Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 6:1 न्यायियों 6:2 न्यायियों 6:3 न्यायियों 6:4 न्यायियों 6:5 न्यायियों 6:6 न्यायियों 6:7 न्यायियों 6:8 न्यायियों 6:9 न्यायियों 6:10 न्यायियों 6:11 न्यायियों 6:12 न्यायियों 6:13 न्यायियों 6:14 न्यायियों 6:15 न्यायियों 6:16 न्यायियों 6:17 न्यायियों 6:18 न्यायियों 6:19 न्यायियों 6:20 न्यायियों 6:21 न्यायियों 6:22 न्यायियों 6:23 न्यायियों 6:24 न्यायियों 6:25 न्यायियों 6:26 न्यायियों 6:27 न्यायियों 6:28 न्यायियों 6:29 न्यायियों 6:30 न्यायियों 6:31 न्यायियों 6:32 न्यायियों 6:33 न्यायियों 6:34 न्यायियों 6:35 न्यायियों 6:36 न्यायियों 6:37 न्यायियों 6:38 न्यायियों 6:39 न्यायियों 6:40



न्यायियों 6:30 का मूल पाठ और interpretive बिंदु
यह पद यह दर्शाता है कि तत्कालीन इजराइल में बुराई के विरोध का प्रकटभिन्न रूप क्या था: मूर्तिपूजा के विरुद्ध सामाजिक और धार्मिक निर्भयता की मांग। नगर-जन ने योआश को दबाव देकर बाल की वेदी और अशेरा के कारण उसे दंडित कराने की मांग की; किंतु यह स्थिति प्रतीक है कि परमेश्वर के उद्धारकर्ता के अभाव में समुदाय कैसे टूट जाता है। इस घटना के मूल प्रश्न से जुड़कर समझना चाहिए कि नीतिगत निर्णयों में ईश्वर की इच्छा कहाँ है, और मानवीय दबाव कैसे प्रभावित करता है।
साहित्यिक संदर्भ और धारणा
गड़बड़ी के बीच गॉड-रिपोर्ट की कहानी यह दिखाती है कि गिब्राह की भूमि में बाइबलिक दायित्व संतुलित शासन और धार्मिक चेतना से जुड़ा था। यह वाकया पिता-युवा, समाज और पूजनीय स्थानों के बारे में निर्णय-निर्धारण की सामाजिक-आचारिक ज्वाला को उजागर करता है।
धार्मिक महत्व
बचपन-युग के दिनों में अल्लाह की उपस्थिति के विरुद्ध किसी भी वेदी-विध्वंस से समुदाय विभाजित हो सकता था। यहाँ दिखता है कि एक ऐसे समय में, जब लोग सामाजिक दबाव के सामने धर्म-रक्षा भूल जाते हैं, तब परमेश्वर की योजना कितनी दृढ़ है। यह भाग यह भी संकेत देता है कि पवित्रता और पूजास्थल की प्रतिष्ठा कितनी अनिवार्य है, ताकि बुराई के विरुद्ध राष्ट्रीय एकता बनी रहे।
Cross references (संक्षेप में और कारणों के साथ)
उच्चारण केवल संदर्भ के रूप में हैं और पूर्ण वाक्यों के बजाय संक्षेप प्रदर्शित हैं।
आत्म-समीक्षा पूछताछ
संक्षेप निष्कर्ष
न्यायियों 6:30 हमें यह समझाता है कि बुराई के समय समुदाय की एकता कैसे टूट सकती है जब लोग धर्म-ध्वनियों को दबाते हैं. परमेश्वर की योजना और सत्य की रक्षा के लिए साहसपूर्ण निर्णय लेने की आवश्यकता रहती है। यह एक स्मरण है कि धार्मिक पवित्रता और सामाजिक न्याय एक-दूसरे से अटूट रूप से जुड़े हैं, और नेतृत्व को उन मूल्यों को संरक्षित करना चाहिए।
हिंदी संदर्भ-नोट
यह पाठ HINIRV अनुवाद के अनुरूप प्रस्तुत है। विशिष्ट उद्धरण और वाक्यों के लिए Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के व्याख्यान से निकालेरिन नहीं किया गया है, पर इनके विचार-सहायता को समेकित रूप से समेटा गया है ताकि पाठक को एक समृद्ध, गहराई वाला दृष्टिकोण मिले।
महत्वपूर्ण उद्धरण (जहाँ प्रासंगिक हो) इन विद्वानों के सामान्य प्रवचनों में मिलते हैं: “यहोवा की वेदी के गिरने से नगर की आत्मा हिल जाती है;” “धर्म-निष्ठा सामाजिक अदालत के समान है।”