Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यिर्मयाह 1 यिर्मयाह 2 यिर्मयाह 3 यिर्मयाह 4 यिर्मयाह 5 यिर्मयाह 6 यिर्मयाह 7 यिर्मयाह 8 यिर्मयाह 9 यिर्मयाह 10 यिर्मयाह 11 यिर्मयाह 12 यिर्मयाह 13 यिर्मयाह 14 यिर्मयाह 15 यिर्मयाह 16 यिर्मयाह 17 यिर्मयाह 18 यिर्मयाह 19 यिर्मयाह 20 यिर्मयाह 21 यिर्मयाह 22 यिर्मयाह 23 यिर्मयाह 24 यिर्मयाह 25 यिर्मयाह 26 यिर्मयाह 27 यिर्मयाह 28 यिर्मयाह 29 यिर्मयाह 30 यिर्मयाह 31 यिर्मयाह 32 यिर्मयाह 33 यिर्मयाह 34 यिर्मयाह 35 यिर्मयाह 36 यिर्मयाह 37 यिर्मयाह 38 यिर्मयाह 39 यिर्मयाह 40 यिर्मयाह 41 यिर्मयाह 42 यिर्मयाह 43 यिर्मयाह 44 यिर्मयाह 45 यिर्मयाह 46 यिर्मयाह 47 यिर्मयाह 48 यिर्मयाह 49 यिर्मयाह 50 यिर्मयाह 51 यिर्मयाह 52Verse
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यिर्मयह 25:10 - संदर्भ और अर्थ
यिर्मयाह नबी द्वारा प्रत्यक्ष वचन एक गहरी चेतावनी है: यहवक्त अवनति के भविष्य के बारे में बताता है, जहाँ राजा-स्वामित्व, कृषि-कार्य और सामान्य जीवन के सुख-आसूरभ सब एक साथ रोक दिए जाएंगे। यह वाक्यावली बताती है कि प्रभु की क्रोधावस्था के कारण देशभर की खुशियाँ, विवाह-उत्साह, क्षुधा और रोज़मर्रा की गतिविधियाँ-इन सभी का स्वरुप ठहर जाएगा। यह भाग विशेष रूप से बाबुली दमन के कारण होने वाले विनाश और पर्यटन के समय के संकेत को दर्शाता है।
केंद्रीय अर्थ
इस वचन्य में ठहराव और निराशा का एक व्यापक दृश्य है: कोई हर्ष का शब्द नहीं सुना जाएगा, न दुल्हे-डुल्ही का, न चक्की की ध्वनि, न दिया जलना। इसका उद्देश्य यह दिखाना है कि परमेश्वर के क्रोध के समय सामान्य जीवन के हर रंग को अवरोधित कर दिया जाएगा, ताकि लोगों का आचरण, आशा और सामुदायिक जीवन टूट जाए। यह चेतावनी न केवल राजनीतिक अशांति बल्कि आध्यात्मिक मरüम्मत के अवसरों को भी रोकती है।
मुख्य विषय
अन्य आयाम और पार्श्व पंक्तियाँ
यह संदेश पुराने नियम के अन्य भागों से मैच करता है जहाँ दमन के समय शांति, सुख और उत्सव रोक दिए जाते हैं (उद्धृत संदर्भों की ओर इशारा करता है: प्रकाशित रहस्योद्घाटन में भी अस्थिरता और शब्द-चिह्न)।
कथन-आधार और उपलब्ध व्याख्या
यह भविष्यवाणी एक बहुविध चेतावनी है: वर्तमान जीवन के आराम और उत्साह के क्षण अचानक विराम ले लेते हैं, क्योंकि परमेश्वर न्याय की कुंजी रखते हैं।
व्यावहारिक विचार
छुटकी समापन - संक्षेप
यिर्मयाह 25:10 एक कठोर लेकिन आवश्यक स्मरण है कि जब परमेश्वर का क्रोध आता है, तब सांसारिक आनंद-आशा सबकुछ क्षणभर के लिए खामोश हो जाते हैं। यह उद्धार और न्याय के लिए मानसिक तैयारी का संकेत है, ताकि लोग अपने परमेश्वर के साथ पुनः जुड़ सकें।
क्रॉस-रेफरेंसेज
प्रकाशन 18:22-23 के साथ इस वचन की समानता यह दिखाती है कि आर्थिक-समारोहों और समाजी उत्सवों की ध्वनि उस समय बंद हो जाएगी। यह संकेत एक ऐसी स्थिति की ओर इशारा करता है जहाँ लोग सांसारिक रस-रंग से दूर रहकर परमेश्वर के न्याय के बारे में विचार करें। साथ ही यिर्मयाह 30–31 के उद्धारक संदेश की दिशा भी संकेतित होती है—कच्ची हानि के बाद पुनर्स्थापना और नई शुरुआत की आशा।
अन्य संदर्भ: योशू 6:16-20 (ध्वनि-शांति के लिए कानाफूसी), दान 4:17 (ध्वनियों की परिवर्तनशीलता)।