यिर्मयाह 29:23 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

क्योंकि उन्होंने इस्राएलियों में मूर्खता के काम किए, अर्थात् अपने पड़ोसियों की स्त्रियों के साथ व्यभिचार किया, और बिना मेरी आज्ञा पाए मेरे नाम से झूठे वचन कहे। इसका जाननेवाला और गवाह मैं आप ही हूँ, यहोवा की यही वाणी है।'”

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यिर्मयाह 29:23 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 29:23 — इस verse की अहमियत और संदर्भ

यिर्मयाह उनकी प्रमुख भविष्यवाणियों में से एक है जो परमेश्वर के प्रति अविश्वासी आचरण को उजागर करती है। इस वचन में सीधे तौर पर उस पाप की चर्चा है जिसे यहोवा ने इस्राएलियों के बीच देखा—यानी व्यभिचार और झूठी गवाही, जो वे पड़ोसियों के साथ-साथ अपने ही परमेश्वर के नाम के साथ करते रहे थे। यह वचन हमें ईमानदार जीवन, सत्यापित आचार-व्यवहार और परमेश्वर के नाम के सही प्रयोग का महत्व सिखाता है।

पार्श्वभूमि और मूल संदर्भ

यिर्मयाह vermittित संदेश समय ऐसा था जब ईरान-आसन्न देशों के उथल-पुथल के बीच यरूशलेम और यहूदियों पर बहिष्कार और लूट-पाट जैसी घटनाक्रम हो रहे थे। यहोवा ने यिर्मयाह द्वारा निष्कर्ष निकाला कि यह्राइल की सामाजिक-नैतिक टूटी-फूटी अवस्था उनके विश्‍वास में गिरावट का परिणाम है। इस वचन में विशेष रूप से यह कहा गया है कि जिन्होंने यह कृत्य किया वह इस्राएलियों में मूर्खता के काम कर रहे हैं—यानी नीति-व्यवस्था और धार्मिक आचरण के भीतर एक प्रकार की धोखी और गलतफहमी जो परमेश्वर के प्रति उनके ईमान को चोट पहुंचाती है।

मुख्य संदेश

इस वचन का केंद्रीय पाठ यह है कि आध्यात्मिकता को नाम के साथ नहीं, बल्कि आचरण और भय-वचनों के अनुसार रखा जाना चाहिए। यहोवा इस बात से निराश नहीं था कि लोग झूठी गवाही दें या व्यभिचार करें, बल्कि वह यह चाहता है कि उनके शब्द और कर्म सत्य और पवित्र हों। यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर के नाम से झूठे दावे करना और दूसरे के साथ भेदभाव या अपमानजनक व्यवहार करना, आत्मिक दूरदर्शिता को समाप्त कर देता है और समाज में विभाजन बढ़ाता है।

आध्यात्मिक विषय-वस्तु और थीम

  • सत्यनिष्ठा बनाम छल: शब्दों का पवित्रता के साथ संयोजन और ईमानदार आचरण का महत्व।
  • परमेश्वर के नाम का सम्मान: नाम से खेलना और आचरण में असमर्थता नहीं चलेगी।
  • समुदाय में नैतिकता की गिरावट से संकेत: सामाजिक-धार्मिक जीवन की अखंडता का मूल्य।

2-3 उपयोगी क्रॉस-रेफरेंसेस

योग्य संदर्भ जो व्यभिचार, छल और सत्यनिष्ठा के मुद्दों को शीर्षक बनाते हैं:

  • यिर्मयाह 23:14 — नीति-धर्म और झूठे भविष्यवक्ताओं के विरोध में चेतावनी; स्थिति के नैतिक दायित्व का पुनर्मल्याक।
  • प्रेरित पौलुस के युक्तियाँ—तुला-यात्रा 5:19-21 (अहंकार, व्यभिचार, झूठी गवाही) के विरुद्ध फल-कथा; व्यवहारिक स्पष्टता।
  • याकूब 3:10-12 — भाषा और आचरण में विरोधाभास से विश्वासी समुदाय की लकड़ी का सच बतलाना।

इन संदर्भों के जरिए दिखता है कि शब्द और कर्म कैसे एक साथ खड़े रहते हैं और कैसे गलतफहमी समाज को नुकसान पहुंचाती है।

अनुभविक-आध्यात्मिक अनुप्रयोग

इस पद से सीख लेकर हम अपने बर्ताव में सत्यता, ईमानदारी और सम्मान को प्राथमिकता दें। झूठी शपथ या व्यभिचार जैसे पाप सामाजिक-रिश्तों को तोड़ते हैं और परमेश्वर की उन्नति को रोकते हैं। चर्च-समुदाय में अपने वचनों और संकल्पों को साफ-साफ रखें; बड़े भरोसे और नैतिकता के साथ जीवन जिएं।

छोटा-सा devotional विचार

आज का विचार: परमेश्वर के नाम को ढाल बनाकर अपने आचरण को ढालना न करें; अपने शब्दों और कर्मों को एक समान बनाकर उसके नाम को सम्मान दें।

निष्कर्ष

यिर्मयाह 29:23 हमें यह चेतावनी देता है कि धार्मिक-दिखावा और असत्य के साथ जीना परमेश्वर के साथ भरोसे को नुकसान पहुंचाता है। निष्ठा, सत्य और सम्मानपूर्ण जीवन ही ईश्वर के नाम के सच्चे मान्यताओं को ज़मीनी रूप देता है।

पठन-योग्य उद्धरण (संदर्भित टिप्पणीकारों से)

एडम क्लार्क और अल्बर्ट बार्न्स के सामर्थ्यपूर्ण विचारों को समेटते हुए, टिप्पणीकारों ने सत्य और मिथ्या-गवाही के भीतर गहरे नैतिक प्रश्न उठाए हैं; यदि आवश्यक हो, तो उनके संक्षिप्त दायरे के दृष्य-पात्र उद्धरण नीचे उद्धृत हो सकते हैं:

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यिर्मयाह 29:23 समानांतर पद और संबंधित वचन

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“तब मैं न्याय करने को तुम्हारे निकट आऊँगा; और टोन्हों, और व्यभिचारियों, और झूठी शपथ खानेवालों के विरुद्ध, और जो मजदूर की मजदूरी को दबाते, और विधवा और अनाथों पर अंधेर करते, और परदेशी का न्याय बिगाड़ते, और मेरा भय नहीं मानते, उन सभी के विरुद्ध मैं तुरन्त साक्षी दूँगा, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है। (याकू. 5:4)

यिर्मयाह 23:14 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 23:14 (HINIRV) »
परन्तु यरूशलेम के नबियों में मैंने ऐसे काम देखे हैं, जिनसे रोंगटे खड़े हो जाते हैं, अर्थात् व्यभिचार और पाखण्ड; वे कुकर्मियों को ऐसा हियाव बँधाते हैं कि वे अपनी-अपनी बुराई से पश्चाताप भी नहीं करते; सब निवासी मेरी दृष्टि में सदोमियों और अमोरियों के समान हो गए हैं।”

इब्रानियों 4:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
इब्रानियों 4:13 (HINIRV) »
और सृष्टि की कोई वस्तु परमेश्‍वर से छिपी नहीं है वरन् जिसे हमें लेखा देना है, उसकी आँखों के सामने सब वस्तुएँ खुली और प्रगट हैं।

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