यिर्मयाह 25:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

क्योंकि बहुत सी जातियों के लोग और बड़े-बड़े राजा भी उनसे अपनी सेवा कराएँगे; और मैं उनको उनकी करनी का फल भुगतवाऊँगा।”

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यिर्मयाह 25:14 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 25:14 पर दृष्टिकोण

यिर्मयाह की भविष्यवाणी में यह पंक्ति एक सार्वजनिक निष्कर्ष को पहचानती है: यहूदियों के έως उत्पीड़न के समय शासन करने वाले और समाज के बड़े समूह, कई जातियाँ और राजा—सब मिलकर समान रूप से प्रभारी बनेंगे. किन्तु यह केवल दबाव नहीं; यह न्याय की पूर्ति और लोगों के कर्मों का परिणाम है. यह पाठ दिलासा के साथ चेतावनी देता है कि परमेश्वर का न्याय अटल है और उसका प्रतिफल समान रूप से दिया जाएगा।

पद का संपूर्ण अध्याय के संदर्भ में स्थान

यिर्मयाह 25 का पूरा भाग नबी की एक बड़ी घोषणा है कि बाबुल की निंदा और वहाँ के राष्ट्रों के प्रति ईश्वर का क्रोध एक निर्धारित अवधि के भीतर पूरा होगा। इस दायरे में यिर्मयाह यह भी बताता है कि तब जो बड़े-बड़े राजा और अनेक जातियाँ होंगे, वे भी अपनी सेवाओं के लिए जिम्मेदार ठहरेंगे। यह संदेश यहूदियों के लिए एक प्रकार की चेतावनी है—ताकि वे आध्यात्मिक बदली के लिए तत्पर हों और सत्य की आचरण ग़ौर से करें।

मुख्य आध्यात्मिक पाठ

इस वाक्य का मूल पाठ यह रेखांकित करता है कि परमेश्वर की न्याय प्रणाली मुद्रा के समान है: जो कुछ किया गया, उसका परिणाम उसे ही भुगतना पड़ेगा, चाहे वह छोटे पक्ष हों या बड़े। यह हमारे समय के लिए भी एक स्थिर सिद्धांत है: कर्म के अनुसार ही फल मिलता है—न्याय और दया दोनों का संतुलन बनकर चलता है। यह नबी के संदेश का एक हिस्सा है जो स्मरण कराता है कि प्रभु के नियमों से विमुख होना, दुष्कर्म करना, या अधर्मी व्यवहार रखना—सबका परिणाम प्रतिफल के रूप में आता है।

अन्य बाइबल पाठ से सम्बंध

  • रोमियों 2:6-8: कर्मों के अनुसार प्रतिशोध—जो दया नहीं दिखाते हैं, वे कठोरता का सामना करेंगे। एक समान विचार यह बताता है कि परमेश्वर प्रभावी रूप से न्याय करते हैं।
  • यह्ह 16:7-11: पवित्र आत्मा के उद्घाटन के माध्यम से अपराध का विवेक और न्याय की भावना जी उठती है; परमेश्वर की दृष्टि में हर राष्ट्र और राजा की भूमिका आस्तित्व रखती है।
  • यिर्मयाह 29:11: भगवान के उद्धार के उद्देश्य—भविष्य की आशा और जीवन की गुणवत्ता के लिए, यह दर्शाता है कि वह निश्चय ही न्याय के साथ मुक्ति भी देता है।

इन क्रॉस-रेफरंस का ortak संदेश यह है कि परमेश्वर हर लोक और हर ऊँचे पद की सत्ता के पीछे पीछाडे हुए कारणों को देखता है, और उसकी न्याय योजना समय के अनुसार पूरी होती है।

व्यावहारिक अनुप्रयोग

  • धरातलीय शक्ति के प्रति सजगता: चाहे अकसर सत्ता के दबाव या प्रभाव से चुनौती मिले, ईश्वर के न्याय के ढांचे को ध्यान में रखें।
  • नैतिक उत्तरदायित्व: समाज के बड़े बड़ विपक्षी या प्रभावशाली विचारधाराएं भी, अंततः उनके कर्मों के हिसाब से उत्तर देंगी।
  • आत्मिक दिशा: हमारी प्रार्थना और आचरण दोनों में सत्य और निष्पक्षता हो, क्योंकि हम भी कर्मों के परिणामों के सहभागी बनते हैं।

संक्षेप

यिर्मयाह 25:14 बताता है कि पृथ्वी पर बड़ी सत्ता और विविध जातियाँ—सब परमेश्वर की न्याय-व्यवस्था के अधीन हैं। वे अपनी सेवाओं के लिए बलपूर्वक नहीं, बल्कि उनके कर्मों के फल के रूप में उत्तर देंगे। यह विचार हमें यह सिखाता है कि व्यक्ति-समूह, चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, ईश्वर के न्याय से बच नहीं पाएंगे; साथ ही उद्धार और दयालुता की योजना भी उसी न्याय के साथ चलती है, जो भविष्य में पूर्णता पाएगी।

महत्वपूर्ण उद्धरणs

यदि उद्धरण उपलब्ध हों, तो नीचे Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के शाब्दिक शब्द (संक्षेप) उद्धृत हो सकते हैं:

“यही है कि परमेश्वर की योजना कभी रुकती नहीं; वह कर्म के फल को अवश्य पूरा करता है।”

सूचित जाँच से पता चलता है कि ये छोटे-छोटे उद्धरण पाठ की प्रवाह को समझाने में सहायक होते हैं, परंतु पूर्ण पाठों को उद्धृत नहीं किया गया है।

कृष्णिय क्रॉस-रेफरंस

यिर्मयाह 25:14 के साथ आप इन संदर्भों पर विचार कर सकते हैं: रोम 2:6-8; योहान 16:7-11; यिर्मयाह 29:11. हर स्थान यह समझ देता है कि परमेश्वर की न्याय-व्यवस्था समय के साथ स्पष्ट और पूर्ण होती है, और सत्ता के साथ उसका संबंध कर्मों के अनुसार तय होता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 25:14 समानांतर पद और संबंधित वचन

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यिर्मयाह 51:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 51:6 (HINIRV) »
“बाबेल में से भागो, अपना-अपना प्राण बचाओ! उसके अधर्म में भागी होकर तुम भी न मिट जाओ; क्योंकि यह यहोवा के बदला लेने का समय है, वह उसको बदला देने पर है। (प्रका. 18:4)

यिर्मयाह 50:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 50:9 (HINIRV) »
क्योंकि देखो, मैं उत्तर के देश से बड़ी जातियों को उभारकर उनकी मण्डली बाबेल पर चढ़ा ले आऊँगा, और वे उसके विरुद्ध पाँति बाँधेंगे; और उसी दिशा से वह ले लिया जाएगा। उनके तीर चतुर वीर के से होंगे; उनमें से कोई अकारथ न जाएगा।

यिर्मयाह 27:7 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 27:7 (HINIRV) »
ये सब जातियाँ उसके और उसके बाद उसके बेटे और पोते के अधीन उस समय तक रहेंगी जब तक उसके भी देश का दिन न आए; तब बहुत सी जातियाँ और बड़े-बड़े राजा उससे भी अपनी सेवा करवाएँगे।

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