यिर्मयाह 25:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

जब सत्तर वर्ष बीत चुकें, तब मैं बाबेल के राजा और उस जाति के लोगों और कसदियों के देश के सब निवासियों को अधर्म का दण्ड दूँगा, यहोवा की यह वाणी है; और उस देश को सदा के लिये उजाड़ दूँगा।

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यिर्मयाह 25:12 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 25:12 — संदर्भ में उद्घाटन और उद्देश्य

पद के प्रारम्भिक दृश्य में एक निश्चयात्मक भविष्यवाणी है। यहोवा कहते हैं कि बाइबल के समय से सत्तर वर्ष पूरे होते ही बाबुल, उसका राजा, जातियाँ और कसदियों के देश के सभी निवासियों को दण्ड दिया जाएगा। यह वचन सन्तापपूर्ण तो है, पर साथ ही परमेश्वर की न्यायप्रियता और स्मरणशक्ति का प्रमाण भी है: वह भ्रष्ट प्रथाओं और अपमानजनक व्यवहार के प्रतिदिन रहने वाले समाज को ठेस पहुँचाने वाले कार्यक्रमों के लिए समय-सीमा निर्धारित कर देते हैं, ताकि उन लोगों के लिए एक निर्धारित क्षमा-युग बन सके।

ईश्वर और विश्वास का प्रेरक संदेश

इस वचन से स्पष्ट होता है कि परमेश्वर पवित्रता के लिये आग्रह करते हैं और अन्याय के स्थाई व्यवहार पर अंततः दंड लगाते हैं। साथ ही यह भी कि वह अपनी वचनों को समय के अनुसार पूरा करते हैं; विश्वासियों को यह आश्वासन मिलता है कि द्वेषपूर्ण शासन और दमन के विरुद्ध ईश्वर का न्याय टिकाऊ है।

महत्त्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की स्पष्टता

  • येरूशलेम के विरुद्ध दण्ड — एक नियत समय पर कड़ा पश्चाताप और परिणाम, जिससे समुदाय को सचेत किया जाए कि परमेश्वर की आवाज़ कभी निष्क्रिय नहीं रहती।
  • सत्तर वर्ष — एक स्पष्ट, परिमाणित समय-सीमा जो दैवी योजनाओं के क्रम को दर्शाती है; यह समयावधि बाद में लौटने और सुधार के अवसर को भी इंगित करती है।
  • उजाड़ दूँगा — दण्ड का कठोर और स्थायी स्वरूप; यह संकेत देता है कि अवमानना और असहयोग के परिणाम कितने गम्भीर हो सकते हैं।

संबद्ध विचार और क्रॉस-रेफरेंसेस

— यिर्मयाह 29:10: भविष्यवाणी के अनुरूप एक और समय-सीमा बताती है कि ईश्वर की योजनाओं में पलटाव का समय भी निर्धारित है, जब शरणस्थल के लिए आशा मिलती है।

— डॉन्टेल 7:13-14 (सीधा क्रॉस-रेफरेंस नहीं, पर यह बताता है कि इतिहास में राजाओं के निर्णय और दण्ड का समय-निर्धारण ईश्वर के हाथ में है; पाठक इसे न्याय की सार्वभौमिकता की पुष्टि के रूप में पढ़ सके हैं।)

— प्रेरितों के काम 17:31: परमेश्वर के दिन का समय—यही विचार कि सभी राष्ट्र ईश्वर के निर्णय के अधीन हैं, और समय पर न्याय होगा।

पूर्वावलोकन और आज के लिए व्यवहारिक अर्थ

आज की जिन्दगी में यह संदेश हमें क्या सिखाता है? एक ओर हमें नैतिकता और सामाजिक न्याय की पंक्तियों पर खड़े रहने की प्रेरणा देता है; दूसरी ओर हमें अपनी आस्था को समय के साथ-साथ ढालना है—न कि सतत चूक पर rebuke से डरना। परमेश्वर ने शोद के विरुद्ध दण्ड का समय निर्धारित किया, ताकि लोगों को सुधरने का अवसर मिले और वे पुनः ईश्वर की ओर लौटें।

संक्षेप निष्कर्ष

यिर्मयाह 25:12 में ईश्वर की न्याय-योजना स्पष्ट है: कुछ समय के लिये अस्थिर शासन और दमन चलेगा, परन्तु परमेश्वर की योजना संतुलित और पुनःस्थापनात्मक है। विश्वासियों के लिये यह स्मरण दिलाता है कि सत्य, पवित्रता और न्याय के मार्ग पर चलना चाहिए; साथ ही धैर्य भी कि ईश्वर अपने समय पर उद्धार और सुधार को दे देंगे।

टिप्पणीकारों के संक्षिप्त विचार

एल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के सामान्य टिप्पणी-स्वभाव से संकेत मिलते हैं कि न्याय केवल दंड नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्स्थापना का मार्ग भी है। मथ्यू हेनरी के सारगर्भित उद्धरणों के अनुसार, यह तथ्य दर्शाता है कि परमेश्वर की प्रतिक्रिया मानव-धर्म के अनुरूप होती है, ताकि लोग सचेत हों और परिवर्तन करें।

उद्धरण (जो उपलब्ध हैं): “जब सत्तर वर्ष बीत चुकें…” — यहोवा की यह वाणी है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 25:12 समानांतर पद और संबंधित वचन

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यशायाह 13:19 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 13:19 (HINIRV) »
बाबेल जो सब राज्यों का शिरोमणि है, और जिसकी शोभा पर कसदी लोग फूलते हैं, वह ऐसा हो जाएगा जैसे सदोम और गमोरा, जब परमेश्‍वर ने उन्हें उलट दिया था।

दानिय्येल 9:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
दानिय्येल 9:2 (HINIRV) »
उसके राज्य के पहले वर्ष में, मुझ दानिय्येल ने शास्त्र के द्वारा समझ लिया कि यरूशलेम की उजड़ी हुई दशा यहोवा के उस वचन के अनुसार, जो यिर्मयाह नबी के पास पहुँचा था, कुछ वर्षों के बीतने पर अर्थात् सत्तर वर्ष के बाद पूरी हो जाएगी।

यिर्मयाह 29:10 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 29:10 (HINIRV) »
“यहोवा यह कहता है कि बाबेल के सत्तर वर्ष पूरे होने पर मैं तुम्हारी सुधि लूँगा, और अपना यह मनभावना वचन कि मैं तुम्हें इस स्थान में लौटा ले आऊँगा, पूरा करूँगा।

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