Old Testament
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मीका 7:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
हे मेरी बैरिन, मुझ पर आनन्द मत कर; क्योंकि जैसे ही मैं गिरूँगा त्यों ही उठूँगा; और ज्यों ही मैं अंधकार में पड़ूँगा त्यों ही यहोवा मेरे लिये ज्योति का काम देगा।
मीका 7:8 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मीका 7:8 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यूहन्ना 8:12 (HINIRV) »
तब यीशु ने फिर लोगों से कहा, “जगत की ज्योति मैं हूँ; जो मेरे पीछे हो लेगा, वह अंधकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा।” (यूह. 12:46)

यशायाह 9:2 (HINIRV) »
जो लोग अंधियारे में चल रहे थे* उन्होंने बड़ा उजियाला देखा; और जो लोग घोर अंधकार से भरे हुए मृत्यु के देश में रहते थे, उन पर ज्योति चमकी। (मत्ती 4:15,16, लूका 1:79)

भजन संहिता 112:4 (HINIRV) »
सीधे लोगों के लिये अंधकार के बीच में ज्योति उदय होती है; वह अनुग्रहकारी, दयावन्त और धर्मी होता है।
मीका 7:8 का अर्थ—आशा भरी विजय की घोषणा
इस वाक्य का सीधा मतलब है: जब मैं गिर पड़ूँ तो उठ खड़ा होता रहूँगा; जब अंधकार में पड़ूँगा, तब भी मेरे लिए प्रभु יהोवा ज्योति बनकर चमकेगा। विपत्ति में भी विश्वासी की आशा स्थिर रहती है कि ईश्वर का दयालु प्रकाश, उद्धार और पुनःउठान अभी दूर नहीं है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
मीका किताब में भविष्यवक्ता मीका इस्राएलिक समाज की कमजोरियों, अन्याय और अविवेक की लगाम खोलते हैं। इस वचन में एक व्यक्तिगत धैर्य और आत्म-विश्वास की आवाज है, जहाँ विश्वासी कहता है कि चाहे परिस्थिति कितनी भी काली क्यों न हो, परमेश्वर के लिए उठना और ज्योति पाना संभव है। यह संदर्भ मीका 7 के अंत के दृढ़ संकल्प को प्रतिबिम्बित करता है: पृथ्वी पर न्याय की प्रतीक्षा करते हुए विश्वासी भरोसा बनाए रखता है कि प्रभु की कृपा उजाले की ओर ले जाएगी।
व्याख्यात्मक विवेचन
संकेतात्मक क्रॉस-रेफरेंस
- मिसरे 1:13-14: विपत्ति के समय से ईश्वर के प्रकाश की जलक—यही भरोसा, जो उठाने की क्षमता देता है।
- भूला हुआ मार्ग नहीं: यहि़यों अनुभव बताता है कि परमेश्वर हमारे साथ है जब हम गिरते हैं और उजाले की दिशा में ले जाता है।
- इब्रानियों 10:35-39: धैर्य बनाये रखने की प्रेरणा—विश्वास के कर्मों से निष्ठा खुलती है, और परमेश्वर के समय पर हमारा उद्धार पूरा होता है।
नोट: उपरोक्त क्रॉस-रेफरेंसमें उद्धरण का पूर्ण पाठ न हो तो केवल संबद्ध विचार और संदर्भ के संकेत दिए गए हैं।
थीमेटिक सार
व्यावहारिक takeaway
जब हम गिरें, दयालु प्रभु की ओर पलटें और याद रखें कि हिम्मत मर नहीं जाती; उठना और उजाले की ओर बढ़ना हमारी पहचान है। अंधकार में भी परमेश्वर का प्रकाशहमेशा उपलब्ध है, इसलिए धैर्य बनाये रखें और भरोसा रखें कि ईश्वर उद्धार के रास्ते खोलेंगे।
संदर्भ-नोट
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणी स्रोतों से संबन्धित विचार मिलते हैं: गिरावट के क्षणों में विश्वास का टिकना, और ईश्वर के प्रकाश की महिमा। यदि किसी उद्धरण का संक्षिप्त पाठ उपलब्ध है, उसे नीचे उद्धृत किया गया है:
“The Lord will be a light to him in the darkness.”