नीतिवचन 13:25 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

धर्मी पेट भर खाने पाता है, परन्तु दुष्ट भूखे ही रहते हैं।

पिछला पद
« नीतिवचन 13:24
अगला पद
नीतिवचन 14:1 »

नीतिवचन 13:25 पद-दर-पद बाइबल टीका

नीतिवचन 13:25 का सार: धर्मी अपने आहार से संतुष्ट रहता है; दुष्ट भूखा रहते हैं

इस पद का सीधा अर्थ है: सत्यनिष्ठ और धर्मपरायण व्यक्ति आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त आहार पाता है, जबकि चोर, झूठे या अन्यायपूर्ण मार्ग से जीवनयापन करने वाले लोग अक्सर भूखे रहते हैं। यह जीवनगत सत्य संकेत देता है कि ईश्वर के पास हमारे भाग्य की व्यवस्था है और हमारे कर्म उसका परिणाम बनते हैं।

पृष्ठभूमि एवं संदर्भ

नीतिवचन पुस्तक में आचार एवं कीर्ति के नियमों का समुच्चय है, जो नीतिगत शिक्षाओं के साथ व्यवहारिक जीवन के सिद्धांत प्रस्तुत करती है। 13:25 एक सामान्य सी धारणा को रखता है: परमेश्वर न्यायप्रिय है और सामाजिक-आर्थिक परिणामों के प्रति व्यवहारिक सच्चाई दिखाता है। इस पाठ में “धर्मी” और “दुष्ट” के बीच स्पष्ट भेद है, और आहार-व्यवस्था के माध्यम से नैतिक जीवन की स्थिति उभर कर सामने आती है।

व्याख्यात्मक अवलोकन

- धर्मी का स्वाद—धर्मी व्यक्ति अपने भाग्य के अनुसार भोजन पाता है, जो उसकी नियमितता, मेहनत, और ईमानदारी का परिणाम है। यह केवल भूख मिटाने की बात नहीं है, बल्कि समग्र संतुष्टि और आत्मिक शांति से जुड़ा है।

- दुष्ट का भूखा रहना—जो अपने तरीकों से जीवन-यापन करता है, उसका अंततः अभावों में जीवन चलता है; यह दर्शाता है कि गलत मार्ग तुरंत या धीरे-धीरे पोषण और अच्छी चीज़ों से दूरी बना देता है।

- क्रमित न्याय—यह पद सामाजिक-नैतिक व्यवस्था की एक छोटी-सी तस्वीर पेश करता है: कर्म-विफलता के परिणाम अंततः व्यक्ति के जीवन पर असर डालते हैं।

1-2 प्रेरक टिप्पणियाँ (फैसले में मार्गदर्शक)

  • उचित साधनों से कम पाना भी ईश्वर की व्यवस्था के अनुसार पर्याप्त हो सकता है, जब व्यक्तिगत आचरण ईमानदार हो।
  • जो ईमानदार नहीं, वह समय-समय पर अवरोधों का सामना कर सकता है; यह धैर्य और भरोसे के परीक्षण के रूप में लिया जाना चाहिए।

मैथ्यू हेनरी, अलबर्ट बर्न्स, एडम क्लार्क के विचारों के संकेत

धर्म और दाम्पत्य व्यवस्था के प्रति इन प्राचीन टिप्पणीकारों के संकेत इस निष्कर्ष को पुष्ट करते हैं: भाग्य और कर्म एक धारा में मिलते हैं; ईश्वर की सुव्यवस्था निष्कलंक है।

क्रॉस-रेफरेंस (संक्षिप्त व्याख्या)

हितकारी समानार्थी विचार: एक स्थान पर कहा गया है कि जो परिश्रम करता है, उसका भाग्य बनता है; दूसरा स्थान यह दिखाता है कि दुष्ट अपनी गलत राह के कारण कमी-भूख का अनुभव करते हैं। यह पाठ अन्य विवरणों से जुड़कर बताता है कि पुण्य कर्मों का परिणाम जीवन-समृद्धि के रूप में सामने आता है।

संक्षिप्त व्यावहारिक Takeaway

ईमानदारी और उचित परिश्रम के साथ जीवनयापन करें; चिंता न करें कि किस से क्या मिलेगा, पर यह ध्यान दें कि आज के कर्मों का नतीजा कल के आहार और वस्त्र-सम्पादन पर पड़ता है। धर्मी का संतोष और दुष्ट की कमी-भूखा स्थिति एक नैतिक पाठ है: आचरण के परिणाम भोजन तक पहुंच बनाते हैं।

याद रखने योग्य बिंदु: ईश्वर सभी को उनके मार्ग पर उचित आहार-संयोजन देता है; इसलिए परमेश्वर के नियमों के भरोसे पर रहें, और अपने कर्मों को शुद्ध बनाए रखें ताकि जीवन में शांति और पर्याप्तता बनी रहे।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

नीतिवचन 13:25 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

भजन संहिता 34:10 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 34:10 (HINIRV) »
जवान सिंहों को तो घटी होती और वे भूखे भी रह जाते हैं; परन्तु यहोवा के खोजियों को किसी भली वस्तु की घटी न होगी।

नीतिवचन 10:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नीतिवचन 10:3 (HINIRV) »
धर्मी को यहोवा भूखा मरने नहीं देता, परन्तु दुष्टों की अभिलाषा वह पूरी होने नहीं देता।

इब्रानियों 13:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
इब्रानियों 13:5 (HINIRV) »
तुम्हारा स्वभाव लोभरहित हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, “मैं तुझे कभी न छोड़ूँगा, और न कभी तुझे त्यागूँगा।” (भज. 37:25, व्य. 31:8, यहो. 1:5)

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें