यिर्मयाह 25:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यह सुनने पर भी तुमने मेरी नहीं मानी, वरन् अपनी बनाई हुई वस्तुओं के द्वारा मुझे रिस दिलाते आए हो जिससे तुम्हारी हानि ही हो सकती है, यहोवा की यही वाणी है।

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यिर्मयाह 25:7 पद-दर-पद बाइबल टीका

पाठ का संक्षिप्त परिचय

यिर्मयाह की पुस्तक के यह अंश यहूदियों के प्रति ईश्वर के Kendy-नियत समय की चेतावनी दर्शाते हैं। यिर्मयाह पैगंबर के माध्यम से यहोवा कहता है कि वे सोने-चांदी जैसी वस्तुओं से मना कर रखना चाहिए था और उनके ठोस विश्वास से लौटना चाहिए था, परन्तु वे अभी भी अन्य वस्तुओं की पूजा में लिप्त रहे। इसका उद्देश्य उन लोगों के मन में आत्म-निर्भरता के बजाय परमेश्वर की समझ और आज्ञाओं के पालन को स्थापित करना है।

आयत का पाठ और उसका संदर्भ

यिर्मयाह 25:7 में वाणी है: "यह सुनने पर भी तुमने मेरी नहीं मानी, वरन् अपनी बनाई हुई वस्तुओं के द्वारा मुझे रिस दिलाते आए हो जिससे तुम्हारी हानि ही हो सकती है, यहोवा की यही वाणी है।" यहाँ यहोवा उन लोगों के पथ पर प्रहार कर रहा है जो परमेश्वर की ओर से निर्देशित होने के बजाय अपने मनमाने रास्तों से चलते हैं।

मुख्य आध्यात्मिक पाठ

इस आयत का केंद्रीय संदेश यही है: परमेश्वर के आदेशों के विपरीत चलना न केवल आध्यात्मिक निर्भरता की कमी है, बल्कि परिणामस्वरूप यह हानि बन जाती है। लोग अपने बनाये हुए सहारे—यानी आत्म-तर्क, सांसारिक सहायता, या मान्यता—पर निर्भर होते हैं, परन्तु वे सचमुच मोक्ष और सुरक्षा नहीं दे पाते। परमेश्वर अपने विश्वासयोग्य लोगन को बुलाते हैं कि वे उनकी ओर लौटें, क्योंकि वही स्थिर, विश्वसनीय सहायता है।

मुख्य पाठ के साथ तुलनात्मक विचार

- नीतिवचन और अन्य पुरातन वक्तव्यों में भी इस प्रकार की चेतावनी मिलती है, जहाँ इंसान अपने सामर्थ्य और पदार्थ पर भरोसा दिखाते हैं, पर परमेश्वर की कृपा और सत्य के बाहर कोई सुरक्षा नहीं होती।

- बाइबल में अन्यों स्थानों पर भी वही उपदेश मिलता है कि आस्था का केन्द्र परमेश्वर के वचन और चरणों में टिकना है, न कि वैयक्तिक या सामाजिक क्षणिक सुरक्षा में।

2–3 क्रॉस-रेफरेंसे

  1. यिर्मयाह 2:13 — परमेश्वर बताता है कि उन्होंने दो भय बनाए: जल-प्रपात जैसी नदियाँ और माँ-गर्भ जैसी वस्तुएँ नहीं, बल्कि वे लोग जो अपने तर्क और पदार्थों के भरोसे रहते हैं। यह आयत दिलाती है कि हमारी सुरक्षा केवल परमेश्वर के साथ संबंध में है।
  2. भय 1:14–16 — परमेश्वर का संदेश एक ही है: विश्वासघात और ग़लत आचरण के कारण दण्ड; परन्तु उसकी दया और चंगाई संभव है जब लोग लौटें।
  3. यिर्मयाह 29:13 — “तुम खोजोगे और पाएंगे जब तुम मुझे पाओगे, तब तुम्हारा हृदय मुझे ढूंढ़ेगा।” यह संदर्भ यह दिखाता है कि परमेश्वर में लौटना ही वास्तविक सुरक्षा है।

विचार-व्यापार और व्यावहारिक अनुप्रयोग

- जो लोग अपने अनुभवों, ऐश्वर्य, और सामाजिक मान्यता पर टिके रहते हैं, वे परमेश्वर की सच्चाई से दूर चले जाते हैं। यह आयत हमें स्मरण देती है कि हमारी आस्था और सुरक्षा ईश्वर की कृपा में होनी चाहिए, न कि किसी मूर्त वस्तु या वैयक्तिक उपकार पर।

- जीवन के निर्णयों में कठिन समय के बीच, हमें अपनी पहली आवेग से नहीं, बल्कि परमेश्वर के वचन से मार्गदर्शन मांगना चाहिए।

संकेतित स्टेप्स-आफ-टेक-अप्लिकेशन

  • अपने वर्तमान भरोसों का मूल्यांकन करें: क्या आप किसी कमज़ोर तर्क, उपकार, या स्थिति पर अधिक भरोसा रखते हैं बजाय परमेश्वर के निर्देशों के?
  • किसी भी "अपना बना हुआ" सुरक्षा-परिचय को परमेश्वर के वचन के साथ मिलाकर देखें—क्या यह धीरे-धीरे आपके विश्वास को डिगा रहा है?

लेखन-नोट और पूर्व-चयनित साहित्यिक संदेशन

इस commentary में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के संकल्पित विचार समाहित हैं। यदि किसी पाठक को इन टिप्पणीकारों के शब्द सीधे देखने हों, तो उनके सार विचार परमेश्वर के प्रति निर्भरता और मानव-आत्म-तर्क के भ्रम पर केंद्रित हैं। (उद्धरण के लिए स्पष्ट संदर्भ नीचे देखें।)

संक्षेप

यिर्मयाह 25:7 परमेश्वर की एक स्पष्ट पुकार है: हमारी भौतिक, आत्म-निर्भर सुरक्षा के बजाय उसकी वचनों पर टिकना ही हमारा असली ठिकाना है। जब हम अपनी वस्तुओं का भरोसा छोड़कर ईश्वर की ओर लौटते हैं, तब ही जीवन में शांति और सुरक्षा मिलती है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 25:7 समानांतर पद और संबंधित वचन

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इसका कारण यह है, कि जब से उनके पुरखा मिस्र से निकले तब से आज के दिन तक वे वह काम करके जो मेरी दृष्टि में बुरा है, मुझे क्रोध दिलाते आ रहे हैं।

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व्यवस्थाविवरण 32:21 (HINIRV) »
उन्होंने ऐसी वस्तु को जो परमेश्‍वर नहीं है मानकर, मुझ में जलन उत्‍पन्‍न की; और अपनी व्यर्थ वस्तुओं के द्वारा मुझे रिस दिलाई। इसलिए मैं भी उनके द्वारा जो मेरी प्रजा नहीं हैं उनके मन में जलन उत्‍पन्‍न करूँगा; और एक मूर्ख जाति के द्वारा उन्हें रिस दिलाऊँगा। (रोमी. 11:11)

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2 राजाओं 17:17 (HINIRV) »
उन्होंने अपने बेटे-बेटियों को आग में होम करके चढ़ाया; और भावी कहनेवालों से पूछने, और टोना करने लगे; और जो यहोवा की दृष्टि में बुरा था जिससे वह क्रोधित भी होता है, उसके करने को अपनी इच्छा से बिक गए।

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