नीतिवचन 24:16 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

क्योंकि धर्मी चाहे सात बार गिरे तो भी उठ खड़ा होता है; परन्तु दुष्ट लोग विपत्ति में गिरकर पड़े ही रहते हैं।

पिछला पद
« नीतिवचन 24:15
अगला पद
नीतिवचन 24:17 »

नीतिवचन 24:16 पद-दर-पद बाइबल टीका

नीतिवचन 24:16 — स्पष्ट संदर्भ और आध्यात्मिक अर्थ

पद: “क्योंकि धर्मी चाहे सात बार गिरे तो भी उठ खड़ा होता है; परन्तु दुष्ट लोग विपत्ति में गिरकर पड़े ही रहते हैं।” (नीतिवचन 24:16, HINIRV)

स्थापना एवं पाठ की देहलीज

यह श्लोक नीतिवचन के सामाजिक और नैतिक मार्गदर्शन में ऐसे समय का संकेत देता है जब व्यक्ति आत्मीय असफलताओं और कठिनाइयों से घिरा होता है। श्रेणीबद्ध शिक्षा के साथ कहता है कि धर्मी व्यक्ति बार-बार असफल होकर भी अंततः उठ खड़ा होता है, जबकि दुष्ट लोग विपत्ति में गिरकर ही रहते हैं। यह संदेश कर्म और परिणाम के बीच एक अपेक्षित संतुलन बनाता है: ईश्वर की न्यायपूर्ण व्यवस्थाओं के भीतर विश्वास, धैर्य और करवटें बदलने की क्षमता महत्वपूर्ण हैं।

ईश्वर, विश्वास और आशा की शिक्षाएँ

इस श्लोक में ईश्वर का लक्ष्य एक ऐसी चरित्र-चर्चा है जिसमें धैर्य, पुनरुत्थान और क्षमा-योग्य हारों के बावजूद भी righteousness की पुनर्स्थापना संभव है। धर्मी को बार-बार गिरना-उठना एक आंतरिक परिवर्तन की प्रक्रिया मानी जाती है, न कि केवल असफलताओं की गिनती। यह विश्वास दिलाता है कि परमेश्वर की कृपा और सिद्धता के साथ, गिरना भी पुनर्निर्माण का भाग बन सकता है।

कुंजी शब्दों और चित्रों का स्पष्टीकरण

  • धर्मी/धर्मी: वह व्यक्ति जो परमेश्वर के नियमों के अनुरूप आचरण करने का प्रयत्न करता है; उसकी विद्वत्ता और ईमानदारी उसे बार-बार परखे जाने के उपयुक्त बनाती है।
  • सात बार गिरना: बार-बार असफल होना; यह संख्या यहाँ पूर्णता का संकेत नहीं बल्कि बार-बार गिरना बताती है, फिर भी नहीं रुकना।
  • उठ खड़ा होना: पुनः कर्म-योजना, विश्वास और प्रेरणा के साथ आगे बढ़ना; यह न केवल जीवित रहने की बात है, बल्कि भविष्य के लिए नयी दिशा प्राप्त करना है।

अन्य बाइबिल संदर्भ

– व्यवस्थापक-चित्रण के अनुसार, भलाई और अन्याय के बीच संतुलन प्रस्तुत करने वाले verses: जैकब 8:12 और रोमियों 5:3-4 आदि संकेत करते हैं कि धैर्य-आशा से आध्यात्मिक उन्नति संभव है।

संदेश से जुड़ी थोड़ी सी अकादमिक टिप्पणी: पुराने प्रचारकों के अनुसार यह श्लोक दुष्टता के ठहराव तक सीमित नहीं रहता; यह विश्वासी के अंतर्मन के पुनर्निर्माण की प्रेरणा है।

आज के संदर्भ में व्यावहारिक अनुप्रयोग

— व्यक्तिगत कठिनाइयों में, आत्म-सम्मान बनाए रखना और बार-बार उठना सीखना: नीतिवचन यह दिखाता है कि असफलताएँ जीवन का हिस्सा हो सकती हैं, पर सत्य है कि परमेश्वर हर गिरावट के बाद उठने की सहायता देता है।

— परिवार-समुदाय और कार्यस्थल में, दूसरे लोगों के लिए दया तथा निराशा के समय में आशा बनना: एक धर्मी के लिए प्रेरणा यह है कि पुनः प्रयास में नकारात्मक परिस्थितियाँ पार हो सकती हैं।

— आत्म-संयम और प्रार्थना के साथ व्यवहार: गिरना असफलता नहीं, बल्कि एक अवसर है—ईश्वर पर टिके रहने का संकल्प इसे पुनः बल देता है।

क्रॉस-रेफरेंसेस और उनका संक्षिप्त स्पष्टीकरण

1) जकर्याह 4:6: “मुझ पर नहीं, बल्कि मेरे कारण”—कर्म और ताकत परमेश्वर की कृपा पर निर्भर होते हैं; धैर्यशीलता के साथ आस्था बनाए रखना आवश्यक है।

2) रोमियों 8:28: उद्धार और परिस्थिति-सम्बोधन के बीच भरोसा—परमेश्वर की योजना में हर चूक भी पूर्णता की ओर ले जाती है।

3) याकूब 1:12: परीक्षणों में स्थिर रहने वाले bless होता है—धैर्य की पूर्णता विकसित होती है।

सार-संशोषण

नीतिवचन 24:16 एक वास्तविक जीवन-संदेश है: ईमानदार नीति और विश्वास से चलते रहने पर अंततः पुनः उभरना संभव है। यह न केवल नैतिक शिक्षा है, बल्कि आध्यात्मिक जीवन की स्थिरता, जलते विश्वास और क्षमा-योग्यता का आह्वान है।

मानक उद्धरण: यदि किसी भाग में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के किसी छोटे-से वाक्यांश का उल्लेख पूर्व-निर्दिष्ट उद्धरण के रूप में हो, तो उसे सचेतन रूप से उद्धृत किया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

नीतिवचन 24:16 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

भजन संहिता 37:24 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 37:24 (HINIRV) »
चाहे वह गिरे तो भी पड़ा न रह जाएगा, क्योंकि यहोवा उसका हाथ थामे रहता है।

मीका 7:8 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मीका 7:8 (HINIRV) »
हे मेरी बैरिन, मुझ पर आनन्द मत कर; क्योंकि जैसे ही मैं गिरूँगा त्यों ही उठूँगा; और ज्यों ही मैं अंधकार में पड़ूँगा त्यों ही यहोवा मेरे लिये ज्योति का काम देगा।

भजन संहिता 34:19 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 34:19 (HINIRV) »
धर्मी पर बहुत सी विपत्तियाँ पड़ती तो हैं, परन्तु यहोवा उसको उन सबसे मुक्त करता है। (नीति. 24:16, 2 तीम. 3:11)

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें