यिर्मयाह 25:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

सारी जातियों का यह देश उजाड़ ही उजाड़ होगा, और ये सब जातियाँ सत्तर वर्ष तक बाबेल के राजा के अधीन रहेंगी।

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यिर्मयाह 25:11 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 25:11 का महत्व और संदर्भ

यह वचन बताता है कि परमेश्वर के कारण एक स्थायी परिणाम मिलता है: पृथ्वी पर एक ऐसी अवधि आएगी जब देश उजाड़ हो जाएगा और नगर-ग्राम बेगाने शासन के अधीन होकर वस्तुस्थिति बदलेगी। इस संदेश की मौलिक धुरी यह है कि ईश्वरीय निर्णय समय के साथ आता है और नियति के क्रम में जो भी घटनाएं होती हैं, वे परमेश्वर की योजना का हिस्सा होती हैं। इसे सुनकर विश्वासी अपने दृष्टिकोण को स्थिर करता है—धैर्य, श्रद्धा, और आत्म-समर्पण।

पारिस्थितिक संदर्भ क्या कहता है

यिर्मयाह नबियों में से एक थे जिन्होंने बंधन के समय से पहले के समय के कारणों को उजागर किया। इस संदेश का पीछे का तर्क यह है कि येरूशलेम और यूंही के बच्चों के लिए दीर्घकालिक दुष्कर्मों के परिणामस्वरूप एक विराट दंड आएगा। बाबुल के शासन के अधीन 70 वर्ष तक बहुधा यह देश व्याप्त रहेगा; फिर परमेश्वर अपनी सीमा से बाहर नहीं जाता, बल्कि अपनी वाणी के अनुसार उन शर्तों को पूरा करता है जो उसने पहले से स्थापित किए हैं।

मुख्य संदेश

यह आयत दो स्तरों पर उभरती है: एक कड़वा सच और एक आश्वस्तीय उद्देश्य। सच यह कि अपने पापों के कारण एक समाज स्वयं के विनाश की ओर बढ़ सकता है, और उसका परिणाम स्पष्ट है: भिन्न जातियाँ और प्रभुओं का नियंत्रण। आश्वस्तीय उद्देश्य यह कि परमेश्वर हर परिस्थिति में कर्तव्यनिष्ठ है और समय-समय पर वह अपने लोगों के लिए उद्धार, सुधर और पुनर्स्थापना की राह खोलता है।

महत्वपूर्ण थीम्स और धाराएं

  • नियमित दंड और दीर्घकालिक प्रभाव: बड़े होने वाले दंड का यह निर्धारण समाज के लिए स्पष्ट संकेत है कि नैतिक चयनों का प्रभाव समय पर आता है।
  • कथा की पुनर्स्थापना की आशा: 70 वर्ष की अवधि के पीछे परमेश्वर की पुनर्जीवन योजनाएं छिपी हो सकती हैं, ताकि भविष्य में फिर से उनके लोगों के लिए आशीष संभव हो।
  • बंधुत्व और दायित्व: यह समय-काल शास्त्रीय पाठ देता है कि समुदाय और राष्ट्र कैसे एक दूसरे की ओर देखते हैं और कैसा नैतिक निर्णय लेते हैं।

क्रॉस-रेफरेंसेज़ (संक्षिप्त संदर्भ)

- यिर्मयाह 29:10 – एक समान समय-सीमा का स्मरण दिलाता है कि परमेश्वर के उद्देश्य क्रमबद्ध होते हैं और वे भविष्य के उद्धार के मार्ग खोलते हैं।

- दानिय्येल 9:2 – बाबेल के शासन के समय का संदर्भ देते हुए यह दिखाता है कि समय की गणना और विनय में परमेश्वर की योजना कैसे चलती है।

- ए Haryana? (कृपया ध्यान दें: मुख्य पाठ से संबंधित अन्य संदर्भ जो प्रत्यक्ष रूप से उसी थीम को प्रकट करते हैं) — यिर्मयाह 25 के साथ समकालीन नबियों के संदेशों में दंड और पुनर्निर्माण की रश्मियाँ मिलती हैं।

पवित्र शास्त्र से जुड़ी संक्षिप्त व्याख्या

यिर्मयाह 25:11 दिखाता है कि परमेश्वर अपने लोगों के इतिहास को केवल दमन और नियत्रण के रूप में नहीं देखता, बल्कि उसे एक उद्देश्य के साथ संचालित करता है—जो कि राष्ट्र की दिशा और भीतर के आध्यात्मिक सत्य को स्पष्ट करता है। नबीयों के संदेश में यह तत्व बार-बार आता है: विपत्ति के पीछे भी परमेश्वर की करुणा और पुनर्स्थापना की योजना सक्रिय रहती है, जिसे भविष्य के विश्वासियों के लिए प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

आध्यात्मिक देवotional विचार

आज के समय में यह वचन स्मरण दिलाता है कि भले परिस्थितियाँ कितनी भी विपरीत क्यों न हों, परमेश्वर का नियंत्रण बना रहता है। महत्त्वपूर्ण बात यह है कि हम धैर्य बनाए रखें, पाप से दूरी बरतें, और परमेश्वर की आवाज़ को सुनकर अपने जीवन को उसके अनुसार ढालें। अतीत की असफलताओं से सीख कर हम विश्वासपूर्वक भविष्य की अपेक्षा करें, यह सोच न केवल हमारे व्यक्तिगत जीवन को मजबूत बनाती है बल्कि समुदाय के लिए भी एक उज्जवल मार्ग दिखाती है।

उद्धार-यात्रा में बल यही है: परमेश्वर के निर्णय समय के साथ सच होते हैं, और उसकी योजनाएं कभी असफल नहीं होतीं।

कृपया ध्यान दें: नीचे 2-3 प्रासंगिक क्रॉस-रेफरेंस से जुड़ी छोटी व्याख्या देखें, ताकि पाठ की समृद्धि और जीवनानुभव में संतुलन बना रहे।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 25:11 समानांतर पद और संबंधित वचन

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दानिय्येल 9:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
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उसके राज्य के पहले वर्ष में, मुझ दानिय्येल ने शास्त्र के द्वारा समझ लिया कि यरूशलेम की उजड़ी हुई दशा यहोवा के उस वचन के अनुसार, जो यिर्मयाह नबी के पास पहुँचा था, कुछ वर्षों के बीतने पर अर्थात् सत्तर वर्ष के बाद पूरी हो जाएगी।

जकर्याह 1:12 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
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तब यहोवा के दूत ने कहा, 'हे सेनाओं के यहोवा, तू जो यरूशलेम और यहूदा के नगरों पर सत्तर वर्ष से क्रोधित है, इसलिए तू उन पर कब तक दया न करेगा?' (प्रका. 6:10)

2 इतिहास 36:21 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 इतिहास 36:21 (HINIRV) »
यह सब इसलिए हुआ कि यहोवा का जो वचन यिर्मयाह के मुँह से निकला था, वह पूरा हो, कि देश अपने विश्राम कालों में सुख भोगता रहे। इसलिए जब तक वह सूना पड़ा रहा तब तक अर्थात् सत्तर वर्ष के पूरे होने तक उसको विश्राम मिला।

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