Old Testament
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यहोशू 17:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
यूसुफ की सन्तान यहोशू से कहने लगी, “हम तो गिनती में बहुत हैं, क्योंकि अब तक यहोवा हमें आशीष ही देता आया है, फिर तूने हमारे भाग के लिये चिट्ठी डालकर क्यों एक ही अंश दिया है?”
यहोशू 17:14 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 17:14 समानांतर पद और संबंधित वचन
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उत्पत्ति 48:22 (HINIRV) »
और मैं तुझको तेरे भाइयों से अधिक भूमि का एक भाग देता हूँ,* जिसको मैंने एमोरियों के हाथ से अपनी तलवार और धनुष के बल से ले लिया है।” (यूह. 4:5)

उत्पत्ति 48:19 (HINIRV) »
उसके पिता ने कहा, “नहीं, सुन, हे मेरे पुत्र, मैं इस बात को भली भाँति जानता हूँ यद्यपि इससे भी मनुष्यों की एक मण्डली उत्पन्न होगी, और यह भी महान हो जाएगा, तो भी इसका छोटा भाई इससे अधिक महान हो जाएगा, और उसके वंश से बहुत सी जातियाँ निकलेंगी।”

गिनती 26:34 (HINIRV) »
मनश्शेवाले कुल तो ये ही थे; और इनमें से जो गिने गए वे बावन हजार सात सौ पुरुष थे।
यहोशू 17:14 का संदर्भ और मूल विचार
यह शास्त्र पाठ यहोशू के समय के विधान-युद्ध और भाग-बंटवारे की कठिनाइयों को दिखाता है। यहोशू 17 में ईश्वरीय आशीषों के बावजूद मनवासी Gimble के भाग-संरचना के बारे में कुलीन योधाओं के बीच असमानताओं की चर्चा होती है। यहाँ यहोशू से रेखांकित होता है कि इस्राएली बहनों के प्रश्न के साथ एक बड़ी वास्तविकता जुड़ी है: यहोवा की वचनों के अनुरूप तभी भाग-संयोजन संतुलित हो सकता है जब परिवार और समाज की संतति-आधार बराबर हो और परिवारों की भागीदारी स्पष्ट हो।
मुख्य विचार
यूसुफ की संताने यहोशू से अपनी संख्या की वृद्धि के बावजूद यह अपेक्षा नहीं छोड़तीं कि सभी रियायतें समान रूप से चाहिए; वे यह पूछती हैं कि उनके भाग के लिए क्या एक ही अंश नहीं मिल सकता? इसका तात्पर्य यह है कि आशीष और भाग-हीनता की व्यवस्था कभी-कभी तार्किक नहीं लगती, परन्तु ईश्वरीय विधान के अनुरूप ही यह व्यवस्था चलती है। यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर की इच्छा में विविधता हो सकती है, परन्तु यह भूमिका-आधारित भागीदारी आवश्यक है ताकि सारी बेटी-बेटों की समान सुरक्षा बने।
दो-तीन प्रमुख विषय
यूनानी-स्तर के cross-reference
1) नव-कल से आगे के भाग-बंधन के प्रश्नों में प्रायः समान प्रश्न उठते हैं—यहोशू 18:1 आदि में यह दिखता है कि इस्राएल के प्रत्येक सदस्य के लिए स्थान-बंध की व्यवस्था एक साथ स्थापित की जाती है।
2) यहूदा के भागों के विन्यास के संदर्भ में भू-भाग के वितरण पर ध्यान है, जो जंगलों और मैदानों के बीच संतुलन बनाता है (यहोशू 19 के भाग)।
3) आरम्भिक इतिहास में परिवार-आउटपुट और समाज-योजना के बीच संतुलन स्पष्ट है (गिनती और वितरण के अनुसार बंटवारे का नियम, चाप्टर 14–17 के भीतर देखने योग्य है)।
नोट: उपरोक्त संदर्भों में पूर्ण वचन नहीं दिए जा रहे हैं, परन्तु विषयगत संपर्क स्पष्ट हैं कि भाग-रचना और आशीष की भूमिका कैसे जुड़ती है।
प practically व्यावहारिक विचार
- समूहों के लिए भाग-प्राप्ति के नियम स्पष्ट रखने से समाज में स्थिरता बनी रहती है।
- समाज के भीतर विविधता के बावजूद बराबरी का मान बनाए रखना, जहां प्रत्येक परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
- कठिन प्रश्न मिलने पर भी विश्वास रखें कि परमेश्वर की योजना सर्वत्र समन्वयित होती है और हर दान का उद्देश्य समुदाय के लिये है।
संक्षिप्त निष्कर्ष
यहोशू 17:14 हमें सिखाता है कि आशीषों की वृद्धि के बीच भाग-बंध के नियम समाज को स्थिर बनाने के लिए आवश्यक होते हैं। यहूश्व-समूह में सदस्यता और अधिकारों की स्पष्टता परमेश्वर की योजनाओं के अनुरूप चलती रहे, यही विश्वासयोग्य जीवन का लक्ष्य है।
संकेतित टीका-योगदान
यह पाठ Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के विचारों के संगठित सार से निकलकर प्रस्तुत किया गया है। आवश्यक उद्धरणों के लिए नीचे संक्षेप में ध्यान दें:
कृपया ध्यान दें: इस commentary में इन विद्वानों के समान विचारों की समाकलित प्रस्तुति की गई है; यदि आप उनके स्पष्ट वाक्यों को चाहते हैं, तो मैं उद्धृत छोटे-चर्चित पंक्तियाँ दे सकता/सकती हूँ।