Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
लूका 18:1 लूका 18:2 लूका 18:3 लूका 18:4 लूका 18:5 लूका 18:6 लूका 18:7 लूका 18:8 लूका 18:9 लूका 18:10 लूका 18:11 लूका 18:12 लूका 18:13 लूका 18:14 लूका 18:15 लूका 18:16 लूका 18:17 लूका 18:18 लूका 18:19 लूका 18:20 लूका 18:21 लूका 18:22 लूका 18:23 लूका 18:24 लूका 18:25 लूका 18:26 लूका 18:27 लूका 18:28 लूका 18:29 लूका 18:30 लूका 18:31 लूका 18:32 लूका 18:33 लूका 18:34 लूका 18:35 लूका 18:36 लूका 18:37 लूका 18:38 लूका 18:39 लूका 18:40 लूका 18:41 लूका 18:42 लूका 18:43



मतलब का संक्षेप
लूका 18:7 में कहा गया है कि परमेश्वर अपने चुने हुओं के लिए न्याय में देर नहीं करेगा, जो रात-दिन उसकी दुहाई देते रहते हैं। इसका आशय यह है कि ईश्वर अपने बच्चों की प्रार्थनाओं को सुनते हैं और उनके विरुद्ध अन्याय को रोकते हैं; समय चाहे कितना भी लगे, लेकिन उनकी दुआ अनुग्रहपूर्ण उत्तर पाती है।
पृष्ठभूमि और बाहरी संदर्भ
यह पाठ(), लूका के सुसमाचार में 'न्याय करने वाले पहरेदार' की कहानी के बाद आता है, जहाँ यह सिखाता है कि धीरज रखने वाले और विश्वास के साथ प्रार्थना करने वाले अवश्य प्राप्त करेंगे। यहाँ परमेश्वर की वाचा और उसकी देह-आन की खातिर से जुड़ा हुआ है — वह उन लोगों के लिए न्यायकर्ता है जो लगातार प्रतिपल दुआ करते हैं।
व्याख्यात्मक निष्कर्ष
संबंधित अंश और संक्षिप्त विश्लेषण
याकूब 5:16 संदर्भ देता है कि प्रार्थना में प्रभाव है, क्योंकि एक दूसरे के पापों को confess करने और प्रतीत होने वाले आघात के बावजूद ईश्वर दयालु है।
मरकुस 11:24 बताता है कि जहाँ प्रार्थना के साथ विश्वास है, वहाँ माँगना संभव है, और वह प्राप्त हो सकता है।
हबक्कूक 2:3 यह बताता है कि समय-सीमा से पहले तत्क्षण न सही, पर निष्कर्ष न्यायपूर्ण होगा; जो कुछ भी हो, परमेश्वर की दृष्टि में उसकी योजना पूरी होगी।
पूर्व-प्रेरणा से निष्कर्ष
हम सीखते हैं कि परमेश्वर अपने बच्चों की आवाज सुनते हैं और समय के भीतर न्याय करते हैं। धैर्य और विश्वास के साथ प्रार्थना करते रहना, उनका उद्देश्य है कि हम उनके नाम में भरोसा बनाए रखें, न कि हमारी इच्छा से तड़पना।
छोटी-सी उपयोगी सूची
किस प्रकार से यह हमारे दैनिक जीवन में लागू हो सकता है
कठिन परिस्थितियाँ आने पर भी Pray with patience and perseverance. अपने आपको भली-भांति प्रस्तुत करें, ताकि दिल से निकली प्रार्थना वास्तविक आस्था के साथ प्रभु तक पहुँचे। जब आप प्रतीक्षा कर रहे हों, तब भी आपके आंतरिक जीवन का क्रम शांत और ईश्वर-केन्द्रित बने रहे।
आंशिक उद्धरण नोट
इस पंक्ति के भीतर Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के प्रस्तावित विश्लेषण से मिलान करते हुए कोई संपूर्ण उद्धरण उपयुक्त संदर्भ में उल्लेख किया गया है। यदि उपलब्ध हो, उनके एक--दो संक्षिप्त विचार नीचे मुख्य सार के साथ संगत ढंग से समाहित किए गए हैं; पूर्ण उद्धरण नीचे नहीं दिए गए।