Old Testament
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मीका 7:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तो भी यह देश अपने रहनेवालों के कामों के कारण उजाड़ ही रहेगा।
मीका 7:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मीका 7:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 3:10 (HINIRV) »
धर्मियों से कहो कि उनका भला होगा, क्योंकि वे अपने कामों का फल प्राप्त करेंगे।

यिर्मयाह 17:10 (HINIRV) »
“मैं यहोवा मन को खोजता और हृदय को जाँचता हूँ ताकि प्रत्येक जन को उसकी चाल-चलन के अनुसार अर्थात् उसके कामों का फल दूँ।” (1 पत. 1:17, प्रका. 2:23, प्रका. 20:12,13, प्रका. 22:12)

यिर्मयाह 25:11 (HINIRV) »
सारी जातियों का यह देश उजाड़ ही उजाड़ होगा, और ये सब जातियाँ सत्तर वर्ष तक बाबेल के राजा के अधीन रहेंगी।
मीका 7:13 का मुख्य व्याख्यात्मक बिंदु
यह verse बताता है कि परमेश्वर का क्षोभ और न्याय देश के भीतर की बुराइयों के कारण उसी देश को उजाड़ कर देगा, ताकि उसकी रक्षा और उसके दायित्वों के प्रणालियाँ पुनः स्थापित हो सकें। हवाले में लिखा गया है कि रोके हुए अपराधों के कारण भूमी अपनी मौलिक स्थिरता नहीं रख पाएगी; उसे दैवी प्रतिक्रियाओं से परिवर्तन और नवजीवन मिल सकता है, यदि लोग मन फिराइए और परमेश्वर के आदेशों की ओर लौटें।
कुल संदर्भ और साहित्यिक संदर्भ
यह उद्धरण विभीषिका के समय के आस्वादन का भाग है, जहाँ नबी मीका इस्रएलीय समाज की कमजोरीयों को उजागर करते हैं—धन के लिए अन्याय, नेतृत्व का भ्रष्टाचार, और न्याय से चुकता हुआ नैतिक अनुशासन। लेखन का बुनियादी तात्पर्य यह है कि परमेश्वर अपने परम दयालु और न्यायी स्वभाव के अनुसारिष्ठाचारों को नहीं छोड़ते; यदि लोग पश्चाताप करें और उनके मार्ग पर चलें, तो आशा बनी रहती है।
कई प्रेरक विचार: नैतिक परिणाम और धार्मिक विवेक
- परमेश्वर का न्याय केवल दमन नहीं, वह परिवर्तन की उत्तरदायित्व भी है।
- सामाजिक ढांचे में भ्रष्टाचार के कारण देश की स्थिरता टूट सकती है; इसलिए नैतिक सुधार आवश्यक है।
- आशा की राह तब खुलती है जब लोगecil-परिवर्तन के लिए आत्म-समर्पण करें और परमेश्वर के निर्देशों को अपनाएं।
तीन प्रमुख थ्योलॉजिकल पहलू
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेपित समझ के साथ)
- यह तथ्य कि दण्ड के बाद पुनःस्थापना की संभावना है, पुराने नियम के अन्यूत स्वभाव के साथ संगति दिखाता है—जहाँ उद्धार और सुधार संभव है।
- न्याय और दया के संतुलन को दर्शाने वाले अन्य ग्रंथों से प्रेरणा मिलती है; वे यह दिखाते हैं कि परमेश्वर अपने लोगों के लिए एक दीर्घकालिक योजना बनाते हैं।
- प्रतिज्ञात्मक आशीष और शास्त्र-इच्छा के अनुसार, परिवर्तन के पथ पर चलना ही सही विभाग है।
पठन-विचार: आत्म-चेतना और प्रत्याशा के प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
मीका 7:13 का संदेश यही है कि परमेश्वर अपने दयालु और न्यायी सार के अनुसार, देश की उजाड़ी दीवारों को फिर से उठाने की योजना रखते हैं—पर यह तब संभव है जब लोग नरमी से पश्चाताप करें, सामाजिक और धार्मिक संरचना में सही रीति से बदलाव लाएं, और परमेश्वर की मार्गदर्शिका पर चलें। उजाड़न एक चेतावनी है, परन्तु इसका उद्देश्य है पुनर्स्थापना और नई शुरुआत।
अनुषंगी टिप्पणी
याद रहे, यह पंक्ति उद्धार के धागे को नहीं तोड़ती बल्कि पश्चाताप की दिशा में लगन और आस्था की मांग करती है; जिस तरह पुराने लेखकों ने कहा, परिवर्तन ही ईश्वर के मार्ग की कुंजी है—यह संदर्भ भी उसी धारण को पुष्ट करता है।
नोट: इस पंक्ति पर Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke की मौलिक टिप्पणियों का संक्षिप्त विचार आयातित है; यदि आप चाहें तो मैं उन उद्धरणों के छोटे-से अंश दे सकता हूँ, जो सार्वजनिक-domain स्रोतों से सीधे लिए गए हैं।