Old Testament
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मीका 7:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
वे अपने दोनों हाथों से मन लगाकर बुराई करते हैं; हाकिम घूस माँगता, और न्यायी घूस लेने को तैयार रहता है, और रईस अपने मन की दुष्टता वर्णन करता है; इसी प्रकार से वे सब मिलकर जालसाजी करते हैं।
मीका 7:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मीका 7:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
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मीका 3:11 (HINIRV) »
उसके प्रधान घूस ले लेकर विचार करते, और याजक दाम ले लेकर व्यवस्था देते हैं, और भविष्यद्वक्ता रुपये के लिये भावी कहते हैं; तो भी वे यह कहकर यहोवा पर भरोसा रखते हैं, “यहोवा हमारे बीच में है, इसलिए कोई विपत्ति हम पर न आएगी।”

नीतिवचन 4:16 (HINIRV) »
क्योंकि दुष्ट लोग यदि बुराई न करें, तो उनको नींद नहीं आती; और जब तक वे किसी को ठोकर न खिलाएँ, तब तक उन्हें नींद नहीं मिलती।

आमोस 5:12 (HINIRV) »
क्योंकि मैं जानता हूँ कि तुम्हारे पाप भारी हैं। तुम धर्मी को सताते और घूस लेते, और फाटक में दरिद्रों का न्याय बिगाड़ते हो।
मीका 7:3 पर टिप्पणी
yahāṅ के संदर्भ में मीका देवताओं के कारण के साथ-साथ सामाजिक भ्रष्टाचार की गहरी जड़ता दिखाते हैं। यह पाठ नीति-न्याय और आदर्श सामाजिक संबंधों के टूटने की तस्वीरlay करता है: हर वर्ग—न्यायाधिकारी, हाकिम, रईस—अपनी-अपनी नीति से भ्रष्टाचार में लिप्त। भले ही वे अपने-अपने तरीके से विवेक दिखाने का आडंबर करें, परन्तु परिणाम एक ही हैं: समाज में अन्याय चिह्नित और मजबूती से फैलता है।
केंद्रीय अर्थ
पद में कहा गया है कि सभी लोग मिलकर बुराई में लगा हुआ है। हाकिम घूस मांगते हैं, न्यायी घूस लेने को तैयार रहते हैं, और रईस अपने मन की दुष्टता को छिपाकर उसे वर्णन करते हैं; वे सब मिलकर जालसाज़ी करते हैं। यह एक निंदात्मक चित्र है जिसमें सत्ता-स्थल और धन-संपदा के दुरुपयोग से नैतिक ढांचा ध्वस्त हो जाता है। जैसा कि भविष्यवक्ता बताता है, नैतिक नियंत्रण का अभाव सामाजिक पतन का कारण बनता है।
दो-तीन प्रमुख विषय
अनुसंधान-आधार: प्रेरक पंक्तियाँ
यहाँ मीका की पीड़ा और सामाजिक सचेतना प्रेरणा बनती है कि राज्य के प्रतिनिधि और संपन्न वर्ग भी नैतिक जिम्मेदारी निभाएं, ताकि न्याय बहह चले। यह निंदा उसी समय सार्थक होती है जब नागरिक और शासक एक-दूसरे के प्रति ईमानदार रहते हैं।
अनुशासनात्मक विचार
व्यावहारिक रूप से, यह पाठ हमें यह स्मरण दिलाता है कि भले ही दबाव, धन, या पद की शक्ति हो, एक न्याय-आधारित समाज वही टिक सकता है जहां सत्य के लिए साहस और नियम-पालन काestic है। व्यक्तिगत जीवन में भी पारखी दृष्टि से देखें तो छोटे-छोटे दखल भी बड़े भ्रष्टाचार के रास्ते खोलते हैं; इसलिए सजग नैतिकता का पालन आवश्यक है।
क्रॉस-रेफेरेंस / संदर्भ
- इब्रानियों के समानांतर विचार: सत्ता-नियमन और न्याय में Integrity की कमी कैसे सामाजिक गतिशीलता को बिगाड़ती है।
- प्रेरित आशीषें: सत्य और न्याय के लिए व्यक्तिगत जवाबदेही का महत्व।
नोट: उपरोक्त क्रॉस-रेफरेंस पूर्ण शास्त्रीय टेक्स्ट के संक्षेप हैं; स्रोत व verses के पूर्ण उद्धरण नहीं दिए जा रहे हैं।
संक्षिप्त समापन
मीका 7:3 समाज की नैतिक धुरी के क्षय की चेतावनी है। हर व्यक्ति और हर पद पर बैठे अधिकारी सत्य, न्याय एवं ईमानदारी के पथ पर चलें—तभी समाज का सम्मान और स्थिरता बना रहेगा।
उद्धरण नोट: इस पंक्ति के भीतर Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के विशिष्ट संक्षिप्त उद्धरण उपलब्ध होने पर ही शामिल किए गए हैं; यदि आप चाहें तो मैं उनके छोटे व्याख्यात्मक अंश संलग्न कर सकता/सकती हूँ।