यिर्मयाह 29:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

मैं तुम्हें मिलूँगा, यहोवा की यह वाणी है, और बँधुआई से लौटा ले आऊँगा; और तुमको उन सब जातियों और स्थानों में से जिनमें मैंने तुमको जबरन निकाल दिया है, और तुम्हें इकट्ठा करके इस स्थान में लौटा ले आऊँगा जहाँ से मैंने तुम्हें बँधुआ करवा के निकाल दिया था, यहोवा की यही वाणी है।

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यिर्मयाह 29:14 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 29:14 पर मार्गदर्शक टिप्पणी

सीधी भावार्थ: यह वाक्य यहोवा की प्रतिज्ञा है कि वह छीनै जाने के बाद भी लौट आने को सुनिश्चित करेगा—तुम मुझे मिलोगे, तुमको बंधुआई से छुड़ा दूँगा, और साधनों से तुम्हें फिर से देश में एकत्र कर पुनः वहाँ पहुँचा दूँगा जहाँ से तुम बंधुआ बनकर निकाले गए थे।

परिप्रेक्ष्यगत पृष्ठभूमि

यिर्मयाह की पुस्तक में विविध संदेश आते हैं—निराशा के समय प्रेरित चेतावनियाँ, बिरादरी के लिए आशा की ज्योति, और भविष्य के उद्धार की योजना। इधर—यिर्मयाह 29 का विषय है शरणार्थी जीवन में भी भविष्य की आशा। बाबुल के बंधन के बीच ये शब्द भविष्य के निर्वाण की योजना बताते हैं: परमेश्वर अपने लोगों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा रहता है, उन्हें गलत रास्तों से फिर से मार्गदर्शित करने के लिए बुलावे देता है, और समय पर उद्धार का समुचित मार्ग खोलता है।

व्याख्यात्मक बिंदु

  • आकांक्षित पुनर्स्थापना: यहोवा यह प्रमाण देता है कि बंधन की अवधि मिलती हुई है, परन्तु अंत में उद्धार और स्थान-स्थापना होगी। यह क्रम यह दर्शाता है कि परमेश्वर अपने लोगों की वास्तविक स्थिति से परिचित है और उनके लिए पुनर्स्थापना की योजनाएं बना रहा है।
  • जातियाँ और स्थान: वचन अस्पष्ट नहीं कर रहा है कि प्राणी मात्र तथा विभिन्न स्थानों से जुड़ाव बनाकर, वे लौट कर उन जगहों पर एकत्र होंगे जहाँ से वे निकाले गए थे। यह एक राष्ट्र-सम्बन्धी पुनर्स्थापन से अधिक एक व्यक्ति-ब्रदर-सम्पर्क की बात भी है—यानी परमेश्वर का अनुरोध है कि उनका समुदाय फिर एकत्र होकर उसकी उपस्थिति में लौटे।
  • युग-निर्णय और निराशा के बीच आशा: बंधन की विडम्बना में भी भगवान अपने लोगों के लिए समय-सारिणी की व्यवस्था रखते हैं—जो लोग टूटे दिल से लौटना नहीं चाहते थे, उनके लिए भी यह एक स्थापित मार्गदर्शक वचन है।

छोटे विचारों का क्रम

  1. परमेश्वर का मिलना: वह स्वयं सक्रिय होकर मिलना चाहता है—हमें उसकी उपस्थिति का अनुभव होता है।
  2. बँधुआई से प्रस्थान: दया की स्थायित्व के साथ वह हमारी दुर्दशा से उबरने का रास्ता दिखाते हैं।
  3. एकत्रीकरण और वापसी: समाज, राष्ट्र और सेवक समुदाय के रूप में एक बार फिर से उसी स्थान पर लौटना संभव है जहाँ से हमने खोया है।

अन्य आयतों से संलग्न संदर्भ

1) यिर्मयाह 30:10-11 — उद्धार की योजना यहूदियों के लिए समय के साथ स्पष्ट की जाती है; यह बताता है कि परमेश्वर अपने लोगों के लिए शांति और पुनर्स्थापना के समय को निर्धारित करते हैं।

2) यिर्मयाह 33:7-9 — यहोवा द्वारा पुनर्स्थापन का व्यापक वचन, जिसमें वह राज्य को फिर से बनाकर नगरों को बहाल करने का संकेत देता है।

3) इसी पंक्ति के समान नीतिगत संदेश वेद वाक्यों में भी आता है कि परमेश्वर अपने लोगों को एक नया चक्र देने के लिए बुलाते हैं—तब भी वही प्रेम और उद्धार का मार्ग है।

प्रासंगिक उद्धरण (टेक्स्ट-स्तर के संकेत)

यह भाग सार्वजनिक डोमेन टिप्पणीकारों के स्वर की संगति दिखाता है, परंतु पूर्ण पाठ उद्धरण छोड़कर केवल विचार-घटक दिए जाते हैं। नीचे कुछ मिलते-जुलते अर्थपूर्ण विचार देखें:

मॅथ्यू हेनरी (Matthew Henry) के भीतर की शैली में सार: “जहाँ दिल में असन्तोष है वहाँ परमेश्वर की कृपा से उद्धार का संदेश गूंजता है; वे जो दूर जा चुके हैं, वे लौट आएँगे और उनके घर की दीवारें पुनः खड़ी होंगी।”

एलबर्ट बार्न्स (Albert Barnes) के अनुसार: “बंधुआई के समय में भी ईश्वर की योजनाएं अग्रसर होती हैं; यह वचन उनके पुनःस्थापना की गवाही देता है।”

एडम क्लार्क (Adam Clarke) के विचार: “यहोवा के वचनों का यह वह भाग है जो आशा देता है कि कष्ट भी एक समय समाप्त हो जाएगा और प्रभु की कृपा से पुनरुद्धार संभव है।”

व्यावहारिक निष्कर्ष

जीवन के कठिन समय में भी ईश्वर का उद्देश्य स्थिर रहता है—उद्धार और पुनर्स्थापन। हमारी भागीदारी है—विश्वास के साथ उन योजनाओं में भाग लेना, और अपने नजदीकी समुदाय तथा परिवार के बीच प्रेम और एकता को बनाए रखना।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 29:14 समानांतर पद और संबंधित वचन

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यहेजकेल 36:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यहेजकेल 36:1 (HINIRV) »
“फिर हे मनुष्य के सन्तान, तू इस्राएल के पहाड़ों से भविष्यद्वाणी करके कह, हे इस्राएल के पहाड़ों, यहोवा का वचन सुनो।

यिर्मयाह 30:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 30:3 (HINIRV) »
क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, ऐसे दिन आते हैं कि मैं अपनी इस्राएली और यहूदी प्रजा को बँधुआई से लौटा लाऊँगा; और जो देश मैंने उनके पितरों को दिया था उसमें उन्हें फेर ले आऊँगा, और वे फिर उसके अधिकारी होंगे, यहोवा का यही वचन है।”

1 इतिहास 28:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 इतिहास 28:9 (HINIRV) »
“हे मेरे पुत्र सुलैमान! तू अपने पिता के परमेश्‍वर का ज्ञान रख, और खरे मन और प्रसन्‍न जीव से उसकी सेवा करता रह; क्योंकि यहोवा मन को जाँचता और विचार में जो कुछ उत्‍पन्‍न होता है उसे समझता है। यदि तू उसकी खोज में रहे, तो वह तुझको मिलेगा; परन्तु यदि तू उसको त्याग दे तो वह सदा के लिये तुझको छोड़ देगा।

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