नीतिवचन 1:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यदि वे कहें, “हमारे संग चल, कि हम हत्या करने के लिये घात लगाएँ, हम निर्दोषों पर वार करें;

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नीतिवचन 1:11 पद-दर-पद बाइबल टीका

नीतिवचन 1:11 का सारग्रह

यह पद बताता है कि दुष्ट मित्र व गलत सलाहकार हमलों के लिए hé रास्ता दिखाने की योजनाओं में सम्मिलित हो जाते हैं, परन्तु ऐसा साथी हमारे समुदाय के लिए विनाशकारी होता है। यह कहता है: आक्रामक होकर निर्दोषों पर हिंसा के लिए बाध्य करना धुर विरोधी के कदम हैं, न कि दो-तीन सहयोगियों का खयाल।

पाठ का पृष्ठभूमि

नीतिवचन एक शिक्षात्मक संग्रह है जो जीवन के वास्तविक अनुभवों के माध्यम से बुद्धिमानी और विवेक की मांग करता है। यहाँ मित्रता, समाजिक दबाव और गलत सलाह के खतरे पर केंद्रित है। इस संदर्भ में, “हमारे संग चल” के बोल एक समूह की सम्मिलित योजना की ओर इशारा करते हैं, जो निर्दोषों पर अत्याचार चाहते हैं।

व्याख्यात्मक विचार

  • संकेतात्मक चुनौती: समुदाय के भीतर गलत संगतियाँ अचानक से सामाजिक दबाव बन सकती हैं, जो नैतिक विवेक को कमजोर कर देती हैं।
  • नैतिकता बनाम दबाव: हिंसा और अन्याय के प्रस्ताव अक्सर समूह-मानों का मुखौटा बन जाते हैं; सतर्क वहीं है जो ऐसे प्रस्ताव की प्रवृत्ति को पहचान सके।
  • विकल्प और शीलता: बुद्धिमान व्यक्ति ऐसे सुझावों से दूर रहता है और न्याय-पथ को बनाए रखता है, भले ही समूह उसे दबाव दे।

मुख्य विचारों की एक संक्षिप्त सूची

  • दोस्ती और भरोसा तब स्थिर रहते हैं जब वे सत्य और निष्पक्षता पर टिके रहते हैं।
  • व्यक्ति को चाहिए कि वह ऐसी बातों को अस्वीकार कर दे और न्याय में सहायता करे।

अनुकृति योग्य क्रॉस-रेफरेंसेज़

1) नीतिवचन 1:10— सम्मिलन से पूर्व के आग्रह में बुद्धिमान सुझावों की परीक्षा का स्मरण। यह बताता है कि बुद्धिमान व्यक्ति ऐसे प्रस्तावों को किस तरह पहचानता है।

2) नीतिवचन 4:14–15— बुरे मार्ग से बचने का आह्वान; अवसर परचित प्रलोभनों से भी सावधान रहने की सलाह।

3) भजन 34:14— बुरे मार्गों से दूर रहने को प्रेरित करने वाला आह्वान; हिंसा से दूर रहने की नसीहत।

विशेष टिप्पणीधारा: अन्य टिप्पणीकारों से संक्षिप्त सार

Matthew Henry के अनुसार, यह कविता समूह के दबाव के दौरान सही मार्ग चुनने की आवश्यकता को दर्शाती है; गलत संगति से बचना विवेक की निशानी है। Albert Barnes इसे समुदाय में सम्मानित नैतिक मानदंडों की रक्षा के रूप में देखते हैं—हम निर्दोषों के विरुद्ध अन्याय के लिए एकजुट नहीं हो सकते। Adam Clarke इसे एक स्पष्ट चेतावनी के रूप में देखते हैं कि हिंसा के लिए इच्छुक समूह सचेत रहें और सत्य के पथ पर टिके रहें।

ध्यातव्य प्रयोगात्मक निष्कर्ष

- किसी भी समूह के दबाव में आकर हिंसा या अन्याय के पक्ष में कदम उठाने से बचना चाहिए।

- व्यक्तिगत विवेक और धार्मिक नैतिकता को मजबूत करें ताकि असली मित्र वही बनें जो सत्य और न्याय के साथ खड़े रहें।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

नीतिवचन 1:11 समानांतर पद और संबंधित वचन

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मेरी प्रजा में दुष्ट लोग पाए जाते हैं; जैसे चिड़ीमार ताक में रहते हैं, वैसे ही वे भी घात लगाए रहते हैं। वे फंदा लगाकर मनुष्यों को अपने वश में कर लेते हैं।

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और ये लोग तो अपनी ही हत्या करने के लिये घात लगाते हैं, और अपने ही प्राणों की घात की ताक में रहते हैं।

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नीतिवचन 12:6 (HINIRV) »
दुष्टों की बातचीत हत्या करने के लिये घात लगाने के समान होता है, परन्तु सीधे लोग अपने मुँह की बात के द्वारा छुड़ानेवाले होते हैं।

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