर मार्ग बनाते हैं; कठिनाइयों में भी वे हमारे लिए भाग-भाग की दिशा दिखाते हैं।
संक्षिप्त मिलान
यही संदेश Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के टिप्पणी-घटकों में भी मिलता है कि प्रभु के निर्देशों के अनुरूप सीमाओं और विरासतों की स्थापना होती है; उनके विचारों के संकेतक उद्धरण निम्न स्तर पर संकेतनित हैं:
उद्धृत पंक्तियाँ (सार-सार): “...प्रभु की योजना पर निर्भर रहते हुए सीमाओं का निर्धारण होता है” — (ए। क्लार्क / बी.एच.एर्न्स के समरूप संकेत).
संक्षिप्त निष्कर्ष
यहोशू 17:9 से स्पष्ट होता है कि परमेश्वर के निर्देशानुसार भू-सीमा बनती हैं; यहाँ नदी तक पहुँच और मनश्शे-एप्रैम के बीच स्थितियाँ बताते हैं कि भूमि का वितरण केवल भू-भाग नहीं, बल्कि आस्था, वंश-गौरव और ईश्वर-योजना का एकीकृत हिस्सा है।