नीतिवचन 1:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

वह बाजारों की भीड़ में पुकारती है; वह नगर के फाटकों के प्रवेश पर खड़ी होकर, यह बोलती है:

पिछला पद
« नीतिवचन 1:20
अगला पद
नीतिवचन 1:22 »

नीतिवचन 1:21 पद-दर-पद बाइबल टीका

नीतिवचन 1:21 का निष्कर्षण अर्थ

स्वरचित सार: बुद्धिमानी की पुकार घर-घर, बाजार-घाट, नगर के प्रवेशमार्ग—जहाँ भी लोग एक दूसरे से मिलते-भेटते होते हैं—वहां से उठती है, क्योंकि ज्ञान और चेतावनी प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में प्रवेश करना चाहती है। यह आयत साक्षात् चेतावनी देती है कि ज्ञान केवल अध्ययन-कक्ष तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज-जीवन की हर गतिविधि में सक्रिय रूप से बुलावा देती है और असावधानी की खतरनाक चपेट से बचाती है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

नीतिवचन पाठक को एक सेतु दिखाता है: दीन-हीन, नव-नीतिमान, और बुजुर्ग—सब एक समान रूप से ज्ञान की महत्ता समझें। यहाँ “बाज़ार की भीड़” और “नगर के फाटकों के प्रवेश” वह सार्वजनिक मंच हैं जहाँ लोग निर्णय लेते हैं, गलत-ताकियाँ और बहकावों के बीच। दार्शनिक-सेतु यह है कि ज्ञान चलती-फिरती जिंदगी के साथ बाँधता है; ज्ञान जब प्रत्यक्ष संपर्क में आये, तब वह ढीली न रहे, बल्कि जागृत करे।

व्याख्यात्मक अवलोकन

  • बाहरी जगहों का मंच: यह बताता है कि ज्ञान का आह्वान केवल एकान्त अध्ययन नहीं, बल्कि सामाजिक सार के बीच भी पाया जाना चाहिए।
  • सार्वजनिक आह्वान: फाटक के प्रवेश पर खड़ा होना यह सूचित करता है कि ज्ञान लोगRod से सीधे संवाद बनाकर प्रकट होता है, न कि पर्दे के पीछे।
  • कथन की स्पष्टता: यह पंक्ति स्पष्ट करती है कि ज्ञान की आवाज़ बाधाओं के बावजूद सुनी जाती है यदि मन तैयार हो।

3 प्रमुख थीम (संक्षेप)

  1. सार्वजनिक सचेतना: ज्ञान हर जगह पहुँचना चाही है—खासकर तब जब भीड़ व्यस्त हो।
  2. उचित समय पर बुलावा: रास्तों और दरवाजों पर चेतावनी और मार्गदर्शन मिल सकता है।
  3. व्यक्ति-उत्तरदायित्व: हर व्यक्ति को अपने जीवन के निर्णयों में ज्ञान की सहायता लेने की आवश्यकता है।

अनुसंधान-पंक्तियाँ (Cross-references) और उनका संक्षेप

नीतिवचन 1:23 के साथ: ज्ञान-आह्वान को समझने के लिए आत्म-उद्धार और सत्यान्वेषण की भूमिका।

नीतिवचन 2:3-6 के साथ: ज्ञान के लिए फर्श से उठकर प्रार्थना और परिश्रम की महत्ता; बोध तब आता है जब लोग प्रयास करते हैं।

यशाय 55:1 के साथ: ज्ञान और उद्धार की आकर्षक रेखा, जो सभी के लिए उपयुक्त है और वितरित है।

वास्तविक-उपयोगी निष्कर्ष/Takeaway

जब भी दैनिक जीवन में कठिन निर्णय सामने आएं, तब सार्वजनिक और व्यक्तिगत स्तर पर ज्ञान की आवाज को सुनें, उसे मानें और क्रियान्वित करें। यह आयत提醒 देती है कि ज्ञान न समय-सीमा से बंधा है, न किसी एक समूह तक सीमित, बल्कि मानव-जीवन के हर क्षेत्र में जागरूकता और मार्गदर्शन प्रदान करता है।

लेखकों के संदेशन (उद्धृत लाइनें)

कोई स्थूल उद्धरण सीधे नहीं दिया गया है, पर मार्थ्यू हेनरी, एल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क की पारंपरिक टिप्पणी-शैली से यह संकेत मिलता है कि ज्ञान की आह्वान सामाजिक मंचों पर जोर पकड़ती है और समझदारी से जवाब मांगती है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

नीतिवचन 1:21 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

प्रेरितों के काम 5:20 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
प्रेरितों के काम 5:20 (HINIRV) »
“जाओ, मन्दिर में खड़े होकर, इस जीवन की सब बातें लोगों को सुनाओ।”

नीतिवचन 9:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नीतिवचन 9:3 (HINIRV) »
उसने अपनी सेविकाओं को आमंत्रित करने भेजा है; और वह नगर के सबसे ऊँचे स्थानों से पुकारती है,

मत्ती 13:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 13:2 (HINIRV) »
और उसके पास ऐसी बड़ी भीड़ इकट्ठी हुई कि वह नाव पर चढ़ गया, और सारी भीड़ किनारे पर खड़ी रही।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें