Old Testament
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यिर्मयाह 29:13 — संदर्भ में संक्षेप व्याख्या
यह पद विचाराधीन था जब यिर्मयाह ने दूरगमन में समानार्थी पत्र भेजा: यह उस आशा का वचन है जो प्रभु ने निर्वासितों को दिया। वहां के लोगों को भविष्य का भय था—परन्तु परमेश्वर दृढ़ता से कहता है कि यदि वे पूरे मन से उसके पास लौटें तो वे उसे ढूँढ़ेंगे। यह वचन दण्ड और विनाश के बीच में आशा का बीज बोता है।
मुख्य अर्थ
“अपने सम्पूर्ण मन से” शब्दावलि यह स्पष्ट करती है कि खोज सतही नहीं होनी चाहिए। परमेश्वर की खोज ईमानदार, समर्पित और आत्मसमर्पण भरी चाह से होती है। वचन यह प्रतिज्ञा करता है कि सच्ची लगन और पश्चात्ताप के साथ परमेश्वर की खोज करने पर, वे पाएँगे—न केवल किसी संकेत या अनुभव को, बल्कि परमेश्वर के अनुग्रह और उपस्थिति को।
प्रमुख विषय
संबंधित पुस्तकियाँ और छेदनें
यहोशुा 1:9 — मजबूत रहो और न डरो; यहां भी प्रभु की उपस्थिति का वादा मिलता है, जो खोजने वालों के साहस को बढ़ाता है।
मत्ती 7:7–8 — "पूछो, ढूँढो, खटखटाओ" का समान निहितार्थ है कि खोज करने वाले को उत्तर मिलता है; दोनों स्थानों खोज की सक्रियता और परिणाम की जाँच होती है।
हेब्री 11 — विश्वास के द्वारा परमेश्वर का अनुसरण करने वाले अनेक उदाहरण हैं; यिर्मयाह का आमंत्रण भी विश्वास के धैर्य और आशा पर आधारित है।
व्यावहारिक चिंतन
यह वचन व्यक्तिगत और सामुदायिक दोनों स्तरों पर लागू है। व्यक्तिगत रूप में यह बुलाता है आत्मनिरीक्षण और प्रार्थना की गहराई के लिए—क्या हमारी खोज सतही है या समर्पित? सामुदायिक स्तर पर यह आशा प्रदान करता है कि यदि समुदाय सामूहिक रूप से पाप से लौटे और ईमानदारी से परमेश्वर को खोजे तो संग्रह, मरम्मत और पुनर्निर्माण संभव है। सरल कदम: नियमित प्रार्थना, शब्द का चिंतन, और अपने जीवन में उन क्षेत्रों की सच्ची स्वीकारोक्ति जहाँ हम दूरी बनाए हुए हैं।
अन्य पुरानी टीकाओं से सूचनाएँ
मैथ्यू हेनरी ने कहा है (संक्षेप): "परमेश्वर को खोजने में सम्पूर्ण मन चाहिए"—यह उद्धरण मूल पंक्ति के विचार को संक्षेप में समर्थन देता है। एल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क ने भी इस पद के अर्थ में मन की पूर्ण लगन और परमेश्वर की प्रतिज्ञा पर भरोसा को रेखांकित किया है। (उपरोक्त की सटीक वाक्यांश संक्षेप उद्धरण के रूप में प्रस्तुत हैं।)
संक्षिप्त सार
यिर्मयाह 29:13 हमें सिखाता है कि परमेश्वर की खोज एक सजीव, समर्पित प्रक्रिया है—जब हम पूरे मन से उसे खोजते हैं, तो वह मिला देता है। यह वचन दण्ड की परिस्थिति में भी आशा की किरण बनकर उभरता है: सच्ची वापसी और ईमानदारी से की गई खोज के लिए परमेश्वर की उपस्थिति और अनुग्रह सुनिश्चित है।