नीतिवचन 12:27 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

आलसी अहेर का पीछा नहीं करता, परन्तु कामकाजी को अनमोल वस्तु मिलती है।

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नीतिवचन 12:27 पद-दर-पद बाइबल टीका

नीतिवचन 12:27 — आलसी अहेर का पीछा नहीं करता, परन्तु कामकाजी को अनमोल वस्तु मिलती है

यह श्लोक तुरंत मिलती-जुलती बुद्धिमानी का पाठ देता है: आलस्य स्वभाव से परे, और कर्मठता से ही लाभांश प्राप्त होता है। एक व्यक्ति जो आराम पर टिके रहता है, वह लाभ के पीछे नहीं भागता; जबकि जो मेहनत और कार्य-निष्ठा से आगे बढ़ता है, उसे बहुमूल्य वस्तुएँ मिलती हैं—यहाँ “अनमोल वस्तु” से तात्पर्य जीवन-आरोहण, अवसर, और आर्थिक-आत्मनिर्भरता से लिया गया लाभ है।

मूल संदेश और ईश्वर के बारे में धारणा

नीतिवचन का यह भाग जीवन के व्यवहारिक सिद्धांत के बारे में है: ईश्वर प्राकृत कारण-कार्य का सम्मान करता है और कर्मठता के साथ प्रेम-भरे प्रयासों से परिणाम देता है। आलस्य का परिणाम भी एक प्रकार की नैतिक तिरस्कार के समान है, क्योंकि यह व्यक्ति की क्षमता और ईश्वर-क्षण-आशा को घटाता है। अतः विश्वास की दृष्टि से यह श्लोक प्रेरणा देता है कि ईश्वर के परिच्छेद में हमारी मेहनत एक उपहार है जिसे वह संवार कर देता है।

कुंजी शब्दों की स्पष्ट व्याख्या

  • आलसी - जो अवसरों को पहचान कर भी समय-समय पर कार्य नहीं करता; आलस्य आत्म-उन्नति में बाधक है।
  • अहरे का पीछा - सफलता के लिए कोशिश करना, लक्ष्य की ओर अग्रसर होना; निष्क्रियता के विपरीत सक्रियता।
  • कामकाजी - लगातार मेहनत से अपना दायित्व निभाने वाला व्यक्ति।
  • अनमोल वस्तु - बहुमूल्य लाभ, अवसरों, आय या प्रतिष्ठा जो मेहनत से मिलते हैं।

अनुसंग उपदेश (Cross-references)

– नीतिवचन 10:4-5: निर्दिष्ट करता है कि मेहनत से धन कमाने में स्थिरता और सम्मान मिलता है।

– यशायाह 55:2: खान-पान के पीछे भागना नहीं, बल्कि व्यावहारिक जीवन में संतुष्टि के साथ परिश्रम की महत्ता बताता है।

– 2 थिस्स 3:10: जिसने काम नहीं किया, वह खाने के लिए नहीं।

ऐतिहासिक-प्रेरक अंतर्दृष्टियाँ (उद्धरण से प्रमाणित संकेत)

मार्था हेनरी के अनुसार यह श्लोक यह दिखाता है कि आलस्य अंततः जीवन की समृद्धि को रोकता है, जबकि कर्मठता ईश्वर प्रदत्त अवसरों को पकड़ने में सहायता करती है।

Albert Barnes ने कहा कि “कमाने के लिए सचमुच मेहनत करनी पड़ती है; जो सोता है उसे कुछ नहीं मिलता।”

Adam Clarke ने इस विषय पर लिखा कि मेहनत और धैर्य ईश्वर की योजना के अनुरूप सफलता का मार्ग है।

आज के जीवन में अनुप्रयोग

- अपने दिनचर्या के भीतर छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित करें और उन्हें पूरा करें; सफलता क्रमिक प्रयासों से बनती है।

- अवसरों की पहचान कर उनको सक्रिय रूप से pursue करें, न कि केवल विचार-शून्य आशाओं पर टिके रहें।

- जिम्मेदारी के साथ मेहनत करें—यही वास्तविक आत्म-सम्मान और सुरक्षा का मार्ग है।

संक्षिप्त समानुभाव

इस श्लोक में ईश्वर-आस्था का एक व्यावहारिक आयाम है: धर्म-यथार्थ के साथ परिश्रम से ही जीवन की बहुमूल्यताओं का वास होता है। कर्म-लोभीता नहीं, बल्कि कर्म-निष्ठा ही अनमोल वस्तुओं को बुलाती है।

नोट: नीचे दिए गए उद्धरण केवल संदर्भ के लिए हैं; मूल वाक्यों की संपूर्ण टेक्स्ट यहाँ नहीं है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

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