नीतिवचन 5:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

इसलिए अब हे मेरे पुत्रों, मेरी सुनो, और मेरी बातों से मुँह न मोड़ो।

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नीतिवचन 5:7 पद-दर-पद बाइबल टीका

नीतिवचन 5:7 का अर्थ

इस पद का सार सरल है: ध्यान से सुनो, पुत्र, और मेरी सलाह को न छोड़ो; विवेक से निर्णय लो ताकि पथ गलत न हो जाए। यहाँ वक्ता पिता-सी प्रेरित करुणता से कह रहा है कि चुनी हुई मार्गदर्शन पर स्थिर रहना जीवन के लिए अनिवार्य है.

पृष्ठभूमि संदर्भ

नीतिवचन की किताब में सिंहावलोकन रूप में पिता-चेतावनी और उपदेश का क्रम है। अध्याय 5 में विवाह-नीतियों और पाप से विचलित न होने की चर्चा है। यह उपदेश पुत्र को एक स्थिर आचरण की राह दिखाता है ताकि वह न किसी रिश्ते या सांसारिक आकर्षण के जाल में फँसे, न ही विवेकहीन निर्णयों से अपनी प्रतिष्ठा और जीवन-यात्रा को खतरे में डाले।

व्याख्या के प्रमुख बिंदु

  • आवाज़ देना और विपरीत विचारों को ठुकराना: यह verse एक स्पष्ट आह्वान है कि इशारे की बातों को सुनना और उन पर अमल करना जीवन-पथ की सुरक्षा है।
  • सारगर्भित प्रेरणा: पिता-सी चेतावनी जीवन-सुख और नैतिकता की दिशा बताती है, ताकि पुत्र अपनी राह में स्थिर रहे और छल-फरेब से दूर रहे।
  • आत्म-नियंत्रण की महत्ता: सुनना क्या है और क्यों, इस का अर्थ स्वयं पर नियंत्रण बनाये रखना है—अनैतिक आकर्षण से बचना और विवेकपूर्वक निर्णय लेना।

संक्षिप्त थीमगत सूची

  1. श्रोता की कर्तव्य-भावना: मार्गदर्शक की बातों को मानना।
  2. अनुशासन और विवेक: लालच-प्रवृत्ति के कारणों से बचना।
  3. जीवन-मार्ग की सुरक्षा: सही मार्ग पर रहने से परिणाम सुखद रहते हैं।

अन्य पवित्र ग्रंथों से संबद्ध प्रतिकूल संदर्भ

1) नीतिवचन 4:23—दिल की सुरक्षा के लिए कल्पनाओं और इरादों पर निगाह रखना आवश्यक। यह verse बताता है कि विचारों की सुरक्षा पूरे चरित्र की सुरक्षा है।

2) यशायाह 30:21—तीर दिशा-संकेत देगी; जब आप किसी मार्ग पर चलते हैं, तो आपका कान मार्गदर्शक की आवाज को सुनते रहें।

3) 1 तीमथियुस 4:16—ध्यानपूर्वक शिक्षाओं पर निगाह रखो ताकि जीवन में सच्चे परिणाम सामने आएँ।

व्यावहारिक निष्कर्ष

- जो बातें आप पर असर डालती हैं, उन्हें पहले समझें और फिर उनका पालन करें।

- सुख-संबंधों और अवसरों में विवेक से निर्णय लें; परिश्रम और ईमानदारी से काम लें।

पुख्ता उद्धरण (एंट्री-स्तर समीक्षा)

पुस्तक-सम्पन्न टिप्पणीकार Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के प्रासंगिक अवलोकन से मिलता-जुलता विचार यह है कि आज्ञापरायणता और विवेक ही जीवन की सुरक्षा-चिन्ह हैं। (यद्यपि यहाँ हमने उनके शब्दों को हल्के-फुल्के संदर्भ में समाहित किया है, उनके विचार पारलौकिक पथ पर स्थिर रहने के लिए एक साथ चलने की प्रेरणा प्रदान करते हैं।)

नोट: यदि आवश्यक हो तो आप पैराग्राफ-रेखा में उनके ठोस विचारों के संक्षिप्त उद्धरण भी देख सकते हैं, परन्तु पूर्ण पाठ को यहाँ नहीं दिया गया है।

कैसे पढ़ें और लागू करें

अपने जीवन में इस निष्कर्ष को सीधे लागू करें: जिन्हें आप सुनते हैं, उनसे सीखें; असत्य और प्रलोभन से बचें; और हर निर्णय को ईश्वरीय मार्गदर्शन के अनुरूप देखिए।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

नीतिवचन 5:7 समानांतर पद और संबंधित वचन

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हे मेरे पुत्रों, पिता की शिक्षा सुनो, और समझ प्राप्त करने में मन लगाओ।

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हे मेरे पुत्र, ये बातें तेरी दृष्टि की ओट न होने पाए; तू खरी बुद्धि और विवेक* की रक्षा कर,

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अब हे मेरे पुत्रों, मेरी सुनो, और मेरी बातों पर मन लगाओ।

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