लूका 18:38 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब उसने पुकार के कहा, “हे यीशु, दाऊद की सन्तान, मुझ पर दया कर!”

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लूका 18:38 पद-दर-पद बाइबल टीका

पद का तत्काल वातावरण (Immediate setting)

लूका 18:38 में एक दृश्य दिखता है जिसमें एक रंगे हाथ के भगोड़े या समाज से बाहर एक व्यक्ति—अंधेरे में सहारा खोजते हुए—यीशु के पास पहुंचता है। यह दया और विश्वास का वह क्षण है जिसमें एक-दृष्टि से भरोसा नज़र आता है: दया माँगने वाला एक अनदेखेपन में छिपा हुआ है। शास्त्र में यह द्वंद्व नहीं कि कौन मजबूत ﷺ है, बल्कि यह कि कौन भला बन सकता है। यीशु ने उस व्यक्ति की पुकार सुनी और उसकी जरूरत को समझा।

ईश्वर या आस्था के बारे में पाठ जो दर्शाता है

यह वाक्य दिखाता है कि परमेश्वर दया को उद्घाटन देता है जब व्यक्ति निर्भरता और उपलब्ध शरण को तलाशता है। यीशु के कारण यह संदेश स्पष्ट होता है: दया निर्धन, दयालु और विवेकपूर्ण कृपा है, जो निष्कपट आह्वान पर उतरती है। विश्वास एक अनुरोध-पत्र है जिसे वह स्वयं नहीं दे सकता, पर जो ईमान से पुकारता है, उसे दिखाये जाने वाले उद्धार का रास्ता मिल सकता है।

मुख्य शब्दों और छवियों की स्पष्टता

हे यीशु, दाऊद की सन्तान—यह नाम केवल नाकेबंदी नहीं, बल्कि दायित्वपूर्ण पहचान है: दाऊद की वंशावली से जुड़ा एक मसीही आशा। मुझ पर दया कर—यह निराकार कृपा की पुकार है; न वेदान्त या कर्म से, बल्कि कृपा से जो उद्धार को जन्म देती है। उद्धार की राह में आस्था की सरल, पर दृढ़ पुकार—वह जो अंधकार से प्रकाश माँगती है—यह पाठ बताता है कि ईश्वर ऐसे भलों को तुरंत सुनते हैं।

संबद्ध पवित्र ग्रंथ (Related Passages) और छोटा-विवरण

  • यूहन्ना 6:37 — जो मुझ पर आकर आता है, उसे कभी निष्फल नहीं करूँगा: आस्था की दिशा से ईश्वर की स्वीकृति की पुष्टि।
  • मरकूस 10:47-48 — दया माँगते व्यक्ति की पुकार और उसका हृदय कितना अवश्य सक्षम होता है—यह दिखाता है कि ईश्वर उन लोगों के साथ है जो नम्रता से पहुँचते हैं।
  • रोम 10:13 — हर एक जो प्रभु के नाम पुछेगा उद्धार पाएगा: आस्था का सार्वजनिक संघटन और उद्धार का साधन स्पष्ट करता है।

आधुनिक अनुप्रयोग

जीवन के विविध मोड़ में हम भी एक-दूसरे के प्रति दया और बिनबांधे विश्वास की पुकार करें। खाली हाथ, बिना गिनती के पापों के भार के साथ भी हम आते हैं, क्योंकि ईश्वर उन आशाओं को स्वीकारते हैं जो सचमुच की जरूरत के साथ प्रस्तुत होती हैं। दूसरों के लिए दया दिखाएँ, और अपनी आस्था को ऐसे कदम दें जो केंद्र में भगवान की कृपा को रखता है।

लोक-उद्धरण (Cross-references)

उद्धृत उद्धरणों के छोटे अंश: “जो मुझ पर आकर आता है, उसे कभी निष्फल नहीं करूँगा” जैसी पंक्तियाँ Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के पुराने व्याख्यानों में उद्धृत मिल सकती हैं, किन्तु यहाँ उनका संक्षेप पाठ सीधे उद्धृत नहीं किया गया है।

टिप्पणीकार की संयुक्त निष्कर्ष

यह पाठ दर्शाता है कि यीशु के पास आकर दया माँगना हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है—क्योंकि दया उसकी कृपा से निर्भर है और आस्था उस कृपा के मार्ग को खोलती है। दाऊद की सन्तान के शांत नाम के भीतर भी यह उद्घोष है कि परमेश्वर के पास आने का मार्ग सरल है, परन्तु आस्था की ईमानदारी आवश्यक है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

लूका 18:38 समानांतर पद और संबंधित वचन

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मत्ती 9:27 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 9:27 (HINIRV) »
जब यीशु वहाँ से आगे बढ़ा, तो दो अंधे उसके पीछे यह पुकारते हुए चले, “हे दाऊद की सन्तान, हम पर दया कर।”

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मत्ती 15:22 (HINIRV) »
और देखो, उस प्रदेश से एक कनानी* स्त्री निकली, और चिल्लाकर कहने लगी, “हे प्रभु! दाऊद के सन्तान, मुझ पर दया कर, मेरी बेटी को दुष्टात्मा बहुत सता रहा है।”

लूका 18:39 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लूका 18:39 (HINIRV) »
जो आगे-आगे जा रहे थे, वे उसे डाँटने लगे कि चुप रहे परन्तु वह और भी चिल्लाने लगा, “हे दाऊद की सन्तान, मुझ पर दया कर!”

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