Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
नीतिवचन 1 नीतिवचन 2 नीतिवचन 3 नीतिवचन 4 नीतिवचन 5 नीतिवचन 6 नीतिवचन 7 नीतिवचन 8 नीतिवचन 9 नीतिवचन 10 नीतिवचन 11 नीतिवचन 12 नीतिवचन 13 नीतिवचन 14 नीतिवचन 15 नीतिवचन 16 नीतिवचन 17 नीतिवचन 18 नीतिवचन 19 नीतिवचन 20 नीतिवचन 21 नीतिवचन 22 नीतिवचन 23 नीतिवचन 24 नीतिवचन 25 नीतिवचन 26 नीतिवचन 27 नीतिवचन 28 नीतिवचन 29 नीतिवचन 30 नीतिवचन 31Verse
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नीतिवचन 18:16 (HINIRV) — भेंट मनुष्य के लिये मार्ग खोल देती है
कविता की पंक्तियाँ एक सरल but गहन वास्तविकता को उद्घाटित करती हैं: साहसपूर्वक ईनाम या उपहार व्यवहार में व्यक्ति के अवसरों को बटोरने में मदद करते हैं, पर यह भी याद दिलाती हैं कि मार्ग ठीक-ठीक किसके लिए खुलता है—यह वे लोग होते हैं जो प्रभु की दृष्टि में मान्यता पाते हैं और स्वस्थ संबंध बनाते हैं। यह उद्धरण सामाजिक अवसरों के अस्थिर खेल को नहीं, बल्कि नैतिक सुरक्षा और विवेक से भरे निर्णयों के साथ जुड़ना चाहता है।
Immediate setting
यह श्लोक नीति-परंतु-निष्ठा की गहराई से जुड़ा है: मानवीय कला, व्यवहार और अवसरों के बीच का तंत्र। भेंट या उपहार देने की क्रिया से व्यक्ति के लिए दरवाजे खुल जाते हैं—पर यह स्पष्ट है कि यह मार्ग उन लोगों के सामने खुलते हैं जो मान-प्रतिष्ठा और निर्भरता के साथ व्यवहार करते हैं, न कि भ्रष्टाचार के द्वार खोलकर।
यह संदेश क्या बताता है about God or faith
आध्यात्मिक रूप से यह सुझाता है कि दुनिया की राहें मानव-निर्मित घटनाओं से भी प्रभावित होती हैं, पर परमेश्वर की बनायी व्यवस्था में सत्य और आचरण की भूमिका रहती है। भेंट देना एक सामाजिक नियम भी है—जिनमें ईमानदारी, सम्मान और प्रतिस्पर्धा के बीच संतुलन बनाए रखना शामिल है—जो विश्वासियों के लिये यह स्मरण कराता है कि हमारी चाल में व्यवहार के प्रमाण हों।
महत्वपूर्ण शब्द और चित्र (clarification)
संबंधित पद
ईश्वर-केन्द्रित विवेक और समाज-केन्द्रित नैतिक शिक्षा से जुड़ी अन्य दलीलें जो補क हो सकती हैं:
आज के संदर्भ में व्यवहारिक उपयोग
आज के समाज में भी कई जगह परिचय, नेटवर्किंग और संदिग्ध उपहार-व्यवहार दोनों साथ रहते हैं। इस श्लोक से प्रेरणा मिलती है कि प्रोत्साहन और उचित सम्मान दें, पर वही मूल्य-आधारित सीमाओं के भीतर रहें जो पारदर्शिता और ईमानदारी की पुष्टि करते हैं। यदि आप किसी भी प्रकार के उपहार या सहयोग को स्वीकारते हैं, तो उसे अवसरों के बजाय प्रणालियों और नैतिकताओं के अनुरूप रखना चाहिए।
प्रमुख टिप्पणी से जुड़ी नीतियाँ
पूर्व-वाचनाचार के प्रकाश में यह शिक्षण दो ठोस धारणाओं को समाहित करता है: (1) सामाजिक अवसरों का निर्माण मानवीय व्यवहार से होता है, (2) परिपक्व विश्वास में निर्णय नैतिकता और विवेक पर टिके रहते हैं।
छोटा-सा cross-reference संकेत
- अन्य प्राकृतीय निर्देश संकेत देता है कि उचित संबंध और नैतिक उपाय से फ़ायदा होता है (उदा. कुछ सेतु-पाठ—अल्प-धन के साथ ईमानदारी)।
- सामाजिक और व्यक्तिगत संबंधों में संतुलन बनाने के लिए भविष्य-वाणी और निर्णय-निर्माण में विवेक आवश्यक है।
- मानवीय सहायता और दया से जुड़े पद भी दिखते हैं कि कैसे सही मार्ग में दूसरों के साथ सहयोग बढ़ता है।
नोट: इस पंक्ति के लिए Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के विशिष्ट शब्दों के संक्षिप्त उद्धरण यदि मिले तो केवल आवश्यक-उद्धरण के रूप में शामिल किए गए हैं।