नीतिवचन 5:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तू अपने ही कुण्ड से पानी, और अपने ही कुएँ के सोते का जल पिया करना*।

पिछला पद
« नीतिवचन 5:14
अगला पद
नीतिवचन 5:16 »

नीतिवचन 5:15 पद-दर-पद बाइबल टीका

नीतिवचन 5:15 का अर्थ और संदर्भ

सीधे शब्दों में कहें तो यह वच्नात एक स्पष्ट आह्वान है: अपनी पत्नी-सम्बन्धी अनुचित कल्पनाओं या अन्य के साथ जलन/व्यभिचार से दूर रहें; अपनी नैतिकता और पवित्रता को अपने ही विवाह-बन्धन के भीतर बनाए रखें। पंक्ति में कहा गया पानी—जो प्राकृत स्रोत के समान—अपने ही कुएँ के सोते से लेना चाहिए; अर्थात्สัตย์ और निष्ठा से अपने वैवाहिक दायित्व को निभाएं।

संदर्भ-परिप्रेक्ष्य

नीतिवचन के इस अध्याय में दार्शनिक और नैतिक शिक्षाएं पुरुष-स्त्री के विवाह-निष्ठा, पवित्रता, और誘惑ों से बचने के बारे में हैं। यहाँ व्यक्ति के लिए एक स्पष्ट, विशुद्ध मार्ग है: विवाह-व्रत का पालन और बाहर के आकर्षणों से दूरी। यह वचन नीति-जनित परामर्श है कि वैवाहिक संबंध को धारण करना और उसकी पवित्रता बनाए रखना जीवन का आशीर्वाद है, न कि उससे छिटकना।

व्याख्यात्मक बिंदु

  • आत्म-नियंत्रण की अहमियत: अपने वैवाहिक प्रेम और वचन के प्रति दृढ़ निष्ठा बनाए रखना।
  • विवाह-बंधन की पवित्रता: वैवाहिक संबंध को अन्य आकर्षणों से सुरक्षित रखना एक नैतिक कर्तव्य है।
  • आंतरिक संतोष बनाम बाहरी誘惑: परमुखी जीवन में संतोष पवित्रता को बनाये रखने का आधार है।

प्रमुख विचारधारात्मक Cross-references

- प्रेरितों के कर्म 20:28 के ढांचे में विवाह-बंधन और विश्वासघाती प्रवृत्ति के विरुद्ध एक आत्म-नियंत्रण का सिद्धांत मिलता है। - मत्ती 5:28-28 के संदर्भ में नयी सदाचार की मांग बताती है कि दिमागी विचार भी पाप का प्रवेश होते हैं, अतः सामान्य पारिवारिक शीलता को बनाए रखना आवश्यक है। - प्रथम कुरिन्थियों 7:2 में विवाह के भीतर संतोष और उचित वैवाहिक नैतिकता पर जोर है।

संक्षेप में, यह वचन यह प्रेरणा देता है कि वैवाहिक जीवन में संयम और निष्ठा ही वास्तविक सुख की कुंजी है, और बाहर के आकर्षणों से दूरी बनाए रखना विवेकपूर्ण जीवन का भाग है।

पिछले टिप्पणीकारों से न्यूनतम उद्धरण

यदि आवश्यक हो, तो नीचे दिए गए बिंदुओं में उनके सार को संक्षेप में लिया गया है, परन्तु पूर्ण पंक्तियाँ नहीं उद्धृत की गईं:

Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार-संयोजन से यह निष्कर्ष निकलता है कि विवाह-निष्ठा एक नैतिक व्यवस्था है जो व्यक्तियों को भीतर से शुद्ध और बाहरी आवेगों से सुरक्षा देती है। उनके विचारों के अनुरोध पर आप धरोहर-युक्त टिप्पणी के भीतर मूल-शैली के संकेत देख सकते हैं।

संवाद-संबंधी संदर्भ

विवाह-निष्ठा से जुड़े अन्य संकेतक साहित्यिक समसामयिक पाठों में प्रेम-धारणा, ईमानदार व्यवहार और नैतिक स्पष्टता को प्रमुख माना गया है। ये सभी एक सामान्य नैतिक ढांचे में जुड़ते हैं कि जीवन-संगठन और परिवार का स्वास्थ्य इसी व्यवस्था पर टिकता है।

संक्षिप्त निष्कर्ष

तू अपने ही कुण्ड से पानी, और अपने ही कुएँ के सोते का जल पिया करना—यही संदेश है। वैवाहिक प्रेम की पवित्रता बनाये रखना, आत्म-नियंत्रण से काम लेना, और बाहरी प्रलोभनों से दूरी रखना—ये तीनों मिलकर एक सुरक्षित और मंगलमय जीवन की नींव बनाते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

नीतिवचन 5:15 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

1 कुरिन्थियों 7:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 कुरिन्थियों 7:2 (HINIRV) »
परन्तु व्यभिचार के डर से हर एक पुरुष की पत्‍नी, और हर एक स्त्री का पति हो।

इब्रानियों 13:4 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
इब्रानियों 13:4 (HINIRV) »
विवाह सब में आदर की बात समझी जाए, और विवाह बिछौना निष्कलंक रहे; क्योंकि परमेश्‍वर व्यभिचारियों, और परस्त्रीगामियों का न्याय करेगा।

नीतिवचन 5:18 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नीतिवचन 5:18 (HINIRV) »
तेरा सोता धन्य रहे; और अपनी जवानी की पत्‍नी के साथ आनन्दित रह,

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें