Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
नीतिवचन 1 नीतिवचन 2 नीतिवचन 3 नीतिवचन 4 नीतिवचन 5 नीतिवचन 6 नीतिवचन 7 नीतिवचन 8 नीतिवचन 9 नीतिवचन 10 नीतिवचन 11 नीतिवचन 12 नीतिवचन 13 नीतिवचन 14 नीतिवचन 15 नीतिवचन 16 नीतिवचन 17 नीतिवचन 18 नीतिवचन 19 नीतिवचन 20 नीतिवचन 21 नीतिवचन 22 नीतिवचन 23 नीतिवचन 24 नीतिवचन 25 नीतिवचन 26 नीतिवचन 27 नीतिवचन 28 नीतिवचन 29 नीतिवचन 30 नीतिवचन 31Verse
नीतिवचन 18:1 नीतिवचन 18:2 नीतिवचन 18:3 नीतिवचन 18:4 नीतिवचन 18:5 नीतिवचन 18:6 नीतिवचन 18:7 नीतिवचन 18:8 नीतिवचन 18:9 नीतिवचन 18:10 नीतिवचन 18:11 नीतिवचन 18:12 नीतिवचन 18:13 नीतिवचन 18:14 नीतिवचन 18:15 नीतिवचन 18:16 नीतिवचन 18:17 नीतिवचन 18:18 नीतिवचन 18:19 नीतिवचन 18:20 नीतिवचन 18:21 नीतिवचन 18:22 नीतिवचन 18:23 नीतिवचन 18:24



नीतिवचन 18:15 का परिचयात्मक सेटिंग
पंक्तिक्रमित रूप में नीतिवचन 18:15 एक ऐसी समय-संकेत देता है जब समझदार मनुष्य ज्ञान के खोजी बन जाते हैं. यहाँ कहा गया है कि समझवाले का मन ज्ञान प्राप्त करता है; और बुद्धिमान ज्ञान की बात की खोज में रहते हैं। यह शास्त्रार्थ बताता है कि ज्ञान प्राप्ति को केवल तथ्य-संग्रह नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि एक प्रेरित और सक्रिय प्रकृति है जिसमें दिमाग, विवेक और आध्यात्मिक जिज्ञासा शामिल है.
इस पाठ में परमेश्वर या विश्वास के बारे में क्या स्पष्टीकरण मिलता है
यहाँ ज्ञान की चेष्टा मनुष्य की आंतरिक लालसा से जुड़ी है—यही वह आध्यात्मिक दायित्व है जिसे परमेश्वर ने मानव जीवन में रखा है. बुद्धिमान वह है जो ज्ञान को केवल एक चीज मानकर नहीं छोड़ता, बल्कि उसे अपनाने, परीक्षा करने और जीवन में लागू करने के लिए प्रयत्नशील रहता है. इससे प्रकट होता है कि ज्ञान के स्रोत और उसका मूल्य केवल मानव विचारों तक सीमित नहीं, बल्कि ईश्वर की प्रेरणा और वाणी से प्रेरित है.
शब्दों/चित्रों की स्पष्ट व्याख्या
संलग्न उद्धरण (पवित्र पवित्रशास्त्र के भीतर से)
यह पद, ज्ञान की खोज के महत्व को रेखांकित करता है: समझवाला ज्ञान को पाने के लिए सक्रिय है और बुद्धिमान उसे खोजते रहते हैं।
कथा-संदर्भों की दिशा में संकल्पना: नीतिवचन में ज्ञान और समझ की खोज के लिए प्रेरणा अक्सर परिवार, मित्र और समाज के बीच भी उभरती है, जबकि पवित्र आत्मा ज्ञान के मार्ग को खोलती है।
अन्य गहरे संबंधी पाठ (क्रॉस-रेफरेंसेस)
आज के लिए व्यावहारिक अनुप्रयोग
- ज्ञान की खोज को अपना लक्ष्य बनाएं: पढ़ना, विचार करना और अनुभव से सीखना।
- आपसी संवाद में सच और सत्य की आलोचना से सीखें; प्रश्न पूछना और प्रयोग करना ज्ञान को पुख्ता बनाता है।
- परमेश्वर की कृपा को ज्ञान के स्रोत के रूप में मानें; प्रार्थना और वाणी-ध्यान से मार्गदर्शन लें।
संक्षिप्त एकीकृत निष्कर्ष
नीतिवचन 18:15 यह दर्शाता है कि समझदार व्यक्ति ज्ञान के लिए सक्रिय, स्थिर और जिज्ञासुपरक होता है। यह एक ईश्वरीय प्रेरणा की मान्यता है कि ज्ञान केवल सूचनाओं का संकलन नहीं, बल्कि जीवन की दिशा और आचरण की परिवर्तनशील शक्ति है।
नोट: इस पंक्ति के लिए मैथ्यू हेनरी, एल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के लिए आवश्यक छोटे उद्धरण उपलब्ध हों तो वे नीचे देखें।