यिर्मयाह 29:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

“यहोवा यह कहता है कि बाबेल के सत्तर वर्ष पूरे होने पर मैं तुम्हारी सुधि लूँगा, और अपना यह मनभावना वचन कि मैं तुम्हें इस स्थान में लौटा ले आऊँगा, पूरा करूँगा।

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यिर्मयाह 29:10 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 29:10 का स्पष्टार्थ एवं संदर्भ

यिर्मयाह व चेलों के पत्रों के बीच यह वाक्य बाबेल के समय की कठिनाईयों के संदर्भ में प्रकट होता है। जातीय दासत्व और नगर-निर्माण के बीच ईश्वर ने भविष्य के लक्ष्य को स्पष्ट किया: बाबेल के सत्तर वर्ष भर पूरा होते ही वह निश्वित सुधि लेंगे और इस वचन के अनुसार उन्हें इस देश के भीतर वापस बुला लाएंगे। यह भविष्यसूचक आश्वासन है कि उनका धैर्य, उनकी बाधाओं के बीच भी, ईश्वर के सत्यापित वचन पर टिके रहने से है।

केंद्रीय अर्थ

उद्धृत वचन यह दर्शाता है कि भगवान ने प्रजाओं को अपने समय-निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही सत्ता-संरचना में भागीदारी दी। बाबेल की captivity एक तरह से विनाश नहीं, बल्कि चंदन-नवीनता का आरम्भ था—ताकि वे अपनी आध्यात्मिक मूल्यों को फिर से प्राप्त करें, और ईश्वर के आदेश से स्वदेश लौटें। सातत्य और आशा के साथ कहा गया है कि एक निर्धारित वर्ष-गणना के पश्चात पुनः समस्त समुदाय को विद्यमान स्थान पर वापस लाया जाएगा, यह विश्वास उनके लिए प्रेरणा बना रहा।

मुख्य थीम

  • निश्वित समय-निर्धारण: बाबेल की सत्तर वर्ष की अवधि एक दिवसीय नहीं, बल्कि ईश्वर की योजना के अनुसार ठहराव-समय है।
  • वापसी की आशा: शरण से मुक्त होकर प्रजाति वापस आकर अपने आराध्य संस्थानों और प्रचलनों को फिर से स्थापित करेगी।
  • वचन की क्रिया: ईश्वर के ये वचन केवल आश्वासन नहीं, बल्कि नियति-निर्देशन हैं जो उनके विश्वास को मजबूती देते हैं।

अन्य संबद्ध पवित्र ग्रंथ (क्रॉस-रेफरेंसेस)

1) डैनिएल 9:2: समय-निर्धारण और returned hope के संदर्भ को समझाने के लिए; संकट के बीच परमेश्वर ने भविष्य के काल को उद्घाटित किया।

2) एरम 29:14 (अन्य समूह संदर्भ): बदले हुए दिल और वापस लौटने की कामना के साथ ईश्वर की कृपा प्रकाशित होती है।

3) पतरस 1:5-7: विश्वास की कसौटी में धैर्य और आशा का विकास कैसे होता है, यह संदेश देता है कि विपत्तियाँ भी ईश्वर की योजना के भाग हैं और हमारे धैर्य से आयुक्त होते हैं।

टिप्पणी: इन क्रॉस-रेफरेंसेस से यह स्पष्ट होता है कि बंधन के समय भी ईश्वर का पथ-निर्देशन और पुनःस्थापना का उद्देश्य बना रहता है—जो उन्होंने अपने लोगों के लिए पूर्वसूचित किया था।

व्यावहारिक विचार

हम आज भी कठिन समय में भी आशा की चिंगारी कैसे बनाए रखें? पहले, ईश्वर के वचन के याद दिलाने से मन को स्थिर करें; दूसरा, धैर्य और प्रार्थना के साथ भावी योजनाओं के लिए तैयार रहें; तीसरा, समुदाय के साथ सहयोग और सेवाभाव बनाए रखें ताकि लौटना-सच में अनुभव हो सके। यह अध्याय हमें यह भी सिखाता है कि तब भी जब परिस्थितियाँ अस्थिर हों, ईश्वर के समय-चक्र में हमारी भागीदारी रहती है और वह भविष्य में सुधार के साथ पुनःस्थापना देता है।

संक्षिप्त समापन

यिर्मयाह 29:10 एक सम्मोहक उद्घोष है—ईश्वर के समय-निर्धारण के भीतर captivity के पश्चात् उद्धार और लौटना तय है। यह संदेश हमें विश्वास-जीवन की स्थिरता तथा निर्भय आशा का समान भाग बनाकर चलता है।

स्पष्ट उद्धरण (सार्वजनिक-डॉमेन स्रोतों से संदर्भित विचार)

यदि आवश्यक हो तो ऐतिहासिक टिप्पणीकारों के विचार जिन्हें सार्वजनिक-डॉमेन माना गया है, जैसे मैथ्यू हेनरी, अल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क, से संक्षेपित साक्ष्य नीचे मिलते हैं—परन्तु पूर्ण उद्धरण केवल आवश्यकतानुसार सम्मिलित होंगे।

उद्धृत विचारों के संक्षेप रूप में: बहुधा इन टिप्पणीकारों ने कहा है कि विपत्ति के बीच भी ईश्वर का उद्देश्य और भविष्य-उद्धार स्पष्ट रहता है; उद्धार की यह आशा समुदाय को एकताबद्ध करती है और ईश्वर के वचनों की पवित्रता को बनाए रखती है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 29:10 समानांतर पद और संबंधित वचन

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यिर्मयाह 27:22 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 27:22 (HINIRV) »
और जब तक मैं उनकी सुधि न लूँ तब तक वहीं रहेंगे, और तब मैं उन्हें लाकर इस स्थान में फिर रख दूँगा, यहोवा की यही वाणी है।”

यिर्मयाह 25:12 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 25:12 (HINIRV) »
जब सत्तर वर्ष बीत चुकें, तब मैं बाबेल के राजा और उस जाति के लोगों और कसदियों के देश के सब निवासियों को अधर्म का दण्ड दूँगा, यहोवा की यह वाणी है; और उस देश को सदा के लिये उजाड़ दूँगा।

दानिय्येल 9:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
दानिय्येल 9:2 (HINIRV) »
उसके राज्य के पहले वर्ष में, मुझ दानिय्येल ने शास्त्र के द्वारा समझ लिया कि यरूशलेम की उजड़ी हुई दशा यहोवा के उस वचन के अनुसार, जो यिर्मयाह नबी के पास पहुँचा था, कुछ वर्षों के बीतने पर अर्थात् सत्तर वर्ष के बाद पूरी हो जाएगी।

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