Old Testament
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मीका 7:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
क्योंकि पुत्र पिता का अपमान करता, और बेटी माता के, और बहू सास के विरुद्ध उठती है; मनुष्य के शत्रु उसके घर ही के लोग होते हैं। (मत्ती 10:21-35, मर. 13:12, लूका 12:53)
मीका 7:6 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मीका 7:6 समानांतर पद और संबंधित वचन
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मत्ती 10:35 (HINIRV) »
मैं तो आया हूँ, कि मनुष्य को उसके पिता से, और बेटी को उसकी माँ से, और बहू को उसकी सास से अलग कर दूँ।

लूका 12:53 (HINIRV) »
पिता पुत्र से, और पुत्र पिता से विरोध रखेगा; माँ बेटी से, और बेटी माँ से, सास बहू से, और बहू सास से विरोध रखेगी।” (मीका 7:6)

मत्ती 10:21 (HINIRV) »
“भाई अपने भाई को और पिता अपने पुत्र को, मरने के लिये सौंपेंगे, और बच्चे माता-पिता के विरोध में उठकर उन्हें मरवा डालेंगे। (मीका 7:6)
मीका 7:6—आपसी विश्वासघात और परिवार की मान-प्रतिष्ठा
इस पद में मीका न बोलते हुए एक दायरे की स्थिति दिखाते हैं जहाँ समाज के भीतर विश्वासघात और परिवारों के बीच संघर्ष सामान्य हो उठते हैं। पवित्र योग्यता और धर्मनिष्ठा के स्थान पर कुछ लोग अपने स्वार्थ के कारण निष्ठा का राग छोड़ देते हैं। यह आगे के समय के संदर्भ में इस्राइल के सामाजिक ढांचे की fragility को दर्शाता है, जहाँ एक-दूसरे के प्रति भरोसा घटता है और घर-घर के रिश्ते भी परीक्षण में आ जाते हैं।
ईश्वर की दृष्टि से यह पाठ क्या बतलाता है?
यह वचन दिखाता है कि पवित्रता और वफादारी कितनी नाजुक हैं, खासकर परिवार के भीतर। यदि लोग आपसी प्रेम और सम्मान की जगह डर, खतरा, और निजी हित की खोज में रहते हैं, तो आत्मिक विफलता से समाज कमजोर होता है। ईश्वर इस प्रकार के अराजकता को केवल दंड के रूप में नहीं देखते; वह उसे एक चेतावनी-संदेश मानते हैं कि विश्वास का निरन्तर पालन और नैतिकता ही समुदाय की सुरक्षा है।
मुख्य शब्दों और imagery की स्पष्टता
अन्य सन्दर्भ (cross-references) और उनके प्रभाव
- मत्ती 10:21-35: यीशु के अनुसार परिवार में विभाजन सामान्य हो सकता है क्योंकि सच्ची शिक्षा का पक्ष लेने वाले और विरोधी विचारों वाले एक-दूसरे से टकराते हैं। यह स्थिति वास्तविक भक्ति की कसौटी बनती है। व्यवहारिक पाठ—सत्य के लिए व्यक्तिगत प्रतिबद्धता अगर परिवार के भीतर असहमति बनाती है, तो भी ईश्वर के लिए खड़ा होना चाहिए।
- मरकुस 13:12 और लूका 12:53: यीशु का भाष्य बताता है कि लोगों के बीच स्वार्थ और भिन्न-भिन्न निष्ठाओं के कारण घर में भी वैर बढ़ सकता है; यह अंतिम विकल्प नहीं बल्कि आध्यात्मिक धारणाओं के लिए परीक्षण है।
प्रमुख शब्दावली का संक्षेप
“पुत्र पिता का अपमान करता” आदि वाक्य संकेत देते हैं कि सामाजिक और व्यक्तिगत रिश्तों में ईमानदारी के बिना मान-प्रतिष्ठा संभव नहीं रहती। इस प्रकार के पल ईश्वर के सामने आत्म-निरीक्षण का अवसर बन जाते हैं कि हम कैसे निष्ठा, प्रेम, और विनम्रता को बनाए रखते हैं।
आज के संदर्भ में व्यवहारिक अनुप्रयोग
सार
मीका 7:6 एक चेतावनी है जो बताती है कि विश्वासी जीवन में परिवार और समाज के भीतर विश्वासघात के समय भी ईश्वर की व्यवस्था और नैतिकता का निर्धारण मजबूत होना चाहिए। यह नैतिक ध्वनि हमारे दैनिक जीवन में भी उतरे, ताकि हम विश्वास, प्रेम और पारिवारिक सम्मान के बीच संतुलन बना सकें।
धरोहर उद्धरण (उद्धृत स्रोत). यदि संकलन में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के संक्षिप्त वाक्य उपलब्ध हों, तो वे नीचे के समेकित संदर्भों में स्वाभाविक रूप से सम्मिलित होते हैं।
अनुमोदित उद्धरण सार
“The father and the mother and the tender ties of home”—ये विचार एक चेतावनी देता है कि परिवार के भीतर नैतिक दूरी से समाज अस्थिर होता है।