यिर्मयाह 25:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यद्यपि यहोवा तुम्हारे पास अपने सारे दासों अथवा भविष्यद्वक्ताओं को भी यह कहने के लिये बड़े यत्न से भेजता आया है

पिछला पद
« यिर्मयाह 25:3

यिर्मयाह 25:4 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 25:4 पर टिप्पणी — एक दृष्टि और प्रेरणा

यिर्मयाह के समय ईश्वरीय संदेशवाहक अपने देश की दशा और भविष्य के लिए परमेश्वर की चेतावनियाँ सुनाते रहे। इस पद्यांश में हम देखते हैं कि यहोवा ने कैसे लगातार दासों, भविष्यद्वक्ताओं के माध्यम से लोगों को सचेत किया है, फिर भी उनकी प्रतिउत्तर में असंतोष और अवहेलना बनी रही। यह पाठ हमें यह सीख देता है कि परमेश्वर के प्रवचनों को कितनी बार कितनी जगहों से, कितने प्रयासों के बावजूद नहीं सुना गया, और फिर भी उसकी योजना समय पर आगे बढ़ती है।

इस पद अध्याय के भीतर भूमिका

यिर्मयाह 25:4 में प्रसंग यह है कि यहोवा ने अपने दासों और भविष्यद्वक्ताओं को बार-बार भेजना है ताकि वे दूर देश के लोगों तक भी संदेश पहुंचाएं। यहाँ संदेश का केंद्र विश्वासघात, पाप और परिणामों की चेतावनी है, लेकिन साथ ही कृपा और वापसी के अवसर भी दिखते हैं। यह पाठ एक सतर्क चेतावनी देता है कि परमेश्वर अपनी नीतियों को न बदलते हैं, और मनुष्यों पर उनके निर्देशों का पालन कितना आवश्यक है।

मुख्य आध्यात्मिक पाठ

  • धार्मिक सतर्कता: परमेश्वर अपने दासों के द्वारा बारम्बार बोलते हैं ताकि धर्म-सत्य स्पष्ट हो सके।
  • निग्रह और विवेक: विरोध और अवहेलना के बावजूद, ईश्वर का संदेश स्थिर रहता है और न्याय का समय आयगा।

अन्य पवित्र ग्रंथों से तुलना (संक्षेप)

यहोवा के बार-बार संदेशवाहकों के बारे में अन्य ग्रंथों में भी समान विचार मिलते हैं—नीति-दृष्टिकोण में निष्ठा और अवहेलना का विरोधाभास। जैसे पुराने नियम के अन्य भागों में भी भविष्यद्वक्ताओं की वाणी प्रभु के लिए महत्व रखती है, और लोगों की प्रतिक्रिया के अनुसार देश की दिशा तय होती है। यह तुलना संगति के साथ यह स्पष्ट करती है कि परमेश्वर के कथन कितने भी बार आए हों, मानवीय हृदय में परिवर्तन की ज़रूरत बनी रहती है।

कृपया अपनाने योग्य व्यावहारिक पाठ

1) सुनना बनाम चुप रहना: प्रभु के संदेशों को सुनना हमारे आचरण को दिशा देता है।

2) पुनःकथन और परिवर्तन: एक बार सुने हुए संदेश पर विचार कर करुणा, न्याय और विश्वास के साथ जीवन बदले जाने चाहिए।

3) निरंतरता बनायें: समय-समय पर आने वाले प्रेरित संदेश समाज और व्यक्तिगत जीवन में स्थिरता लाते हैं, भले ही प्रतिक्रिया धीमी हो।

चौड़ी-बंदिशी क्रॉस-रेफरेंस (संक्षिप्त संदर्भ और विचार)

– यिर्मयाह 7:27: परमेश्वर द्वारा संदेशों के बार-बार आने के बावजूद लोग न बोलें, न सुनें, परन्तु संदेश स्पष्ट रहता है।

– डायन-यशायह 6:8-9: विनिर्देशित संदेशवाहक का अनुभव और लोगों की प्रतिक्रिया का संयोग दिखता है—कभी-कभी दिलों में जड़ता के कारण परिवर्तन कठिन होता है।

– मत्त 11:15: जो सुन ले, उनके लिए आशीष; जो न सुने, उनके लिए स्पष्ट चेतावनी।

संक्षेप निष्कर्ष

यिर्मयाह 25:4 याद दिलाता है कि परमेश्वर बार-बार अपनी बात दे रहा है through दासों और भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा, ताकि लोग अपनी जीवन-नीति बनावट को सुधार सकें। इससे स्पष्ट होता है कि चेतावनी और आह्वान स्थिर रहते हैं, लेकिन परिवर्तन का दायरा मनुष्य के उत्तर पर निर्भर है। हमने यह समझना चाहिए कि ईश्वर के संदेश कितने भी बार आए हों, उनके लिए जीत और धार्मिक परिवर्तन का अवसर हमारे हाथों में है।

उद्धरण Note: इस पाठ के सहारे Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के पुराने-परंपरागत टिप्पणीशास्त्रों के संकल्पनात्मक अवलोकन उपयोग में लिये गए हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 25:4 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यिर्मयाह 25:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 25:3 (HINIRV) »
“आमोन के पुत्र यहूदा के राजा योशिय्याह के राज्य के तेरहवें वर्ष से लेकर आज के दिन तक अर्थात् तेईस वर्ष से यहोवा का वचन मेरे पास पहुँचता आया है; और मैं उसे बड़े यत्न के साथ तुम से कहता आया हूँ; परन्तु तुमने उसे नहीं सुना।

यिर्मयाह 26:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 26:5 (HINIRV) »
और न मेरे दास भविष्यद्वक्ताओं के वचनों पर कान लगाओ, (जिन्हें मैं तुम्हारे पास बड़ा यत्न करके भेजता आया हूँ, परन्तु तुमने उनकी नहीं सुनी),

इब्रानियों 12:25 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
इब्रानियों 12:25 (HINIRV) »
सावधान रहो, और उस कहनेवाले से मुँह न फेरो, क्योंकि वे लोग जब पृथ्वी पर के चेतावनी देनेवाले से मुँह मोड़कर न बच सके, तो हम स्वर्ग पर से चेतावनी देनेवाले से मुँह मोड़कर कैसे बच सकेंगे?

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें