यिर्मयाह 25:18 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

अर्थात् यरूशलेम और यहूदा के नगरों के निवासियों को, और उनके राजाओं और हाकिमों को पिलाया, ताकि उनका देश उजाड़ हो जाए और लोग ताली बजाएँ, और उसकी उपमा देकर श्राप दिया करें; जैसा आजकल होता है।

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यिर्मयाह 25:18 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 25:18 पर दृष्टिकोण: नगरों का संपूर्ण विनाश और कानून के अधीन दण्ड

यिर्मयाह के संदर्भ में यह पद परमेश्वर की इस्राइल-युग की दण्ड-व्यवस्था को उद्घाटित करता है: एक ऐसे समय जब परमेश्वर ने बुराई के कारण देश को उजाड़ने की योजना निर्धारित की, ताकि यहूदियों की आचार-व्यवहार और पापपूर्ण शासन का फल सामने आये। यहाँ यरूशलेम, यहूदा के नगर, राजाओं और हाकिमों को एक कठोर आलोचना के रूप में उद्धृत किया गया है — उनका विनाश और देश की विपत्ति एक व्यापक उद्देश्य से जुड़ी है: क्योंकि उन्होंने धर्मी चिताओं, दायित्वों और कल्याणकारी उपदेशों को अनसुना किया।

पद का पcontext: अध्याय 25 के क्रम में

यिर्मयाह 25 में बाबुलियों के दीर्घ सिलसिले से पहले, परमेश्वर के संदेश में यह स्पष्ट किया गया कि देश के नेता और प्रजा, दोनों ने प्रभु के वचन को न माना, परिणामस्वरूप उन्हें दण्ड मिलना तय है। इस verse में विशिष्ट रूप से कहा गया है कि नगरों के निवासियों और राजाओं-हाकिमों को पिलाया जाएगा ताकि देश उजाड़ हो जाए और लोग यह कहते रहें कि यह सब विपदा क्यों आई। यह एक चेतावनी-जागरूकता है कि सामाजिक-राजनीतिक संरचना के भीतर पाप की गहराई से आने वाले दण्ड का अनुमान सही ढंग से किया जाना चाहिए।

मुख्य आध्यात्मिक पाठ: एकाग्रता और उत्तरदायित्व

इस verse का केंद्र शांत, कठोर लेकिन स्पष्ट संदेश देता है: परमेश्वर के नम्र और विवेकपूर्ण मार्ग से दूर जाने पर समाज किस प्रकार टूट-फूट का सामना करता है। यह दृष्टिकोण न केवल ऐतिहासिक घटनाओं पर लागू होता है, बल्कि हर संस्कृति के लिए भी सच है—धर्म और नैतिकता के बिना सत्ता-व्यवस्था और समाज का स्वास्थ्य नष्ट हो सकता है। इस संदेश में भय नहीं, बल्कि सचेतन आत्म-नियमन, न्यायपूर्ण शासन और ईश्वर-आज्ञा के प्रति समर्पण की आवश्यकता है।

पवित्र ग्रंथों के साथ तौलना: संबंधित प्रवचन

  • यिर्मयाह 25:12-14: बुलाए गए समय पर परिणाम और राष्ट्रों के लिए भयावह दण्ड। यह एक व्यापक दण्ड-योजना का भाग है जिसे यहाँ हिस्से में दिखाया गया है—राजाओं और निवासियों दोनों के लिए।
  • 2 क्रॉनिकल 36:15-21: यहूदा के निक्षेप और बाबुल की बर्बादी का इतिहास, जिसमें यह दर्शाया गया कि पाप के कारण देश अस्थिर होता है और दण्डempatan स्पष्ट रूप से सामने आता है।
  • यशायाह 1:2-4: समाजी-आचरण की असफलता और पवित्रता के अभाव का प्रभाव, जो आगे के दण्ड को न्यौता देता है।

इन संदर्भों का मिल-जुल कर अध्ययन भय या दमन का अनुभव नहीं कराता, बल्कि एक प्रेरक चेतावनी है कि चरित्र-गठन और धार्मिक प्रतिज्ञा का मूलभूत मूल्य जीवन के हर क्षेत्र पर हावी रहे।

कायम करने हेतु व्यावहारिक अनुप्रयोग

  • नेतृत्व की जवाबदेही: अगर नेता परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप आचरण नहीं करते, तो समाज पर दुष्परिणाम आते हैं। इस प्रकार संतुलित और नैतिक नेतृत्व के लिए खड़े रहना और गलत प्रवृत्तियों के विरुद्ध सचेत संघर्ष करना जरूरी है।
  • जन-जीवन का आचार-व्यवहार: समुदाय को पवित्रता, न्याय और परस्पर सम्मान के मूल्य स्थापित करने चाहिए ताकि सामाजिक-बिनविन्यास के कारण विनाश रोका जा सके।

संक्षिप्त निष्कर्ष

यिर्मयाह 25:18 हमें याद दिलाता है कि पाप के कारण राष्ट्र-राज्य और नगर-प्रमुख उजाड़ और विपत्ति की गहराई में जाते हैं। किन्तु यह संदेश भी एक मार्ग बताता है—धार्मिकता, न्याय और नैतिक-नियमन से ही समाज पुनः स्वस्थ हो सकता है। यह हमारे भीतर आत्म-निरीक्षण, जिम्मेदारी और सत्य के पालन की पुकार है।

श्रोत उद्धरण (संक्षेप)

यदि किसी ने Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन व्याख्या से कुछ पंक्तियाँ उद्धृत की हैं, वे इस पाठ के संदर्भ में विशिष्ट संकलन के रूप में समाहित हो सकता है। नीचे के उद्धरण केवल संदर्भ के लिए हैं और पूर्ण पाठ नहीं हैं:

“ऊपर से नीचे तक प्रभु के वचन की अवहेलना एक कड़ी विपत्ति को जन्म देती है”—एन्हांस्ड सार.

“आत्म-परिक्षण और कड़वा सच—राजाओं और निवासियों दोनों के लिए व्यवहारिक शिक्षा”—संक्षेपित विचार.

क्रॉस-रिफ़रंस के रूप में आप इन संदर्भों को देख सकते हैं: यहूदा का पतन और बाबुल के शासन की तैयारी, पवित्रता का महत्व, और संयुक्त आचरण से समाज की स्थिरता।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 25:18 समानांतर पद और संबंधित वचन

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यिर्मयाह 44:22 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 44:22 (HINIRV) »
क्या उसने उसको स्मरण न किया? इसलिए जब यहोवा तुम्हारे बुरे और सब घृणित कामों को और अधिक न सह सका, तब तुम्हारा देश उजड़कर निर्जन और सुनसान हो गया, यहाँ तक कि लोग उसकी उपमा देकर श्राप दिया करते हैं, जैसे कि आज होता है।

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इस कारण वे पृथ्वी के राज्य-राज्य में मारे-मारे फिरते हुए दुःख भोगते रहेंगे; और जितने स्थानों में मैं उन्हें जबरन निकाल दूँगा, उन सभी में वे नामधराई और दृष्टांत और श्राप का विषय होंगे।

भजन संहिता 60:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 60:3 (HINIRV) »
तूने अपनी प्रजा को कठिन समय दिखाया; तूने हमें लड़खड़ा देनेवाला दाखमधु पिलाया है*।

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