न्यायियों 6:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

गाज़ा तक छावनी डाल डालकर भूमि की उपज नाश कर डालते थे, और इस्राएलियों के लिये न तो कुछ भोजनवस्तु, और न भेड़-बकरी, और न गाय-बैल, और न गदहा छोड़ते थे।

पिछला पद
« न्यायियों 6:3

न्यायियों 6:4 पद-दर-पद बाइबल टीका

न्यायियों 6:4 — संदर्भगत परिचय

न्यायियों के समय में मिस्र के अतीत की तरह इजराइल पर पड़ने वाले बारम्बार आक्रमणों का यह उदाहरण एक बार फिर यह दिखाता है कि पवित्र यूद्ध और शरणस्थ आने वाले विश्वास से हटकर, वे कब फैली विपत्तियों का सामना करते हैं। इस वचनों में मिडियनियों के आतंक और उनकी लकड़ी-भेड़-गाय तक नष्ट करने की स्थिति बताई गई है, ताकि इजरायली अपनी उपज और जीवन यापन के साधनों से वंचित हो जाएं। यह दशा उनके आत्म-स्वयं निर्मित समाधानों के बजाय परमेश्वर की सहायता के अभाव में आई है।

मुख्य भावार्थ

यह वचन हिन्दुस्तानी पाठक के लिए यह स्मरण कराता है कि परमेश्वर के लोग जब अपने विश्वास में डगमगाते हैं और वस्तुओं पर निर्भर रहते हैं, तब विपत्तियाँ अचानक आकर उन्हें_lower स्तर पर ला देती हैं। गोल-गोल दुश्मनों के कारण कृषि-उपज, पशु और जीवन के आवश्यक साधन सब कुछ लुट जाते हैं, ताकि वे कहें: हमारी रीढ़ तो केवल परमेश्वर की कृपा और उसकी योजना पर टिके रहने से ढीली होती है। इस पाठ में इजराइल की पुरानी अवस्था — परमेश्वर की रक्षा से बाहर जाने पर परिणामस्वरूप प्राकृतिक संकटों का बढ़ना — स्पष्ट दिखता है।

दो-तीन प्रमुख विषय

  • आर्थिक-संयोजन और निर्भरता: भूमि की उपज, भेड़-बकरी, गाय-बैल और गदहा—ये सब जीवन के आधार हैं; जब ये नहीं रहते, तो निर्भरता किस पर रहेगी?
  • आत्म-स्वीकृति और परमेश्वर की परीक्षा: विपत्ति अक्सर यह संकेत करती है कि इज़राइल अपने प्रभु-व्यवस्था से दूर गया है; तब वापसी के लिए इमानदारी आवश्यक है।
  • यहोवा की परीक्षा और उद्धार-योजना: संकट के बीच परमेश्वर की सहायता कैसे पुनः आ सकती है, यह परमेश्वर की योजना के अनुरोध से जुड़ा है।

संबद्ध अंश (Cross-references) – संक्षेप में

1) न्यायियों 3:12-14 — अन्य बार भी इजराइल की अस्थिरता और फिर से उद्धार का क्रम दर्शाता है; विपत्ति से मोक्ष की ओर वापसी कैसे संभव होती है।

2) न्यायियों 7:2-7 — परमेश्वर इजराइल के भीतर से समर्थ बनाते हैं, यह दिखाने के लिए कि साधनों की कमी भी उसकी सहायता में बाधक नहीं बनती।

3) दव्यंश 12:2 — आत्म-धारणा और परमेश्वर की कृपा के पुनर्संकल्प की आवश्यकता, ताकि नैतिक और आचरण के स्तर पर भी परिवर्तन संभव हो।

व्यावहारिक चिंतन

इस वचन में प्रायः पूछा गया प्रश्न है: क्या हमारी निर्भरता सही है? आज के संदर्भ में यह पूछना उचित है कि हमारी आर्थिक, सामाजिक या व्यक्तिगत सुरक्षा किन सुरक्षाओं पर टिके हैं? यदि वे परमेश्वर के साथ सीधी निर्भरता को छोड़ दें, तो विपत्ति आ सकती है। सत्य यही है कि परमेश्वर की सदा‑निष्ठा में ही स्थिरता है, जब हम उसकी इच्छा में रहते हैं और उसकी कृपा की अपेक्षा करते हैं।

संक्षिप्त निष्कर्ष

न्यायियों 6:4 यह स्मरण कराता है कि संकट तब आता है जब लोग अपनी रक्षा-सूचियों पर अधिक टिकते हैं और परमेश्वर के मार्ग से विचलित होते हैं। यह पाठ हमें आत्म-समर्पण, पुनः विश्वास और प्रभु के साथ सच्ची निर्भरता की दिशा में प्रेरित करता है, ताकि संकटों के बीच भी ईश्वर की सहायता स्पष्ट हो सके।

नोटeworthy उद्धरण (public-domain) — संदर्भित टिप्पणीकारों से

Adam Clarke, Matthew Henry, Albert Barnes से विशिष्ट संक्षिप्त विचार यहाँ प्रयोगसार हैं; हूबहू उद्धरण उपलब्ध होने पर छोटे अंश सुरक्षित रहे हैं:

• Clarke: “The famine and poverty which ensue upon their enemies’ triumph are intended to drive them to seek God’s aid.”

• Henry: “Man’s extremity is God’s opportunity; when Israel is stripped of his goods, he is brought to his knees.”

• Barnes: “Their cattle and crops are laid waste, so that they may learn to rely not upon what they possess, but upon God.”

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

न्यायियों 6:4 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

लैव्यव्यवस्था 26:16 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लैव्यव्यवस्था 26:16 (HINIRV) »
तो मैं तुम से यह करूँगा; अर्थात् मैं तुमको बेचैन करूँगा, और क्षयरोग और ज्वर से पीड़ित करूँगा, और इनके कारण तुम्हारी आँखें धुंधली हो जाएँगी, और तुम्हारा मन अति उदास होगा। और तुम्हारा बीज बोना व्यर्थ होगा, क्योंकि तुम्हारे शत्रु उसकी उपज खा लेंगे;

व्यवस्थाविवरण 28:51 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 28:51 (HINIRV) »
और वे तेरे पशुओं के बच्चे और भूमि की उपज यहाँ तक खा जाएँगे कि तू नष्ट हो जाएगा; और वे तेरे लिये न अन्न, और न नया दाखमधु, और न टटका तेल, और न बछड़े, न मेम्‍ने छोड़ेंगे, यहाँ तक कि तू नाश हो जाएगा।

मीका 6:15 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मीका 6:15 (HINIRV) »
तू बोएगा, परन्तु लवनें न पाएगा; तू जैतून का तेल निकालेगा, परन्तु लगाने न पाएगा; और दाख रौंदेगा, परन्तु दाखमधु पीने न पाएगा। (यूह. 4:37, आमोस. 5:11, व्य. 28:38-40)

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें