Old Testament
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यहोशू 17:18 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
पहाड़ी देश भी तुम्हारा हो जाएगा; क्योंकि वह जंगल तो है, परन्तु उसके पेड़ काट डालो, तब उसके आस-पास का देश भी तुम्हारा हो जाएगा; क्योंकि चाहे कनानी सामर्थी हों, और उनके पास लोहे के रथ भी हों, तो भी तुम उन्हें वहाँ से निकाल सकोगे।।”
यहोशू 17:18 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 17:18 समानांतर पद और संबंधित वचन
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इब्रानियों 13:6 (HINIRV) »
इसलिए हम बेधड़क होकर कहते हैं, “प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूँगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है?” (भज. 118:6, भज. 27:1)

रोमियों 8:37 (HINIRV) »
परन्तु इन सब बातों में हम उसके द्वारा जिस ने हम से प्रेम किया है, विजेता से भी बढ़कर हैं।

रोमियों 8:31 (HINIRV) »
तो हम इन बातों के विषय में क्या कहें? यदि परमेश्वर हमारी ओर है, तो हमारा विरोधी कौन हो सकता है? (भज. 118:6)
यहोशू 17:18 — पहाड़ी देश का उत्तराधिकारी और विश्वास की प्रेरणा
पद का पृष्ठभूमि: यहोशू ने वन, पहाड़ों और शर्तों के बीच इज़राइल के तलम सन्निहित भागों के विनियोग-योजनाओं में से एक भाग पूरा किया—जन्ना के किनारों पर रहने वाले कनानी नगर-गठनों के विरुद्ध उनके लिए सीमा निर्धारण और विरासत बाँटना शुरू किया। इस समय यरदन के पूर्व और पश्चिम के पहाड़ी क्षेत्रों के कुछ भागों के बारे में उनकी योजना सामने आती है, जहाँ पहले पुरुष और पश्चात् देव-यज्ञ के बल पर उन्हें स्थापित करना था। इस पुत्राधीन प्रसंग में यहोशू यह स्पष्ट कराते हैं कि वीरता, प्रशासन और धार्मिक प्रतिबद्धता साथ चलेगी, ताकि प्रत्येक क्षेत्र की विरासत सुरक्षित हो सके।
पवित्र पाठ का मुख्य संदेश
यहोशू 17:18 बताता है कि पहाड़ी देश तुम्हारा हो जाएगा, भले ही वह जंगल है, पेड़ काट डालो—तब उसके आस-पास का देश भी तुम्हारा हो जाएगा; कनानी मजबूत हैं और उनके पास लोहे की रथ भी हैं, फिर भी तुम्हें उन्हें वहाँ से निकालना संभव होगा। यह पद न केवल भौगोलिक मार्गदर्शक है, बल्कि आस्था-योद्धा के रूप में ईश्वर की मदद और लोगों के लिए उम्मीद की पुष्टि है।
गॉड और विश्वास के बारे में संकेत
- ईश्वर एक नई भूमि के लिए निर्धारण और संरक्षण का स्रोत है; विरासत बाँटते समय उनकी उपस्थिति और सहायता स्पष्ट है।
- दूसरे शब्दों में डरना नहीं बल्कि करुण-विश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए; कठिनाईयों के बावजूद ईश्वर के सपोर्ट पर आश्रय लिया गया है।
महत्वपूर्ण शब्दों और imagery की स्पष्टता
- पहाड़ी देश: भौगोलिक चुनौती के बावजूद नियमितताओं की सीमाओं पर विजय का प्रतीक।
- जंगल: विकसित पुनर्निर्माण का संकेत; इसे काटकर पीछे छोड़ना एक स्पष्ट क्रिया-प्रतीक है कि वे अपनी विरासत के लिए व्यवस्थित प्रयास कर रहे हैं।
- लोहे के रथ: कनानियों की सैन्य शक्ति का संकेत, जिसे यहूदी राजा-यात्रा के समय बहुधा चुनौती माना गया है; अभियोग के बीच भी विश्वास के साथ निकलना संभव है।
अनुषंगिक उद्धरण (Cross-references)
इन संदर्भों में संकेत मिलता है कि परमेश्वर के निर्देशों के साथ चलना और विरोधी की शक्तियों के बावजूद विश्वास-यात्रा को मजबूत बनाता है।
आज के समय में अनुप्रयोग
- कठिन भौगोलिक या सामाजिक बाधाओं के सामने भी ईश्वर की कृपा पर भरोसा रखना चाहिए।
- परमेश्वर के मार्गदर्शन में क्रमबद्ध कदम उठाते हुए, अपने “ Jungle” और अवरोधों को काटना आवश्यक है ताकि पवित्रता और विश्वास-प्रवृत्ति में बंधुत्व बढ़े।
- व्यक्तिगत और समुदायिक प्रतिउत्तर में धैर्य, संयम और साहस को संतुलित रखना सीखना चाहिए; ताकि शत्रु की ताकत के बावजूद विरासत सुरक्षित रहे।
टिप्पणियाँ और सामयिक दृष्टिकोण
यह पाठ अध्यात्मिक लड़ाइयों में विश्वास की निर्णायक भूमिका को उजागर करता है—परमेश्वर के साथ दृढ़ता और साहस से ही उद्देश्य संभव होते हैं।
नोट: इस पाठ के लिए Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के किसी भी सूचित शब्द-उद्धरण उपलब्ध हों तो पाठक के लिए उद्धृत उद्धरण संक्षेप में शामिल हैं।